सीएम नीतीश कुमार की दहेज मुक्त शादी की मुहिम का असर नालंदा जिले में हर जगह देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां लड़के के माता-पिता दहेज को लेकर अड़े थे। वहीं उनके पुत्र-पुत्रियां दहेज की मांग को ठुकराने का शपथ ले रहे हैं।चंडी प्रखंड के भगवानपुर गांव में बुधवार को ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला। जहां माता-पिता अपने लड़के की शादी दहेज लेकर करना चाह रहे हैं। वही लड़के को लड़की पसंद आ गई तो उसने बिना दहेज शादी करने को तैयार हो गया।बताया जाता है कि चंडी प्रखंड के गुंजरचक निवासी नवल राम का पुत्र पवन केरल के कोयंबटूर में ऑरविटी इंटरप्राइजेज कंपनी में काम करता है। करीब दस दिन पहले करायपरशुराय थाना क्षेत्र के बेरथू गांव निवासी जगनारायण प्रसाद अपनी पुत्री की शादी के लिए गुन्जरचक पहुंचे थे।उस समय लड़का के पिता दो लाख रुपये की मांग की थी। लेकिन शादी चालीस हजार रुपये और एक सेट बर्तन में तय हो गया। लड़की के पिता ने बताया कि उनकी पुत्री जूली फिलहाल भगवानपुर में अपने मौसा के घर रहती है। इस पर लड़का के पिता ने कहा कि लड़का खुद जाकर लड़की देख लेगा। लड़का पवन लड़की देखने भगवानपुर आया। उसे लड़की पसंद आ गई और वह लड़की के घर पर ही रूक गया। इधर भगवानपुर गांव के महिलाओं ने कहा कि जब लड़के के परिजन अपने लड़के को खोजते भगवानपुर पहुंचे तो लड़की के परिजन ने बताया कि उनका पुत्र यहां नहीं आया है।बुधवार को फिर जब लड़के के परिजन गांव पहुंचे और पुलिस बुलाने की बात कहने लगे तब लड़का घर से बाहर निकला। लड़के ने अपनी मां को कहा कि उसे लड़की पसंद है। वह बिना दहेज के ही शादी करेगा। इधर लड़के की मां फिलहाल अपने बेटे की शादी नहीं करने पर अड़ी हुई है। जबकि लड़का मंदिर में शादी के फैसले पर अडिग है।इस अनोखी शादी को लेकर लड़की और लड़के के परिजन में खींचतान चल रही है। आखिरकार पुत्र के जिद के आगे उसके पिता शादी के लिए राजी हो गए। और दोनों युवक-युवती ने मंदिर में शादी रचा ली।

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