न्याय के साथ विकास के माध्यम से विकास की रोशनी घर-घर तक, समाज के हर तबके तक, हर इलाके तक पहुंचाई जा रही है:- मुख्यमंत्री

न्याय के साथ विकास के माध्यम से विकास की रोशनी घर-घर तक, समाज के हर तबके तक, हर इलाके तक पहुंचाई जा रही है:- मुख्यमंत्री

11th July 2018 0 By Kumar Aditya

 

पटना, 11 जुलाई 2018:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज छपरा के पुलिस लाईन स्थित मैदान में आयोजित जनसभा में रिमोट के माध्यम से सारण जिलान्तर्गत छपरा शहर के गाँधी चैक से नगरपालिका चैक के लिए डबल डेकर फ्लाईओवर का शिलान्यास एवं राज्य उच्च पथ संख्या-90 (मोहम्मदपुर-करणकुदरिया-छपरा पथ) 64.40 किलोमीटर लंबी पुल-पुलिया का निर्माण, सुरक्षात्मक कार्य एवं नाला निर्माण कार्य सहित 2 लेन मानक संरचना के अनुरूप

उन्नयन कार्य का उद्घाटन किया। 411 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले डबल डेकर

पुल का निर्माण अगले चार वर्षों में पूरा होगा।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सबसे पहले पथ निर्माण मंत्री एवं

विभागीय अधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दो मंजिला पुल का

निर्माण बिहार में पहली बार छपरा में हो रहा है, इसका लाभ लोगों को मिलेगा। उन्होंने कहा

कि ट्रैफिक जाम से यहां के स्थानीय लोगों को जूझना पड़ता था लेकिन डबल डेकर पुल के

 

बन जाने के बाद जाम से निजात मिलेगा। आज दो मंजिला पुल पथ का कार्यारंभ हो रहा है और एक और परियोजना का भी उद्घाटन हुआ है, यह बहुत ही खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि पथ निर्माण विभाग के इस आइडिया के लिए मैं उन्हें बधाई देता हूॅ। उन्होंने कहा कि आबादी बढ़ने के कारण आवागमन और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में एलिवेटेड रोड के सिवाय कोई दूसरा उपाय नहीं है। बिहार में सबसे अधिक मोटरसाइकिल की बिक्री होती है, जिसमें सारण और गोपालगंज में अन्य इलाकों की अपेक्षा मोटरसाइकिल की बिक्री ज्यादा होती है। डबल डेकर पुल का ऊपरी मंजिल पश्चिम से पूरब की ओर लोगों को ले जाएगा, जबकि निचला पुल पूरब से पश्चिम की ओर ले जाएगा। उन्होंने कहा कि पैदल चलने वालों के लिए भी व्यवस्था सड़क के दोनों तरफ की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र का नेशनल हाईवे है, जबकि राज्य का उच्च पथ है, जिसकी गुणवत्ता देखकर बाहर से आने वाले लोग भी काफी प्रभावित होते हैं। हमलोग सिर्फ सड़क नहीं बना रहे हैं बल्कि उसकी देखभाल की व्यवस्था भी सुनिश्चित कर रहे हैं और अब जिस सड़क का निर्माण हो रहा है, उसकी मेंटनेंस नीति भी लागू की जा रही है ताकि सड़कों की गुणवत्ता बरकरार रहे। अब ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत जो भी सड़कें बन रही हैं, उसमें भी इस नीति को लागू करने जा रहे हैं। मंेटेनेंस के अलावा पांच साल बाद सड़कों के मजबूतीकरण का काम भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों की तर्ज पर ही अब बिहार में सिर्फ पुलों का निर्माण ही नहीं होगा बल्कि उसके मेंटेनेंस की भी व्यवस्था तय की जाएगी। हमलोग हर गांव को सड़क से जोड़ने की योजना बनाये हैं ताकि कोई भी गांव पक्की सड़कों से वंचित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि 4 से 5 साल के अंदर हम सभी गांव को पक्की सड़कों से जोड़ देंगे, इसके लिए अतिरिक्त ब्याज पर भी हम ऋण लेकर संसाधनों का इंतजाम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के मजबूतीकरण और सुदृढ़ीकरण के कार्य को किया जायेगा, जिसे मुख्यमंत्री

 

ग्राम संपर्क योजना में भी हम अपना रहे हैं। गांव के टोले जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अति पिछड़े वर्ग के लोग रहते हैं, उन टोलों को भी पक्की सड़क से जोड़ने का

निश्चय किया गया है। इसके अलावा हर घर तक पक्की गली और नाली का निर्माण किया

जा रहा है ताकि लोगों को अपने घरों तक पहुंचने में सहूलियत हो सके। उन्होंने कहा कि

सात निश्चय योजना के तहत टोला संपर्क योजना के माध्यम से हर टोले को पक्की सड़कों

से जोड़ा जा रहा है, इसके साथ ही हर घर नल का जल, हर घर शौचालय निर्माण, हर घर

को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 8 जिलों में जून महीने तक हर

घर को बिजली उपलब्ध करा दी गई है और अगले 2 माह में 13 जिलों के हर घरों में भी

 

बिजली कनेक्शन मुहैया करा दिया जायेगा। इस वर्ष के 31 दिसंबर तक बिहार के हर घर में

बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर लोगों को मूलभूत सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध हो जाएगी

तो वह शहरों की ओर रुख करने की नहीं सोचेंगे। अब तो जिस तरह से लोगों को गांवों में

सभी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, ऐसे में अब लोग शहरों से अपने गांव की ओर लौटने

लगे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य

क्षेत्र में गति लाने के लिए श्री मंगल पांडेय हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। छपरा में मेडिकल

 

कॉलेज का निर्माण जल्द ही शुरू होने वाला है। उन्होंने कहा कि कई अस्पतालों में सुपर

स्पेशियलटी के माध्यम से दुरूह बीमारियों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

इस संदर्भ में कुछ दिन पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे0पी0 नड्डा से विस्तारपूर्वक चर्चा भी

हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्धावस्था पेंशनधारियों को पैसा नहीं मिल पाता था, ऐसे में

 

राज्य सरकार अपने संसाधनों की बदौलत सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ हर जरूरतमंद को पहुॅचाने की व्यवस्था कर रही है। न्याय के साथ विकास से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद समाज सुधार की दिशा में सशक्त अभियान पूरे बिहार में चलाया जा रहा है ताकि दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

कुरीतियों और कुप्रथाओं को खत्म किया जा सके। घर में लड़की पैदा होने पर लोग परेशान हो जाते हैं और दहेज के डर से कम उम्र में ही अपनी बेटी की शादी कर देते हैं, जिसको

 

देखते हुए नारी सशक्तिकरण की दिशा में साइकिल योजना, पोशाक योजना, जीविका समूह के गठन के अलावा अन्य और भी कई योजनाएं बिहार में शुरू की गई हंै। महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ते हुए बिहार में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2 वर्ष की उम्र पूरा करने वाली बालिकाओं को राज्य सरकार की तरफ से 5,000 रुपये मुहैया कराया जायेगा, जिसमें लड़की पैदा होने के वक्त उसके माता-पिता के खाते में 2000 रुपये, एक साल बाद आधार से लिंक होने पर 1,000 रुपये और 2 वर्ष की अवधि तक पूर्ण टीकाकरण होने पर पुनः 2000 रुपये उपलब्ध कराये जायेंगे। इसके अतिरिक्त पहले से चल रही पोशाक योजना की राशि में भी

बढ़ोत्तरी की गयी है, जिसमें कक्षा एक एवं दो में पढ़ने वाली लड़कियों को 400 रूपये की

जगह 600 रुपये, कक्षा 3 से 5 में पढ़ने वाली बालिकाओं को 500 के बजाय 700 रुपये, कक्षा

6 से 8 में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए 700 की जगह 1,000 रुपये और कक्षा 9 से 12वीं में

पढ़ने वाली छात्राओं को अब 1,000 की जगह 1,500 रूपये की राशि पोशाक के लिए प्रदान

 

की जाएगी। किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 7वीं से 12वीं में पढ़ने वाली लड़कियों को सैनेटरी नैपकिन के लिए पहले जहाँ 150 रुपये सालाना दिये जाते थे, अब उनकी जगह उन्हें 300 रुपये प्रदान किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि बाल विवाह पर लगाम लगाने के लिए इंटरमीडिएट पास करने वाली अविवाहित लड़कियों को 10,000 रूपये की राशि मुहैया कराने का राज्य सरकार ने फैसला लिया है, वहीं ग्रेजुएशन करने वाली लड़कियों को 25,000 रुपये मुहैया कराने का भी राज्य सरकार ने निष्चय किया है, वह चाहे कुंवारी हो या विवाहित। इस

 

प्रकार से लड़की के पैदा होने से ग्रेजुएट की पढ़ाई पूरी करने तक सरकार उस पर 54,100 रुपये खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि महिला और लड़की के बिना समाज आगे नहीं बढ़ सकता है।

 

बिहार में लागू हुई पूर्ण शराबबंदी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी से पहले पूरे बिहार में किस तरह का माहौल था। शाम 6 बजे के बाद गली, मोहल्ले, चैक, चैराहे पर क्या स्थिति हुआ करती थी, इससे हर कोई भलिभांति परिचित हंै। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद पूरे बिहार में शांति का माहौल है, लोगों के घरों में खुशहाली लौटी है, जो शराबबंदी के पूर्व घरेलू कलह, झगड़े और कोलाहल के रूप में देखने को मिलते थे। उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा शराब में गवां दिया करते थे और नशे की हालत में घर पहुंचकर अक्सर झगड़ा किया करते थे, शराबबंदी के बाद अब वह शाम को जब घर लौटते हैं तो उनके हाथों में सब्जी का थैला और चेहरे पर मुस्कान होती है। हालांकि अब भी कुछ ऐसे चंद धंधेबाज हैं, जो गिने-चुने सरकारी तंत्र के लोगों की मदद लेकर इसके अवैध व्यापार में जुटे हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों पर कार्रवाई तो हो ही रही है लेकिन जनजागृति में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए क्योंकि कुछ दिन पहले सर्जिकल स्प्रिट का सेवन करते हुए देखा गया। ऐसे में लोगों को इससे न सिर्फ बचना चाहिए बल्कि मादक पदार्थों का भी सेवन नहीं करना चाहिए। लोगों को हर हाल में अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहिए। न्याय के साथ विकास के माध्यम से विकास की रोशनी घर-घर तक, समाज के हर तबके तक, हर इलाके तक पहुंचाई जा रही है लेकिन इसका पूरा लाभ तभी मिलेगा जब हमें सामाजिक कुरीतियों और कुप्रथाओं से मुक्ति मिलेगी।

 

जनसभा में मौजूद लोगों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज सुधार के लिए निरंतर अभियान चल रहा है, उसमें आप सभी का सहयोग आवश्यक है, तभी हम अपने मकसद में कामयाब होंगे। जनसभा में मौजूद लोगों ने हाथ उठाकर मुख्यमंत्री के आह्वान का समर्थन किया।

 

पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव श्री अमृत लाल मीणा ने मुख्यमंत्री को पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं ने सामूहिक रूप से फूलों की बड़ी माला पहनाकर मुख्यमंत्री का जोरदार अभिनंदन किया। उद्घाटन एवं शिलान्यास के अवसर पर आयोजित जनसभा में बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट के द्वारा आज उद्घाटित की गयी परियोजना पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई, वहीं बिहार राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा आज शिलान्यास किये गए डबल डेकर पुल से संबंधित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई।

 

जनसभा को उप मुख्यमंत्री श्री सुशील मोदी, पथ निर्माण मंत्री श्री नंदकिशोर यादव, छपरा जिला के प्रभारी मंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पाण्डेय, सांसद श्री राजीव प्रताप रूड़ी, सांसद श्री जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, सांसद श्री जनक राम, विधायक श्री सी0 एन0 गुप्ता, प्रधान सचिव पथ निर्माण श्री अमृत लाल मीणा, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष श्री जितेंद्र श्रीवास्तव, ने भी संबोधित किया।

 

इस अवसर पर विधायक श्री मनोरंजन सिंह, विधायक श्री शत्रुघ्न तिवारी, विधायक श्री मिथिलेष तिवारी, विधायक श्री सुभाष सिंह, विधान पार्षद श्री सच्चिदानंद राय, विधान पार्षद श्री आदित्य नारायण पाण्डेय, अध्यक्ष जिला परिषद छपरा, मेयर छपरा नगर निगम, जदयू, भाजपा, लोजपा एवं रालोसपा जिलाध्यक्ष, सचिव ग्रामीण कार्य एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार, सचिव परिवहन श्री संजय कुमार अग्रवाल, आयुक्त छपरा प्रमण्डल श्री नर्मदेष्वर लाल, आई0जी0 तिरहुत रेंज श्री सुनील कुमार, डी0आई0जी0 छपरा श्री विजय कुमार वर्मा, जिलाधिकारी छपरा श्री सुब्रत कुमार सेन, पुलिस अधीक्षक छपरा श्री हरिकिषोर राय सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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