नक्सली साजिश : कैदी वाहन में बम फोड़ भागने का रचा था षडयंत्र

पटना में कैदी वाहन में बम फेंक कर नक्सलियों ने भागने की कोशिश की। इस दौरान गोलियां भी चलीं। लेकिन वे भागने में नाकाम रहे। समय रहते पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया और दोनों कैदियों को काबू में ले लिया गया। घटना के बाद 18 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। नक्सली सिकंदर और सोनू दोनों पीएलएफआई से जुड़े हैं। पटना सिटी कोर्ट में पेशी के बाद वाहन से 24 बंदी बेउर जेल ले जाए जा रहे थे। बेउर थाना के दशरथा मोड़ न्यू बाइपास पर मंगलवार दोपहर दो बजे जैसे ही कैदी वाहन पहुंचा, उसमें विस्फोट हो गया।
घटनास्थल बेउर जेल से करीब 500 मीटर दूर है। वाहन से पुलिस ने एक लोडेड रिवॉलवर, जिंदा बम और पटके गये बम के अवशेष को बरामद किया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि पूरी घटना में प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई की साजिश है। नक्सलियों ने ही कैदी बस से अपने साथियों को भगाने के लिये सिटी कोर्ट में ही बम और असलहे अपने साथियों को थमा दिये। मौका देखते ही सोनू और सिकंदर ने बम को बस के गेट पर मारा।
पुलिस महकमे में खलबली
कैदी वाहन पर हमले की खबर सुनते ही पटना पुलिस महकमे में खलबली मच गयी। आनन-फानन एसएसपी मनु महाराज सहित पूरी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गयी। कैदी वाहन को बेउर जेल ले आया गया। जहां एक-एक कर पुलिस अफसरों ने सभी बंदियों से पूछताछ की। इस घटना के दौरान कुछ सिपाही और बंदियों के घायल होने की खबर है। हालांकि एसएसपी मनु महाराज ने किसी के भी घायल होने की बात से इंकार किया है।
कोर्ट में 23 पुलिसकर्मी थे डयूटी पर
कोर्ट में कुल 23 पुलिसकर्मी डयूटी पर तैनात थे। सैप के चार जवान, छह अफसर और 13 सिपाहियों की ड्यूटी थी। इन्हीं की लापरवाही के कारण हथियार कोर्ट हाजत में नक्सलियों तक पहुंच गया। एसएसपी मनु महाराज के मुताबिक सभी पर जांच कर रही है और जल्द ही कार्रवाई भी कर दी जायेगी।

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