बुधवार मध्य रात्रि से राज्यभर के ट्रक मालिक व चालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। बिहार राज्य मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन व विभिन्न जिलों के ट्रक एसोसिएशन के आह्वान पर सूबे के डेढ़ लाख से अधिक ट्रक वाले हड़ताल पर रहेंगे।
हड़ताल का समर्थन करते हुए ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के महासचिव राजकुमार झा ने बताया कि राज्य सरकार के दमनकारी कानून के खिलाफ हड़ताल हो रही है। लघु खनिज नियमावली 2017 में बनाए गए कठोर नियम से ट्रक चलाना मुश्किल हो गया है। फेडरेशन ने मंगलवार को सभी जिलों में हड़ताल को लेकर रणनीति बनाई।
कैमूर जिला ट्रक ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष जयप्रकाश सिंह ने बताया कि राज्य सरकार परिवहन उद्योग को लेकर तनिक भी गंभीर नहीं है। सरकार के नए दमनकारी कानून से ट्रक चालक पूरी तरह बेकार हो जाएंगे। कैमूर जिले के 250 से अधिक ट्रक संचालक सोन नदी से बालू लाने में लगे हैं। लोडिंग के दौरान वजन की व्यवस्था नहीं है। बालू के भीगे होने के कारण गाड़ी का वजन बढ़ जाता है। आरोप लगाया कि थोड़ा वजन बढ़ने पर पुलिस पैसे मांगती है। नए कानून में सीधे एफआईआर व जुर्माना की मोटी रकम के कारण व्यवसाय करने में डर लगने लगा है। फाइन करने का अधिकार खनिज विभाग, डीटीओ को है, लेकिन थाना वाले की मनमानी के चलते तीन-तीन महीने गाड़ियां थाने में खड़ी रहती है।

सभी जिलों में प्रभावित होगा कारोबार
सीमांचल ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष प्रधान ने बताया कि बुधवार रात 12 बजे से ट्रकों के पहिये थम जाएंगे। किशनगंज, अररिया, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार, दरभंगा के ट्रक मालिक हड़ताल में शामिल होंगे। नियम से माइनिंग विभाग ही बालू बेचेगा। सूबे में रजिस्टर्ड बालू के डिपो भी नहीं हैं। हमलोग रॉयल्टी के साथ बालू लोड करते हैं, फिर भी परेशान किया जा रहा है।

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