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अब बिहार का हर एक गांव होगा इंटरनेट से लैस

सरकार की प्रस्तावित योजना परवान चढ़ी तो बिहार के चप्पे-चप्पे में इंटरनेट का जाल बिछ जाएगा। सूबे की करीब साढ़े आठ हजार ग्राम पंचायतें इंटरनेट सेवा से जुड़ेंगी। इस पर तेजी से काम हो रहा है। सभी ग्राम पंचायतों को हाई स्पीड ब्राडबैंड सुविधा से जोड़ने के लिए केेंद्र ने बिहार सरकार को एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी के मुताबिक पहले चरण के तहत 50 परसेंट ग्राम पंचायतों को हाई स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ने का लक्ष्य है। इस संबंध में केंद्रीय संचार मंत्रालय ने विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग को पत्र भी भेजा है।

इससे यह उम्मीद बंधी है कि नये वित्तीय वर्ष 2019-20 में राज्य की 50 परसेंट ग्राम पंचायतों में हाई स्पीड इंटरनेट सेवा सुलभ हो जाएगी। ये पंचायतें भारतनेट प्रोजेक्ट के तहत इंटरनेट सेवा से जुड़ेंगी। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे 17 जिलों का भी चयन किया जा रहा है, जहां पर वाइ-फाइ स्थापित करने की योजना है।

ई-एग्रीकल्चर व ई-कामर्स को बढ़ावा

बिहार की ग्राम पंचायतों में इंटरनेट सेवा बहाल होने से ग्रामीणों तक स्वास्थ्य, शिक्षा, जीविकोपार्जन, दक्षता और डिजिटल ट्रेनिंग को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही गांवों में ई-एग्रीकल्चर तथा ई-कामर्स जैसी सेवाओं की सुविधा मिल सकेगी।

डिजिटल गांव बनाने का लक्ष्य

सरकार की मंशा ‘मेक इंन इंडिया’ के तहत हर ग्राम पंचायत को डिजिटल बनाने का लक्ष्य है। चूंकि बिहार के हर गांव को बिजली उपलब्ध करा दी गयी है, ऐसे में डिजिटल विलेज बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

तो मिलेगी फ्री इंटरनेट सेवा

बिहार की 6105 ग्राम पंचायतों में फ्री इंटरनेट सेवा देने का लक्ष्य है। पंचायतों के सभी बसावटों में इंटरनेट की सुविधा मिले, इसके लिए हर पंचायत में करीब पांच से छह वाइ-फाइ स्थापित किए जायेंगे। मार्च तक बिहार के भी 180 प्रखंडों की 2692 पंचायतों में ब्रॉड बैंड सेवा उपलब्ध करा दी जाएगी। बिहार में जिन ग्राम पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइवर बिछा दिया गया है, वहां पंचायत सरकार भवन या कॉमन सर्विस सेंटर में ब्रॉड बैंड उपकरण स्थापित किए जाएंगे तथा उसकी देखभाल व सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हें ही दी जाएगी।

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