सारण में संचालित नॉन बैंकिंग कंपनी ‘इंडस वेयर इंड्रस्टीज लिमिटेड’ हजारों निवेशकों के करीब 50 करोड़ रुपये लेकर चंपत हो गई है। निवेशकों के साथ कंपनी ने अपने एजेंट्स को भी चूना लगाया है। उनके भी रुपये गबन कर लिए गए हैं।
जिन स्थानीय एजेंट्स ने कंपनी में लोगों के रुपये निवेश कराये हैं उनसे निवेशक अपने रुपये लौटाने का दबाव बनाये हुए हैं। इन एजेंट का चैन छिन गया है। तरैया व इसुआपुर प्रखंड के 25 एजेंट्स ने डीएम व भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को आवेदन देकर कंपनी से निवेशकों के रुपये दिलाने की गुहार लगाई है।
बीस से 50 हजार रुपये का किया है निवेश
इंडस वेयर इंड्रस्टीज लिमिटेड कंपनी में एक निवेशकों ने 20 से 50 हजार रुपये तक का निवेश किया है। उन्होंने अपने रुपये स्थानीय एजेंटों के माध्यम से निवेश किए हैं। कंपनी ने उनके निवेश किये गये रुपये के बदले रसीद व बांड पेपर दिया है। बांड पेपर पर उनके निवेश किय गये रुपये को साढ़े चार साल में दुगुना करने का वादा किया गया है।

एजेंट्स का कहना है कि उन्हें निवेश पर 6.15 प्रतिशत कमीशन देने का वादा किया गया था। कंपनी के अभिकर्ता व तरैया के भागवतपुर निवासी लालबाबू राय, डेवढ़ी के तारकेश्वर प्रसाद, अटौली के लखिन्द्र प्रसाद, धेनुकी के राजू सिंह व अन्य ने बताया कि वे बुरी तरह फंस गये हैं। वे घर की सारी संपत्ति बेच दें तो भी निवेशकों के रुपये नहीं लौटा पायेंगे।
सात साल पूर्व छपरा व मशरक में खुला था ऑफिस
कंपनी ने छपरा शहर व मशरक में अपना कार्यालय करीब सात साल पूर्व खोला था। सबसे पहले स्थानीय लोगों को कंपनी ने अपना एजेंट बनाया और पहला निवेश उन्हीं से करवाया। फिर ये एजेंट गांवों में लोगों से संपर्क कर कंपनी में रुपये निवेश कराने लगे। निवेशकों के सावधि जमा के साढ़े चार साल पूरे हुए तो वादे के अनुरूप निवेशक दोगुनी राशि की मांग करने लगे। पहले तो कंपनी के कर्मचारी टाल-मटोल करते रहे और फिर 2016 में कार्यालय बंद कर दिया गया।
एजेंट पहले भी कर चुके हैं शिकायत
इंडस वेयर इंड्रस्टीज लिमिटेड के स्थानीय अभिकर्ता (एजेंट) पहले भी कंपनी द्वारा निवेशकों के रुपये लेकर फरार हो जाने की शिकायत कर चुके हैं। इन अभिकर्ताओं ने बताया कि इसके पहले वे एसपी, मढ़ौरा एसडीओ व तरैया बीडीओ से मिलकर शिकायत दर्ज करा चुके हैं। उनसे इस मामले को बैंकिंग कोषांग में भेजने का अफसरों ने वादा किया था लेकिन एक साल बाद भी अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
एफआईआर दर्ज करायें निवेशक व अभिकर्ता
मढ़ौरा एसडीओ संजय कुमार राय ने इस बावत बताया कि यह मामला अपराधकृत है। निवेशकों को अभिकर्ताओं पर थाने में एफआईआर दर्ज करानी चाहिए। जांच पुलिस करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर तथाकथित अभिकर्ताओं को लगता है कि उनके साथ फर्जीवाड़ा किया गया है तो वे भी कंपनी के अफसरों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करावें। उन्होंने कहा कि बहुत पहले ये अभिकर्ता उनके यहां आवेदन लेकर आये थे तो उन्होंने उन अभिकर्ताओं को थाने में जाकर एफआइआर दर्ज कराने को कहा था। लेकिन अभिकर्ता थाने नहीं गये।

Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *