झारखंड में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए राज्य सरकार ने प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों का टेस्ट लेने का फैसला किया है. इस टेस्ट के जरिये सरकार यह जानने का प्रयास करेगी कि शिक्षक किस विषय में कमजोर है, जिसमें उसे प्रशिक्षण की जरूरत है. इस टेस्ट के बाद सरकार शिक्षकों को इन सर्विस ट्रेनिंग दिलाएगी. शिक्षकों का यह टेस्ट अगस्त माह में लेने की तैयारी चल रही है. इसके लिए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सभी जिलों के शिक्षा अधीक्षकों को तैयारी करने का निर्देश जारी किया है.

शिक्षा के स्तर में गिरावट के मद्देनजर उठाया गया कदम

शिक्षा विभाग की मानें तो प्रशिक्षण के पूर्व व प्रशिक्षण के बाद भी शिक्षकों का टेस्ट लिया जाएगा, ताकि इस बात का आकलन किया जा सके कि प्रशिक्षण के बाद शिक्षकों ने क्या सीखा. इसके लिए प्रखंड व जिला स्तर पर टेस्ट होगा. इसमें विषय टेस्ट का प्रारूप राज्य स्तर से तय किया जाएगा. इसके लिए झारखंड शिक्षा परियोजना को अधिकृत किया गया है. गौरतलब है कि बीते दिनों गिरिडीह में जिला स्तर पर प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों का टेस्ट लिया गया था, जिसमें आधे से अधिक शिक्षक पास नहीं हो सके थे.

अंग्रेजी की पढ़ाई पर जोर रहेगा

सरकार की योजना के मुताबिक सरकारी विद्यालयों में अंगरेजी की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम शुरू किया गया है. शिक्षकों को स्पोकन इंग्लिश के साथ-साथ इसके पठन-पाठन का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है. गौरतलब है कि बीते दिनों ब्रिटिश कॉन्सुलेट ने भी शिक्षकों को अंग्रेजी भाषा के प्रशिक्षण के लिए राज्य सरकार को सहयोग करने की बात कही थी.

शिक्षक संघ विरोध में उतरा

शिक्षकों के टेस्ट लेने के शिक्षा विभाग के निर्देश का शिक्षक संघ ने विरोध किया है. अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि सरकार के इस फैसले का शिक्षक इसका पुरजोर विरोध करेंगे. संघ के मुताबिक पहले सरकार शिक्षकों को पूरी तरह गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करे, उसके बाद टेस्ट लेने की बात करे. अभी भी शिक्षकों को आधार कार्ड बनवाने, बैंक खाता खोलने, मिड डे मील, बीएलओ जैसे कार्यों में लगाया जा रहा है.

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