छात्रा के साथ छेड़खानी किए जाने से मना करने पर शरारती युवकों ने परिजनों की पिटाई कर दी। इसके बाद परंपरागत हथियार के साथ पहुंचे दोनों पक्षों के लोगों के बीच जमकर मारपीट हुई। घटना जहानाबाद जिले के परसबिगहा थाना के नदपुरा गांव में सोमवार को हुई। इस घटना में एक पक्ष के जगेश्वर पासवान, जय कुमार पासवान, सचिन कुमार, सर्जुन पासवान, हरेन्द्र पासवान, वेदमिया देवी, राजीव कुमार, शंकर कुमार, सोनू कुमार, सोनी कुमारी तथा सुजीत कुमार जबकि दूसरे पक्ष से वकील सिंह, धर्मेन्द सिंह, रंजीत सिंह, रिंकू, गोलू, जितन यादव, सुखली यादव, ब्रिजू यादव, रामाधार यादव समेत कई लोग घायल हो गए। सभी का इलाज सदर अस्पताल में कराया गया है। इस संबंध में ग्रामीण शैलेश सिंह ने बताया कि गांव की छात्राएं झुनाठी पढ़ने जा रही थीं। इसी दौरान गांव के ही कुछ लड़के उन सभी बच्चियों के साथ अभद्र व्यवहार करने लगे। जिस जगह पर छेड़खानी की जा रही थी, उससे थोड़ी दूरी पर एक छात्रा के पिता खेत में काम कर रहे थे। छात्राओं द्वारा शोर मचाने पर वह पहुंचे और विरोध जताया तो शरारती युवक भी शोर मचाने लगे। काफी देर तक रणक्षेत्र में तब्दील रहा गांव देखते-देखते दोनों पक्ष के लोग परंपरागत हथियार लेकर जुट गए। काफी देर तक गांव रणक्षेत्र में तब्दील रहा। जिसके पास जो हथियार थे, उससे एक दूसरे पर हमला कर दिया। इस दौरान दहशत मचाने के लिए कई राउंड हवाई फायरिंग भी की गई। दूसरे पक्ष की बिमली देवी ने बताया कि वे लोग पासवान टोला में रहते हैं। बिजली बोर्ड द्वारा उक्त गांव में ट्रासफार्मर भेजा गया था। लेकिन, दूसरे टोले के लोग पासवान टोला में ट्रांसफार्मर नहीं लगाने दे रहे थे। इस बात को लेकर भी दोनों पक्ष में झड़प हुई थी। उन्होंने बताया कि एक धार्मिक स्थल और छात्रा को लेकर भी विवाद किया जा रहा है।  गांव में कैंप कर रही पुलिस इधर, घटना की सूचना मिलने के बाद झुनाठी पिकेट प्रभारी लक्ष्मी कान्त ने घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली है। उन्होंने फायरिंग की घटना से इंकार किया है। इधर, घटना को लेकर गांव में दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार है। गांव में पुलिस कैंप कर रही है। इस संबंध में थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि इस मामले में अभी किसी पक्ष के द्वारा शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस अग्रतर कार्रवाई करेगी। दो माह पहले एक छात्रा के साथ हुई थी दुष्कर्म की घटना दो महीना पहले भी इस गांव में एक छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना घटित हुई थी। उस घटना के बाद से ही दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार था। आज दोबारा छात्राओं के साथ छेड़खानी की घटना होने के बाद लोगों का सब्र का बांध टूट गया और दोनों पक्ष एक दूसरे से भिड़ गए।

छात्रा के साथ छेड़खानी किए जाने से मना करने पर शरारती युवकों ने परिजनों की पिटाई कर दी। इसके बाद परंपरागत हथियार के साथ पहुंचे दोनों पक्षों के लोगों के बीच जमकर मारपीट हुई। घटना जहानाबाद जिले के परसबिगहा थाना के नदपुरा गांव में सोमवार को हुई। इस घटना में एक पक्ष के जगेश्वर पासवान, जय कुमार पासवान, सचिन कुमार, सर्जुन पासवान, हरेन्द्र पासवान, वेदमिया देवी, राजीव कुमार, शंकर कुमार, सोनू कुमार, सोनी कुमारी तथा सुजीत कुमार जबकि दूसरे पक्ष से वकील सिंह, धर्मेन्द सिंह, रंजीत सिंह, रिंकू, गोलू, जितन यादव, सुखली यादव, ब्रिजू यादव, रामाधार यादव समेत कई लोग घायल हो गए। सभी का इलाज सदर अस्पताल में कराया गया है। इस संबंध में ग्रामीण शैलेश सिंह ने बताया कि गांव की छात्राएं झुनाठी पढ़ने जा रही थीं। इसी दौरान गांव के ही कुछ लड़के उन सभी बच्चियों के साथ अभद्र व्यवहार करने लगे। जिस जगह पर छेड़खानी की जा रही थी, उससे थोड़ी दूरी पर एक छात्रा के पिता खेत में काम कर रहे थे। छात्राओं द्वारा शोर मचाने पर वह पहुंचे और विरोध जताया तो शरारती युवक भी शोर मचाने लगे। काफी देर तक रणक्षेत्र में तब्दील रहा गांव देखते-देखते दोनों पक्ष के लोग परंपरागत हथियार लेकर जुट गए। काफी देर तक गांव रणक्षेत्र में तब्दील रहा। जिसके पास जो हथियार थे, उससे एक दूसरे पर हमला कर दिया। इस दौरान दहशत मचाने के लिए कई राउंड हवाई फायरिंग भी की गई। दूसरे पक्ष की बिमली देवी ने बताया कि वे लोग पासवान टोला में रहते हैं। बिजली बोर्ड द्वारा उक्त गांव में ट्रासफार्मर भेजा गया था। लेकिन, दूसरे टोले के लोग पासवान टोला में ट्रांसफार्मर नहीं लगाने दे रहे थे। इस बात को लेकर भी दोनों पक्ष में झड़प हुई थी। उन्होंने बताया कि एक धार्मिक स्थल और छात्रा को लेकर भी विवाद किया जा रहा है। गांव में कैंप कर रही पुलिस इधर, घटना की सूचना मिलने के बाद झुनाठी पिकेट प्रभारी लक्ष्मी कान्त ने घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली है। उन्होंने फायरिंग की घटना से इंकार किया है। इधर, घटना को लेकर गांव में दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार है। गांव में पुलिस कैंप कर रही है। इस संबंध में थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि इस मामले में अभी किसी पक्ष के द्वारा शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस अग्रतर कार्रवाई करेगी। दो माह पहले एक छात्रा के साथ हुई थी दुष्कर्म की घटना दो महीना पहले भी इस गांव में एक छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना घटित हुई थी। उस घटना के बाद से ही दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार था। आज दोबारा छात्राओं के साथ छेड़खानी की घटना होने के बाद लोगों का सब्र का बांध टूट गया और दोनों पक्ष एक दूसरे से भिड़ गए।

23rd July 2018 0 By Deepak Kumar

श्रावणी मेला का उद्घाटन समारोह 27 जुलाई को है। सुल्तानगंज मेला परिसर और कांवरिया पथ बोल बम के नारों से गूंज रहा है। बांग्ला सावन के बाद रोज 25 से 30 हजार कांवरिया सुल्तानगंज आ रहे हैं। गंगा किनारे के खतरनाक घाट कांवरियों की परीक्षा ले रहा है। महत्वपूर्ण घाटों पर तेजी से कटाव होने के चलते परेशानी बढ़ गयी है।
मेला शुरू होने में मात्र पांच दिन बचा है। लेकिन मेला क्षेत्र और कांवरिया पथ में सुविधाएं नहीं दिख रही है। कांवरिया मुख्य रूप से जहाज घाट और सीढ़ी घाट पर स्थान कर जल भरते हैं। लेकिन दोनों घाटों की स्थिति खतरनाक बनी हुई है। जहाज घाट के दोनों तरफ कटाव हो रहा है। कुछ जगहों पर कांवरियों को स्नान करने के लिए मिट्टी का बैग रखा हुआ है। लेकिन कटाव के चलते परेशानी बढ़ गयी है।
यही हाल नयी सीढ़ी घाट का भी है। अजगैबीनाथ मंदिर के सामने का घाट खतरनाक हो चुका है। गंगा में बैरिकेडिंग की गयी है,लेकिन उतरने का रास्ता ठीक नहीं है। घाटों पर फिसलन से परेशानी हो रही है। 27 के बाद रोज एक लाख से अधिक कांवरिया आएंगे तो हालत और बदतर हो सकती है।

पानी और बैठने का संकट
गंगा किनारे कांविरयों के लिए दो-तीन पानी का टैंकर लगा हुआ है। जहाज घाट पर पानी के टैंकर की जानकारी के लिए कांवरियों को दुकानदारों की मदद लेनी पड़ रही है। कांवरियों को बैठने और सामान रखने की व्यवस्था नहीं की गयी है। पूजा सामग्री खरीदने पर दुकानदार या पंडा की चौकी पर सामान रखने की सुविधाएं मिल रही है। घाट पर सबसे बड़ी समस्या महिलाओं को कपड़ा बदलने की है। दुकानदारों ने बताया कि दो जगहों पर कपड़ा बदलने के लिए रविवार से काम शुरू किया गया है। जहाज घाट पर एक चापाकल दिखा। दुकानदार और आसपास के लोगों ने बताया कि पानी कुछ देर में लाल हो जाता है।
घाटों पर रोशनी नहीं
घाटों पर रोशनी की व्यवस्था नहीं। 22 तक सभी विभागों को तैयारी पूरी करने का निर्देश दिया गया था। पीएचईडी, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री और पर्यटन मंत्री के अलावा मुख्य सचिव, राजस्व विभाग के प्रधान सचिव तैयारी की समीक्षा कर चुके हैं। लेकिन स्थिति में बहुत सुधार नहीं दिख रहा है। रविवार को भी कई मोहल्लों में बिजली काटकर मेंटेनेंस का काम किया जा रहा था। नाले की सफाई भी ठीक से नहीं हो पायी है।
दो दिन में सुविधाएं दिखने लगेगी
सरकार ने श्रावणी मेला को राजकीय मेला का दर्जा देने का निर्णय लिया है। लेकिन अब तक की तैयारी में इसकी झलक नहीं दिख रही है। घाटों पर तेजी से कटाव हो रहा है। अजगैबीनाथ के सामने के घाट को खतरनाक घोषित करते हुए बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने के लिए बाढ़ प्रमंडल के इंजीनियर को कहा गया है। दोनों घाटों को जेसीबी से समतल किया जाएगा। कटाव पर 24 घंटे निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। दो दिन में सुविधाएं दिखने लगेगी। – आशीष नारायण,एसडीओ सदर

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