जमुई में किसानों ने सड़क पर बहाया दूध

अखिल भारतीय किसान महासभा जिला कमेटी के नेतृत्व में दूध उत्पादक किसानों ने शहर के कचहरी चौक पर गुरुवार को जमीन पर दूध बहाकर सहकारी संघ के प्रति विरोध जताया। किसानों ने सहकारी संघ लिमिटेड के विरुद्ध नारेबाजी भी की। किसान विक्रमशिला दूग्ध उत्पादन सहकारी संघ लिमिटेड, भागलपुर द्वारा 11 व 12 जुलाई को दूध नहीं उठाव करने को लेकर आक्रोशित थे।

इसके पूर्व अखिल भारतीय किसान महासभा की ओर से कचहरी चौक पर धरना भी दिया गया। इसकी अध्यक्षता संघ के जिला सचिव मनोज कुमार पांडेय ने की। मौके पर भाकपा माले के जिला सचिव शंभूशरण ने कहा कि सहकारी संघ लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के फरमान से लगभग एक लाख दुग्ध उत्पादक किसानों का दो दिनों के अंदर लाखों लीटर दूध बर्बाद हो गया। किसानों को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि संघ के कर्मचारियों की मिलीभगत से कृत्रिम दूध का संग्रह किया जाता है। किसानों के दूध में फैट एसएनएफ में भी कटौती कर दूध की गुणवत्ता से छेड़छाड़ की जाती है। उन्होंने गव्य विकास बोर्ड की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जमुई डेयरी को बरौनी और बिहारशरीफ से जोड़ने की मांग की। मजदूर नेता वासुदेव राय ने कहा कि गोपालन से आर्थिक समृद्धि की बात खोखली है। किसान दूध फेंकने को मजबूर हैं। केन्द्र व राज्य सरकार किसानों के साथ भेदभाव कर रही है। बाद में सात सूत्री मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। इसमें जमुई डेयरी को बिहारशरीफ या बरौनी में शामिल करने, बीएमसी में धांधली की जांच, दूध का समर्थन मूल्य 30 रुपये प्रति लीटर, ससमय भुगतान, नियमित दूध का उठाव आदि मांग शामिल है। इस मौके पर कौशल ¨सह, पप्पू ¨सह, विजय ¨सह, अर¨वद यादव, विजय यादव, गुलशन ¨सह, महेन्द्र यादव, कमलेश्वरी मंडल, राकेश कुमार, मुन्ना कुमार, त्रिपुरारी मंडल, विपिन ¨सह समेत दर्जनों दुग्ध उत्पादन किसान मौजूद थे।

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