जम्‍मू-कश्‍मीर के बांदीपोरा मुठभेड़ में भागलपुर जिले के सुल्‍तानगंज के उधाडीह गांव के रहने वाले जवान निलेश कुमार नयन शहीद हो गए। वे 31 साल के थे। इंडियन एयरफोर्स में गरुड़ डिवीजन के कमांडो के रूप में मूलरूप से चंडीगढ़ में पदस्थापित थे।

बीते 3 तीन माह पहले जवानों को कमांडों ट्रेनिंग देने के लिए जम्मू-कश्मीर गए थे। बुधवार को दस बजे दिन में उनके पिता तरुण कुमार सिंह को चंडीगढ़ से सेना के कैप्टन का फोन आया कि उनके बेटे जम्मू-कश्मीर में हुए मुठभेड़ में शहीद हो गए हैं। सूचना मिलते ही उनके घर में कोहराम मच गया। गांव के लोग उनके घर पहुंचने लगे।

निलेश की पत्नी मिनिषा नयन और 14 साल की बेटी हिमांशी नयन चंडीगढ़ में ही रहती हैं। उनकी शादी 2016 में छत्तीसगढ़ में हुई थी। वे वर्ष 2005 में सेना में भर्ती हुए थे। पांच महीने पहले वे गांव आए थे। उनके पिता ने रो-रोकर बताया कि 9 अक्टूबर की रात में निलेश का फोन मां के पास आया था। उसने कहा था कि मां जनवरी के बाद आकर आपलोगों को चंडीगढ़ ले आऊंगा।

निलेश का छोटा भाई रितेश नयन भी सेना में है। वह राजस्थान के आवोहर में तैनात हैं। सुल्तानगंज के प्रखंड विकास पदाधकारी प्रभात रंजन निलेश के घर पहुंचकर उनके परिजनों को संत्वना दी। पिता ने बताया कि गुरुवार तक शहीद का पार्थिव शहीद घर पर पहुंचने की उम्‍मीद है। बता दें कि कुछ दिन पहले भागलपुर जिले के ही पीरपैंती के कमलचक गांव के रहने वाले सेना के एएसआई ब्रजकिशोर यादव भी आतंकी हमले में शहीद हुए थे।

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