मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की आधारशिला सितंबर, 2017 में रखी गयी.

 

-तीन साल में विमान यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी है.

 

 

 

 

 

-उड़ान योजना 56 ऐसे एयरपोर्ट और 37 हेलीपैड पर सेवाएं शुरू हुई हैं, जो अब तक बंद थीं

 

 

-हवाई चप्पल पहनने वाले लोग भी हवाई जहाज में चलने लगे

 

-सड़क की आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. भारतमाला योजना को मंजूरी दी गयी है, जिससे गांवों को शहरों से जोड़ा जा रहा है.

 

-5.35 लाख करोड़ रुपये बाजार से जुटायेंगे.

इन्फ्रास्ट्रक्चर

 

-15 लाख करोड़ रुपये की जरूरत है जीडीपी को रफ्तार देने के लिए

 

-सेला पास में अंडरपास बनेगा

 

-सी प्लेन गतिविधियां बढ़ाने पर जोर देगी सरकार

 

-2 इंटर लिंक प्रोग्राम स्मार्ट सिटी मिशन और अमृत योजना की शुरुआत की

 

-100 स्मार्ट सिटी बनेंगे. 99 स्मार्ट सिटी पर 2.04 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे

 

-10 आइकॉनिक टूरिस्ट स्पॉट बनेंगे

 

-अमृत योजना के तहत सभी घरों में पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है

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-रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने कई कदम उठाये.

 

-8.33 फीसदी इपीएफ में सरकार देती है नये कामगारों के खाते में

 

-50 लाख युवाओं को 2020 तक ट्रेनिंग देने की सरकार ने व्यवस्था की है

 

-12 सप्ताह के मातृत्व अवकाश को बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया

 

-17 लाख रोजगार का सृजन हुआ इस साल

 

-12 फीसदी (वेतन का) इपीएफ में सरकार देगी नये कामगारों और अन्य सभी कामगारों के खाते में तीन साल तक

 

-इपीएफ में महिलाओं का अंशदान घटाकर 8 फीसदी किया गया

-मुद्रा लोन के लिए सरकार ने किया 3 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान

-मुद्रा योजना के तहत अब तक 10.78 करोड़ लोगों को लोन दिये गये. इससे बड़े पैमाने पर महिलाओं और अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग लाभान्वित हुए.

 

-एमएसएमई मुद्रा योजना के तहत लोन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा.

-प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से 13 करोड़ से अधिक लोग जुड़े. सरकार सभी गरीब घरों को, जिसमें एससी, एसटी शामिल हैं, को मिशन मोड के तहत इसे जोड़ेगी.

 

-प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गये बैंक खातों के जरिये विभिन्न योजनाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है.

 

-सुकन्या समृद्धि योजना 2015 में शुरू हुई. नवंबर 2017 में 1.26 करोड़ खुल चुके हैं. इसमें 19183 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं.

 

-187 प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गयी नमामि गंगे योजना के तहत

-16,713 करोड़ रुपये की योजनाएं गांवों में शुरू की गयी हैं

-कई योजनाएं शुरू होने वाली हैं

 

-गंगा के तट पर स्थित सभी गंगा ग्राम को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जा चुका है.

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-प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से 13 करोड़ से अधिक लोग जुड़े. सरकार सभी गरीब घरों को, जिसमें एससी, एसटी शामिल हैं, को मिशन मोड के तहत इसे जोड़ेगी.

 

-प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गये बैंक खातों के जरिये विभिन्न योजनाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है.

 

-सुकन्या समृद्धि योजना 2015 में शुरू हुई. नवंबर 2017 में 1.26 करोड़ खुल चुके हैं. इसमें 19183 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं.

 

-187 प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गयी नमामि गंगे योजना के तहत

 

-16,713 करोड़ रुपये की योजनाएं गांवों में शुरू की गयी हैं

 

-कई योजनाएं शुरू होने वाली हैं

 

-गंगा के तट पर स्थित सभी गंगा ग्राम को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जा चुका है.

स्वास्थ्य : सर्वे भवन्तु सुखिन:

-स्वस्थ भारत से ही समृद्ध भारत का निर्माण हो सकता है.

-आयुष्मान भारत परियोजना के तहत दो महत्वपूर्ण घोषणाएं

-1.5 लाख हेल्थ वेलनेस सेंटर लोगों के घर तक पहुंचेंगी. मुफ्त दवा और जांच सुविधा उपलब्ध करायेगी. 1,200 करोड़ रुपये का प्रावधान.

-इलाज पर लोगों को अपनी संपत्ति बेचनी पड़ती है. गरीब परिवारों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना 30 हजार रुपये की व्यवस्था करता है. हेल्थ केयर प्रोटेक्शन को नयी ऊंचाई पर ले जाना चाहते हैं.

-10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए नेशनल हेल्थ केयर प्रोटेक्शन स्कीम

-50 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे

-05 लाख रुपये प्रति परिवार प्रति वर्ष सुविधा मिलेगी

-दुनिया की सबसे बड़ी सरकार प्रायोजित स्वास्थ्य सेवा

 

-इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा. लोग स्वस्थ रहेंगे, तो उत्पादकता भी बढ़ेगी.

 

-इस परियोजना को आगे बढ़ाने पर भविष्य में विचार करेंगे.

 

-टीबी सबसे ज्यादा गरीबों की जान लेने वाली बीमारी है

 

-24 नये मेडिकल कॉलेज खोले जायेंगे. इसमें कई डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल्स को अपग्रेड किया जायेगा. यानी तीन लोकसभा सीट पर एक मेडिकल कॉलेज हो, इसकी व्यवस्था हम करेंगे.

 

-गांवों की स्वास्थ्य सेवा सुधारने के लिए हमने शौचालय का निर्माण शुरू किया है.

 

 

-गरीब की छोटी-छोटी चिंताओं और बड़ी-बड़ी समस्याओं को दूर करने की कोशिश कर रही है हमारी सरकार. गरीब महिलाओं को लकड़ी के धुआं से मुक्ति दिलाने के लिए उज्ज्वला योजना. 5 करोड़ महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिया गया. अब सरकार उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देगी.

 

-देश में हर गरीब के घर में रोशनी पहुंचे, इसके लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना की शुरुआत की गयी है. इस योजना के तहत देश के चार करोड़ गरीब घरों को बिना किसी शुल्क के बिजली कनेक्शन से जोड़ा जा रहा है. इस योजना पर 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं.

 

-घर का एक घंटा बिजली न हो, तो हम इधर-उधर दौड़ने लगते हैं. मशीनों के बारे में सोचने लगते हैं. उन महिलाओं, बच्चों के बारे में सोचिये, जिनके घरों में अब बिजली पहुंचेगी, तो किस तरह से प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना उनकी जिंदगी बदलने जा रही है.

 

-गरीब को भारत के स्वच्छ भारत मिशन से काफी लाभ हुआ है. सरकार ने 6 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनवाये. इससे नारी की गरिमा, बेटी की शिक्षा और पूरे परिवार की स्वास्थ्य सुरक्षा पर इसका असर पड़ा है. अगले वित्तीय वर्ष में 2 करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्य है.

 

-गरीब की एक चिंता रही है सिर पर एक अदद छत की. भ्रष्टाचार की कमाई से दूर ईमानदार गरीब एक घर चाहता है. हमारी सरकार उसकी पूरी मदद कर रही है. 2022 तक देश के हर गरीब के पास उसका अपना घर हो, हमारा यह उद्देश्य है. इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत की गयी है. ग्रामीण इलाकों में 2017-18 में 51 लाख और 2018-19 में 51 लाख मकान बनाये जा रहे हैं.

 

-शहरी क्षेत्रों में 37 लाख मकान बनाने के लिए मदद स्वीकृत की गयी है. सरकार ने नेशनल हाउसिंग बैंक के जरिये विभिन्न क्षेत्र के लोगों को लोन देने की व्यवस्था की है. नेशनल लाइवलीहुड मिशन के लिए 5000 करोड़ से अधिक की योजना को स्वीकृति देने का प्रस्ताव किया.

-बटाईदारों और लीज पर खेती करने वाले लोगों को भी लोन दिलाने की व्यवस्था करेगी. इन्हें अभी इन्हें सूदखोरों से पैसे लेने पड़ते हैं.

-2,000 करोड़ रुपये की एग्री-मार्केट डेवलपमेंट फंड से कृषि बाजार विकसित किये जायेंगे

-किसान क्रेडिट कार्ड का विस्तार होगा. मत्स्यपालन और पशुपालन से जुड़े लोगों को भी मिलेगा लाभ.

-अरुण जेटली ने किसानों के लिए संसद में बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के 75वें साल में किसानों की आय को दोगुना करने का सरकार का संकल्प है. उन्होंने कहा कि किसानों के हित में सरकार ने कई फैसले लिये हैं. सरकार ने तय किया है कि कृषि को लाभदायी बनाने के लिए किसानों को उत्पादन की लागत से कम से कम 50 फीसदी से अधिक यानी लागत से डेढ़ गुना दाम मिले. सरकार इस संकल्प के प्रति संवेदनशील रही है. रबी की अधिकांश अधिघोषित फसलों का समर्थन मूल्य लागत से डेढ़ गुना तय किया जा चुका है.

 

-वित्त मंत्री ने कहा कि तय किये गये सिद्धांत के अनुसार सरकार ने सभी अधिघोषित खरीफ फसलों का समर्थन मूल्य लागत मूल्य से डेढ़ गुना किया जायेगा. ऐतिहासिक निर्णय से किसानों की आय दोगुनी करने में मददगार होगा.

 

-सरकार किसी भी विषय को टुकड़ों में नहीं, समग्रता के साथ सुलझाने की दिशा में काम करती है. न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा देना ही पर्याप्त नहीं है. अधिक महत्वपूर्ण है कि घोषित एमएसपी का पूरा लाभ किसानों को मिले., जरूरी है कि बाजार के दाम एमएसपी से अधिक है, तो सरकार एमएसपी से खरीदी करे या अन्य व्यवस्था के तहत सुनिश्चित करे कि किसानों को पूरी राशि मिले.

 

-सरकार एक पुख्ता व्यवस्था करेगी, ताकि किसानों को उनकी फसल के उचित दाम मिलें. जिलों में कृषि क्लस्टर मॉडल विकसित करेंगे. इससे पहले उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर है. वर्ष 2016-17 में 275 मिलियन टन खाद्यान्न, 300 मिलियन टन फलों का उत्पादन हुआ.

-किसानों के कल्याण के प्रति सरकार प्रतिबद्ध है. 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का सरकार का लक्ष्य है. कृषि को एंटरप्राईजेज के रूप में स्थापित करेंगे, ताकि किसानों की आय बढ़े.

-सर्विस सेक्टर में 8 फीसदी की दर से हुई तरक्की

-ईज ऑफ लीविंग पर जोर दे रही है सरकार

-उज्ज्वला योजना के जरिये करोड़ों लोगों को एलपीजी कनेक्शन

-जनऔषधि केंद्रों पर 800 से ज्यादा दवाएं कम कीमतों पर बेची जा रही हैं.

-गरीबों को मुफ्त डायलिसिस सुविधा के लिए विशेष योजना

-गरीबों एवं मध्यम वर्ग को आवास ऋण योजना में बड़ी राहत दी गयी

-वर्ष 2014 में भाजपा के सत्ता संभालने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार हुए हैं. अब भारत दुनिया की सतवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है.

-भारत की अर्थव्यवस्था पटरी पर आ रही है.

-भारत की अर्थवयवस्था 7.25 फीसदी की विकास दर हासिल की है. भारत की अर्थव्यवस्था 2.5 ट्रिलियन हो गयी.

-सरकार के सुधार कार्यक्रमों से भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है.

-जीएसटी आने के बाद टैक्स कलेक्शन बढ़ा.

-भारत उभरती हुई अर्थव्यवस्था. विदेशी निवेश बढ़ा.

11:03 AM : अरुण जेटली संसद में पेश कर रहे हैं आम बजट

11:02 AM : 2 फरवरी, 2018 को दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि स्वरूप संसद की बैठक नहीं होगी.

11:00 AM : दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि. श्रद्धांजलि के बाद पेश होगा आम बजट

10:58 AM : विकास की राह को आगे बढ़ाने वाला बजट होगा : सुमित्रा महाजन

10:58 AM : सपने पूरे करने वाला होगा यह आम बजट : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

10:58 AM : दो मिनट बाद संसद में पेश होगा बजट.

10:44 AM : केंद्रीय कैबिनेट ने आम बजट 2018 को मंजूरी दी, सेंसेक्स 200 अंक चढ़ा

10:39 AM : भारतीय रेलवे के बजट में 150 अरब रुपये (करीब 27 फीसदी) की हो सकती है कटौती

10:38 AM : वर्ष 2018-19 का बजट एक बेहतरीन बजट होगा. यह आम लोगों और राष्ट्र के फायदे का बजट होगा : वित्त राज्यमंत्री शुक्ला

10:35 AM : सेंसेक्स 152 अंक ऊपर

10:22 AM : बजट से पहले सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त. सेंसेक्स 36,173 और 11,088 अंक पर.

10:22 AM : कैबिनेट की बैठक शुरू.

10:14 AM : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन पहुंचे.

10: 05 AM : केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में शामिल होने के लिए आने लगे हैं केंद्रीय मंत्री. 10:15 बजे संसद भवन पहुंचेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.

10:05 AM : बजट से पहले थोड़ी देर में शुरू होगी केंद्रीय कैबिनेट की बैठक.

10:02 AM : शेयर बाजार पर बजट का खुमार, बजट से पहले बाजार में तेजी, सेंसेक्स 150, निफ्टी 40 अंक ऊपर.

10:00 AM : देश की अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाली सरकार का आखिरी पूर्ण बजट, इसके बाद देश की जनता इनको दिखायेगी बाहर का रास्ता; शुरुआत राजस्थान से हो चुकी है!

9:55 AM : अरुण जेटली संसद भवन पहुंचे. आज पेश करेंगे चौथा आम बजट.

9:52 AM : बजट पेपर संसद भवन पहुंचा.

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-संसद में बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की

 

-पूर्व वित्त राज्यमंत्री @jayantsinha बोले : हमारी सरकार ने शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में काफी काम किया है

नयी दिल्ली : वित्त मंत्री अरुण जेटली गुरुवार सुबह 11 बजे संसद में आम बजट(2018-19) पेश करेंगे. मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल का यह पांचवां व अंतिम पूर्ण बजट होगा, क्योंकि अगले साल आम चुनाव है.

ऐसे में आम आदमी को काफी उम्मीदें हैं. माना जा रहा है कि बजट में टैक्स फ्री आय की सीमा ढाई से बढ़ा कर तीन लाख रुपये की जा सकती है. वेतनभोगियों को राहत देने के लिए सरकार फिर स्टैंडर्ड डिडक्शन शुरू कर सकती है. हालांकि पीएम ने संकेत दिया है कि बजट लोकलुभावन नहीं होगा और सरकार सुधारों के रास्ते पर आगे बढ़ती रहेगी. इस लिहाज से सरकार के समक्ष चालू वित्त वर्ष के दौरान राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 3.2% तक सीमित रखना बड़ी चुनौती है.

विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार बजट में कृषि क्षेत्र में निवेश व बड़ी ढांचागत परियोजनाओं पर खर्च बढ़ाने पर जोर होगा. आर्थिक सर्वेक्षण में भी कहा गया है कि सरकार का फोकस कृषि, शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तीकरण, स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन व श्रम सुधार जैसे मुद्दों पर होगा.

इसके अलावा उद्योग जगत, छोटे कारोबारियों के लिए भी कई उपायों की घोषणा हो सकती है. ‘मेक इन इंडिया’ के तहत निवेशकों की सुरक्षा के लिए भी कई घोषणाएं हो सकती हैं. उम्मीद तो यह भी है कि वित्त मंत्री वादे के अनुरूप कॉरपोरेट टैक्स की दर को घटा कर 25 प्रतिशत कर सकते हैं. अगले साल होनेवाले आम चुनाव से पहले इस साल करीब आठ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं.

ऐसे में बजट में नयी ग्रामीण योजनाएं आ सकती हैं, तो मनरेगा, ग्रामीण आवास, सिंचाई परियोजनाओं व फसल बीमा जैसे मौजूदा कार्यक्रमों के लिए आवंटन में बढ़ोतरी भी देखने को मिलेगी. राजमार्ग जैसी ढांचागत परियोजनाओं के साथ साथ रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए अधिक आवंटन किया जा सकता है. हालांकि सरकार के समक्ष बजट घाटे को कम करने की राह पर बने रहने की कठिन चुनौती भी है.

जीएसटी करेगा राह आसान

बजट में जीएसटी में सुधार पर भी फोकस रहने की उम्मीद है. सीआइआइ ने मांग की है कि वह जीएसटी को सरल और आसान बनाने के लिए बजट में इंतजाम करें. इससे न सिर्फ कारोबारियों को फायदा मिलेगा, बल्कि रिटर्न की संख्या बढ़ेगी. कारोबारियों के खर्च में कटौती होगी. टैक्स स्लैब की संख्या भी कम करने का इंतजाम कर सकती है.

 

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