झारखंड : भारी बारिश से कई जिलों पर मंडराया खतरा, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी


रांची : राजधानी में तीन दिनों में करीब 100 मिमी बारिश हुई. बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सरकुलेशन बनने के कारण राज्य के कई जिलों में लगातार तीन दिनों से बारिश हो रही है. तीन दिन पहले पूरे राज्य में सामान्य से करीब 23 फीसदी कम बारिश थी. तीन दिनों की बारिश के बाद यह पांच फीसदी पहुंच गयी है. राज्य जून से 24 जुलाई तक करीब 437 मिमी बारिश हो गयी है. अब तक 457 मिमी बारिश होनी चाहिए थी. राज्य के कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हो गयी है. राज्‍य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हो गये हैं.
मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक बीके मंडल ने 25 जुलाई को भी राज्य के कुछ जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान किया है. निदेशक ने कहा है कि अगले दो दिनों तक बंगाल की खाड़ी में मॉनसून सक्रिय रहेगा. इसका असर झारखंड के कई जिलों में दिखेगा.

हजारीबाग में बारिश से शहरवासी बेहाल, जलमग्न हुआ शहर

हजारीबाग में मूसलाधार बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया है. पानी की तेज बहाव से शहर की सभी नालियां जाम हो गयी. इसके कारण नाली का पानी सड़कों पर बह रहा है. कई जगहों पर नाली की व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कों पर पानी जमा हो गया है. गली-मुहल्ले में घुटने भर पानी बह रहा है. मुहल्लों के घरों में पानी घुस गया है. इसके कारण सोमवार को दिनभर विभिन्न जगहों पर लोग अपने घर से पानी निकालने में व्यस्त दिखे. बच्चे स्कूल नहीं जा सके. पानी की धार इतनी तेज थी कि छोटी गाड़ियां मुहल्लों से बाहर नहीं निकाल पायी.

शहर के मुख्य नाला कुम्हारटोली नाला का अतिक्रमण कर लिये जाने के कारण पानी का बहाव ठीक से नहीं हो पाता है. इसके कारण नाला का पानी कई घरों में घुस गया है. शहर के कृष्णापुरी, मटवारी, झिंझरियापुल, कचहरी रोड, वीमेंस कॉलेज रोड के मार्गों में नाली की नियमित सफाई नहीं होने से सड़क पर पानी का जमाव सबसे अधिक हो रहा है. झिंझरिया पुल के समीप पानी के तेज बहाव के कारण बसंत विहार कॉलोनी में कई स्कूली बच्चे सुबह नौ बजे बहने से बच गये.
मटवारी मुहल्ला से सदर ब्लॉक की ओर निकालनेवाले मार्ग से कॉलेज से आनेवाले छात्र-छत्राएं तेज पानी के चलते नहीं निकल पाये. 23 जुलाई की रात से लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों की दिनचर्या बदल गयी है. बारिश से बिजली भी बाधित रही. इससे घरों में लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पाया. उपभोक्ता दिनभर बिजली के इंतजार में बैठे रहें.

हैदरनगर : कुड़वा खुर्द के गांवों में घुसा पानी, ग्रामीण परेशान

सोमवार की दोपहर से लगातार मूसलाधार बारिश से मोकहर कला पंचायत के कुड़वा खुर्द गांव में बरसात के पानी घुसने से बाढ़ का विहंगम दृश्य ही नहीं उत्पन्न हो गया है, बल्कि इसकी चपेट में दर्जनों ग्रामीणों का घर पानी से घिर गया. इससे घर के सारे परिजन दूसरे स्थान पर शरण लिये हुए हैं. बचाव व राहत कार्य के तहत ग्रामीणों का दल पूरे गांव पर निगरानी रखते हुए माल मवेशियों को सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचाने व ग्रामीणों को हरसंभव राहत कार्य में जुटे हैं.
इस गांव में पहाड़ से बरसात के तेज प्रवाहित पानी उतरने के बाद मोकहर कला, करीमनडीह, नोखिला, कुड़वा खुर्द सहित अन्य गांवों के खेत खलिहानों में आते हैं. इस गांव के उत्तर पश्चिम दिशा से निकली नाला में मुख्य सड़क पर बनी पुल के पास कतिपय लोगों ने पक्का दीवार खड़ा कर जलप्रवाह को अवरुद्ध करने का कार्य किया. तीन दिन पूर्व ही इस दीवार को हटाने का मामला ग्रामीणों ने हैदरनगर थाना पहुंचाया था. इसपर पहल नहीं होने से पहाड़ से उतरने वाली व्यापक पानी अवरुद्ध होने से खेत खलिहान जलमग्न हो ही गया. साथ ही कुड़वा खुर्द गांव में पानी चढ़ने के बाद ग्रामीणों में अफरा तफरी मच गयी.

तेज बारिश के बाद भैरवी नदी का बढ़ा जलस्तर

लगातार भारी बारिश के कारण रजरप्पा मंदिर क्षेत्र में बाढ़ आ गयी है. भैरवी नदी का जलस्तर बढ़ने से बड़ी संख्या में दुकानों में पानी घुस गया है. वहीं नदी के किनारे बने अस्थायी दर्जनों दुकान बाढ़ में बह गये. उधर देर संध्या तक भैरवी नदी का पानी रजरप्पा मंदिर के बलि स्थल तक पहुंच गया है. इस तरह का नजारा पिछले कई वर्षों के बाद देखा गया है. उधर भैरवी के साथ दामोदर का भी जलस्तर बढ़ने से संगम स्थल बराबर हो गया. इस दृश्य को देखने के लिए नजदीक के क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे है.
इसके अलावे भैरवी नदी में बने छिलका पुल पर भी खतरे के निशान से छह से सात फिट ऊपर चला गया है. इस पुलिया का संपर्क रजरप्पा मंदिर से टूट गया है. गोला की ओर से आने वाले श्रद्धालु चितरपुर की ओर से पहुंच रहे है. हालांकि 24 घंटो से लगातार हो रही बारिश के कारण रजरप्पा मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी देखी गयी. मूसलाधार बारिश से भैरवी व दामोदर का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है.
नदी के किनारे कई दुकानों में घुसा पानी
भैरवी नदी के किनारे दुकान के मालिकों ने बताया कि रविवार संध्या दुकान बंद कर चले गये. रात में अचानक नदी का जलस्तर बढ़ा. दुकानों में रखे गये फूल, प्रसाद व अन्य पूजा सामग्री नदी में बह गये. इससे दुकानदारों को को हजारों रुपये की क्षति हुई है. कई दुकानदार पानी घुसने के बाद मंदिर पहुंचे और वस्तुओं को हटाया.
बारिश से जनजीवन प्रभावित
लगातार बारिश के कारण रजरप्पा कोयलांचल क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित है. लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे है. खास कर मजदूर तबके के लोगों को काफी परेशानी है. बारिश से विद्यालय, महा विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति भी कम रही.
मंदिर में पसरा रहा सन्नाटा
लगातार बारिश का असर मंदिर में दिखा. बारिश के कारण मंदिर में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा. सिर्फ कांवरियां ही मंदिर परिसर में नजर आये. इन श्रद्धालुओं ने वहां पूजा-अर्चना कर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया.
सूचना बोर्ड लगाया गया
रजरप्पा मंदिर विकास प्राधिकार संघ के द्वारा मंदिर में सूचना बोर्ड लगाया गया है. इस बोर्ड के माध्यम से लोगों को नदी की ओर एवं छिलका पल पार नहीं करने की सलाह दी गयी है. लिखा गया है कि गोला की ओर से आने वाले श्रद्धालु 500 मीटर दूरी पर बने उच्चस्तरीय पुल का प्रयोग कर मंदिर आये.

भुरकुंडा : बारिश ने नदी में उफान लाया, खेत खलिहान डूबे

क्षेत्र में विगत चार दिनों से हो रही बारिश से एक ओर नदी-नाले उफान पर है, तो दूसरी तरफ बारिश से खेल-खलिहान डूब गये हैं. धनरोपनी कर चुके किसानों के माथे पर बल है. ग्रामीण इलाकों में आधा दर्जन से अधिक खपरैल व मिट्टी के घर ढह गये हैं. सांकी में राजेंद्र सिंह, मेस्का, बलराम बड़ाइक, नथुन करमाली, बालेश्वर सिंह का खपरैल मकान ढह गया है. वहीं, जोबो, पाली, खपिया, सुथरपुर, कोड़ी, लेम, बीचा, अरमादाग, हरिहरपुर आदि गांवों में भी बारिश ने घर-मकान व फसल को नुकसान पहुंचाया है. सीसीएल के कोयला उत्पादन पर भी इसका असर पड़ा है. खासकर खुली खदानों में कामकाज लगभग ठप पड़ा है.
फोरलेन से मुश्किल हुआ भुरकुंडा पहुंचना
रामगढ़-पतरातू-रांची फोरलेन से भुरकुंडा पहुंचने के लगभग सारे रास्तों पर पानी का पहरा बैठ गया है. मुख्य मार्ग मतकमा चौक के पास तो तालाब बन चुका है. जहां से चार पहिया वाहन भी पार करना खतरे को चुनौती देने के समान है. बाजार की स्थिति नारकीय है.
दामोदर का जल स्तर तेजी से बढ़ा
पतरातू व आसपास के क्षेत्रों में 48 घंटों की लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है. क्षेत्र के नदी-नालों समेत सड़कों पर भी भारी जल जमाव है. पतरातू रेलवे कॉलोनी के पीछे से बहनेवाली दामोदर नदी का जल स्तर भी तेजी से बढ़ रहा है. दामोदर नदी उफान पर है. दामोदर नदी से ही रेलवे स्टीम व डीजल कॉलोनी में पेयजल की आपूर्ति की जाती है. नदी का जल स्तर बढ़ने के कारण इसमें लगाये गये पंप हाउस के पंप डूबने का खतरा होता है.
फिलहाल अभी सभी पंप ठीक स्थिति में हैं. दूसरी ओर पंप हाउस का छत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है. यहां कार्य करने वाले कर्मी डर-डर कर अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं. अगर छत से गिरने वाला पानी पंप में चला जायेगा तो वह भी खराब हो सकता है. और इससे पेयजल आपूर्ति बाधित हो सकती है.
चतरा- सोमवार को 47.7 मिलिमीटर वर्षा रिकॉर्ड किया गया

जिले में सोमवार को मुसलाधार बारिश हुई. जिससे खेतो में लबालब पानी भर गया. पानी होने से किसानो के चेहरे पर खुशी लौट आयी हैं. हालांकि दिनभर के बारिश से कई कच्चे मकानो को नुकसान हुआ हैं. सोमवार को 47.7 मिलिमीटर वर्षा रिकार्ड किया गया. जुलाई माह में 308 मिलिमीटर के विरूद्ध अब तक 232 मिलिमीटर बारिश हुआ हैं. बारिश के कारण कच्चे सडको पर जल जमाव व कीचड जमा होने से लोगो आने जाने काफी परेशानी हुई. शहर के जतराहीबाग स्थित डायवर्सन रोड में पानी भर जाने के कारण आवागमन में लोगो को दिक्कत हुई.
बोकारो : छिलका पुल पर तेज बहाव में फंसी कार, चार लोग बाल बाल बचे, बही कार

घाटोटांड़ : लगातार हो रही बारिश के कारण बोकारो नदी में बाढ़ आ गयी. बोकारो नदी पर छिलका पुल से गुजर रही एक कार बाढ़ के कारण नदी में फंस गयी. उस पर सवार लोगों ने किसी तरह बाहर निकल अपनी जान बचायी. प्राप्त जानकारी के मुताबिक 23 जुलाई की रात करीब 8.30 बजे एक कार घाटो की ओर से सारूबेड़ा की ओर जा रही थी. चेक पोस्ट पर तैनात सुरक्षाकर्मी ने कार चालक को रोका और बाढ़ की जानकारी देते हुए छिलका पुल से नहीं गुजरने की चेतावनी दी. लेकिन चालक सुरक्षाकर्मी को दुन्नी जाने की बात कह चेतावनी नजरअंदाज कर उसी मार्ग से चला गया.
रात के कारण में नदी में बहाव का अंदाजा नहीं लगा और चालक कार का पुल से पार कराने लगा. छिलका पुल के ऊपर चार फीट पानी के तेज बहाव में कार पुल में ही फंस गयी. पुल में बने गार्डवाल के कारण कार तेज धारा के बावजूद नदी में नहीं बही. कार में सवार चालक सहित चारों सवार खिड़की के रास्ते निकल कर अपनी जान बचायी. सुबह 8.30 बजे तक कार का ऊपरी हिस्सा दिख रहा था. लेकिन लगातार हो रही तेज बारिश के कारण नदी का जल स्तर बढ़ने लगा और 11 बजे के बाद कार पूरी तरह से डूब गयी.
नदी का बढ़ा जलस्तर, रास्ते बंद कराये गये
नदी में आयी बाढ़ के कारण पानी का बहाव छिलका पुल के पांच फीट ऊपर तक दिखने का मिला. सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षा टाटा स्टील सुरक्षा विभाग ने यह रास्ता बंद करा दिया है. टाटा स्टील द्वारा निर्मित यह पुल घाटो -सारूबेड़ा व रामगढ़ को जोड़ता है. टाटा स्टील प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि बारिश में इस मार्ग का उपयोग न करें. बाढ़ के कारण लोग वेस्ट बोकारो नया कांटा तथा हाउसिंग होकर आवागमन कर रहे हैं.
सिमडेगा : गड़गड़झरिया पुल का एप्रोच का हो रहा कटाव

सिमडेगा जिले में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बारिश के कारण राउरकेला-सिमडेगा एनएच 143 मुख्य पर स्थित गड़गड़झरिया पुल के पास रोड सह एप्रोच पथ का कटाव जारी है. माना जा रहा है कि कटाव इसी तरह जारी रहा, तो राउरकेला-सिमडेगा पथ पर आवागमन ठप हो सकता है.
जानकारी के मुताबिक, उक्त पथ ही ओड़िशा से झारखंड, बिहार, यूपी, एमपी, पंजाब व दिल्ली सहित अन्य महानगरों को भी जोड़ती है. इस पथ पर बसों के अलावा भारी वाहनों का आवागमन भी काफी संख्या में प्रतिदिन होता है. ओड़िशा से निकल कर अन्य राज्यों में भारी वाहनों का आना-जाना होता है. फिलहाल बोरा में बालू आदि भर कर कटाव को रोकने का प्रयास किया जा रहा है, किंतु वह नाकाफी है. अगर समय रहते विभाग द्वारा कटाव को नहीं रोका गया, तो एनएच 143 पर आवागमन भी ठप हो सकता है.

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