अमेरिका के डलास में रहस्यमयी परिस्थितियों में पिछले अक्तूबर में अपने घर के नजदीक मृत मिली तीन वर्षीय भारतीय बच्ची शेरीन मैथ्यू को गोद लेने वाले पिता पर आज ग्रांड जूरी ने हत्या का आरोप लगाया. बच्ची को एक साल से भी कम वक्त पहले बिहार के नालंदा जिला स्थित नालंदा मदर टेरेसा अनाथ सेवा आश्रम अनाथालय से गोद लिया गया था. वेस्ले मैथ्यू के खिलाफ पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद बुधवार को हत्या का आरोप लगाया गया, जिसमें उसे मौत की सजा तक हो सकती है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु की वजह घातक हिंसा को बताया गया है. उन्होंने बच्ची को बिहार के एक अनाथालय से गोद लिया था. शेरीन को गोद लेने वाली मां 35 वर्षीय सिनी मैथ्यू पर भी बच्ची को छोड़ने का आरोप लगाया गया है. यह जुर्म साबित होने पर उसे दो से 20 साल तक की सजा हो सकती है और 10,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भी लग सकता है.

 

अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि शेरिन के साथ क्या हुआ था लेकिन अदालती दस्तावेज आरोप लगाता है कि 37 वर्षीय वेस्ले ने बच्ची पर घातक हथियार का इस्तेमाल किया जिस वजह उसकी मौत हुई. ग्रांड जूरी को हथियार इस्तेमाल करने के तरीके की जानकारी नहीं है. डलास काउंटी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी फेथ जॉनसन ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि हम विवरण में जा सकते हैं लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हम इस मामले में हत्या के आरोप लगाने को दृढ़ हैं. डलास काउंटी अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक, शेरीन को गोद लेने वाले पिता वेस्ले पर बच्ची छोड़ने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगा है.

 

उनकी चार वर्षीय जैविक बेटी की किस्मत पर भी अभी फैसला होना है. अन्य बाल संरक्षण सेवा (सीपीएस) की सुनवाई इस महीने के अंत में होनी है. मूल रूप से केरल के रहने वाले दंपती ने पिछले महीने अपनी जैविक बच्ची को देखने का भी अधिकार खो दिया था. वह ह्यूस्टन इलाके में परिवार के एक सदस्य के साथ रह रही है. शेरीन पिछले साल सात अक्तूबर को रिचर्डसन में स्थित अपने घर से लापता हो गयी थी और 22 अक्तूबर को डलास के उपनगरीय क्षेत्र के एक कल्वर्ट से खोजी कुत्तों ने उसके शव को ढूंढा. दांतों के रिकॉर्ड से उसके शव की बाद में शिनाख्त हुई. वेस्ले ने पुलिस को बताया कि उसने तड़के करीब तीन बजे दूध नहीं पीने की वजह से बच्ची को घर से बाहर खड़े होने को कहा था जिसके बाद वह लापता हो गयी. शव मिलने के बाद उसने अपनी कहानी बदल ली.

 

फेथ ने इस मामले में ह्यूस्टन में भारतीय महावाणिज्य दूत अनुपम रे की सहायता की भी सराहना की और उन्हें धन्यवाद कहा. रे और उपमहावाणिज्य दूत सुरेंद्र अधाना डालास काउंटी अदालत में उस वक्त मौजूद थे जब डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी जॉनसन ने आरोपों का एलान किया. अब न्यायाधीश सुनवाई की तारीख का एलान करेंगे. रे ने पीटीआइ को बताया कि वेस्ले और सिनी मुकदमे का सामना करेंगे. अभियोजक मामले को आगे बढ़ाएंगे ताकि इंसाफ हो सके.

Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *