राज्य में स्वास्थ्य मंत्री रहे तेज प्रताप यादव के कार्यकाल की जांच हो सकती है. उनके कार्यकाल के दौरान हुई कई प्रकार की गड़बड़ियों की लगातार शिकायतें मिल रही हैं. मंगलवार को गया में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान यह संकेत दिये. उन्होंने कहा कि अभी तक अपुष्ट सूत्रों से विभाग के पास कई मामले आ चुके हैं. कई लोगों ने लिखित रूप से भी शिकायतें दर्ज करायी हैं. मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बिहार को मिले पैसों में 80 प्रतिशत पैसे तेज प्रताप यादव के कार्यकाल के दौरान डंप कर दिये गये.

उन्होंने कहा कि उस दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बिहार को 10 हजार करोड़ रुपये दिये गये, जिसका प्रयोग नहीं किया गया. इसके अलावा भी कई घोटालों के संकेत मिल रहे हैं. इन सभी विषयों से जुड़े जरूरी तथ्य जुटाये जा रहे हैं. इसके बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी जायेगी. उन्होंने कहा कि चूंकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत केंद्र सरकार की ओर से पैसे उपलब्ध कराये जाते हैं. ऐसे में इसमें गड़बड़ी मिलने पर केंद्र सरकार के स्तर पर भी तेज प्रताप यादव के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो सकती है.

मंत्री श्री चौबे ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पहले लालू प्रसाद ने राज्य को चरागाह बना कर लूटा. उसके बाद परिवार के सदस्यों ने भी यही काम किया. मंत्री ने बताया कहा कि तेज प्रताप यादव ने अपने कार्यकाल के दौरान बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह से चौपट कर दिया. सभी मेडिकल काॅलेजों की व्यवस्था बिगाड़ कर रख दी. मेडिकल काॅलेजों में कई विषयों में पीजी की मान्यता नहीं मिल सकी. अस्पतालों में दवाओं की किल्लत हो गयी. मंत्री ने कहा कि तेज प्रताप यादव के कार्यकाल के दौरान किसी भी स्तर पर कोई काम नहीं हो सका.

Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *