सरकारी खाता में मार्च के बाद बची राशि को जमा करने में अधिकारी कोताही बरत रहे हैं। डीएम ने सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को दो दिन में बची राशि सरकार के खाते में जमा करने का निर्देश दिया।

 

ऐसा नहीं करने वालों के विरुद्ध आरोप पत्र गठित कर विभाग को भेजा जाएगा।सोमवार को डीएम की अध्यक्षता में विभिन्न विभाग के अधिकारियों की साप्ताहिक बैठक हुई। समीक्षा में पाया गया कि वित्त विभाग के निर्देश के आलोक में भागलपुर कोषागार में 57 करोड़ रुपए और नवगछिया कोषागार में चार करोड़ 21 लाख रुपए जमा किया गया है। अधिकांश निकासी पदाधिकारी द्वारा न तो राशि जमा की गयी है और न ही कोषागार को इस आशय का प्रमाण पत्र दिया गया है। डीएम ने नाराजगी जताते हुए सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी।

 

425 में से 19 निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी ने भागलपुर कोषागार में प्रमाण पत्र दिया है। इसमें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, बाल विकास परियोजना सुल्तानगंज, अनुमंडल कृषि कार्यालय, पौधा संरक्षण कार्यालय, उवि तिलकपुर आदि शामिल हैं। इसमें से कई निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी द्वारा बची राशि का भी ब्योरा दिया गया है। नवगछिया कोषागार में 106 में 12 निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों ने प्रमाण पत्र दिया है। वित्त विभाग ने पहले चार अप्रैल तक प्रमाण पत्र देने का निर्देश दिया था।

 

 

बाद में इसकी तिथि बढ़ाकर 13 अप्रैल कर दी गयी थी। वरीय कोषागार पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि वित्त विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि जो भी राशि जमा है उसे समेकित निधि में जमा करना है। इस आशय का प्रमाण पत्र भी देना है। प्रमाण पत्र नहीं देने पर अप्रैल महीने के वेतन की निकासी नहीं होगी। प्रतिदिन इसकी समीक्षा की जा रही है।

Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *