एम्स से लौटे जोशी बोले- शायद प्रकृति ने अटल को आज के हालात देखकर चुप करा दिया

एम्स से लौटे जोशी बोले- शायद प्रकृति ने अटल को आज के हालात देखकर चुप करा दिया

12th June 2018 0 By Kumar Aditya

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को एम्स में देखकर आए बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि अटल जी का इलाज चल रहा है और उनकी सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है. जोशी ने कहा कि अस्पताल में भर्ती अटल जी की हालत स्थिर है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि अटल जी से कोई भी मिल नहीं सकता है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी गिर गई है, जिस कमरे उन्हें रखा गया हैं वहां से सभी उन्हें बाहर से देख सकते हैं. हम सभी को उनके परिवार का सहयोग करना चाहिए.

 

 

अटल सरकार में मंत्री रहे जोशी ने कहा कि शायद प्रकृति ने उन्हें चुप इसलिए करा दिया है क्योंकि आज की राजनीतिक परिस्थिति को देखते हुए वह क्या कहते? अटल जी का अपनी बात कहने का अलग अन्दाज़ था. वो बड़ी से बड़ी बात को बड़े सहज रूप से कहने की क्षमता रखते थे.

 

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को बीते दिन दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था. एम्स ने बयान जारी करते हुए कहा है कि उनकी हालत स्थिर है, लेकिन अभी इलाज चल रहा है और उन्हें अस्पताल में भी रखा जाएगा. बीते दिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एम्स जाकर उनका हाल जाना था.

 

शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, वरिष्ठ बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत कई दिग्गज नेताओं ने एम्स में अटल बिहारी की तबीयत की जानकारी ली. मंगलवार को भी बड़े नेताओं के एम्स जाने का सिलसिला जारी है. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी वायपेयी का हाल जानने के लिए एम्स पहुंचे हैं.

 

किस बीमारी का हो रहा इलाज?

 

अस्पताल की ओर से रात पौने ग्यारह बजे जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में एम्स ने कहा है कि वाजपेयी को लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन और किडनी संबंधी दिक्कतों के बाद भर्ती कराया गया था. जांच में उन्हें यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन निकला है. बुलेटिन में कहा गया कि वाजपेयी का उचित इलाज किया जा रहा है और उन्हें डॉक्टरों की एक टीम की निगरानी में रखा गया है.

 

गौरतलब है कि वाजपेयी 1998 से 2004 तक देश के प्रधानमंत्री थे. उनका स्वास्थ्य खराब होने के साथ ही धीरे -धीरे वह सार्वजनिक जीवन से दूर होते चले गए और कई साल से अपने आवास तक सीमित हैं.

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