पटना:जुल्म के खिलाफ एससी,एसटी ओबीसी और मुस्लिम एकजुट हों

पटना:जुल्म के खिलाफ एससी,एसटी ओबीसी और मुस्लिम एकजुट हों

16th April 2018 0 By Kumar Aditya

राजधानी के गांधी मैदान में रविवार को इमारत-ए-शरिया की ओर से आयोजित ‘दीन बचाओ, देश बचाओ कॉन्फ्रेंस’ में बिहार के अलावा झारखंड और ओड़िशा से बड़ी संख्या आये मुस्लिमों ने शिरकत की. कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना सैयद मो वली रहमानी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मुल्क खतरे में है.

 

सरकार खौफ का कारोबार कर रही है. शरीयत पर हमला बोला जा रहा है. लोकतांत्रिक व्यवस्था के बीच आजादी छीनी जा रही है. हालात खराब हो चले हैं.

 

मुसलमानों का खून बहाया जा रहा है. एससी, एसटी, ओबीसी को भी प्रताड़ित िकया जा रहा है. इसलिए इस जुल्म और ज्यादती को मिटाने के लिए सभी मजलूमों को एक होना पड़ेगा. तभी देश विरोधी इन ताकतों का सामना किया जा सकेगा. कॉन्फ्रेंस में 10 सूत्रीय मांगों को सर्वसम्मति से पास किया गया. मो वली रहमानी ने कहा कि आज हम जो भी भोग रहे हैं, इसके कारण भी हम ही हैं. देश की बागडोर इनको सौंपते समय हमने गंभीरता से सोचा नहीं, इसलिए आज ये हालात हो गये हैं.

 

अब हमें अपने आंख-कान खुले रखने हैं. दुश्मनों को पहचानना होगा, ताकि हम उनका मुकाबला कर पाएं. उन्होंने कहा कि चार जजों को खुद मीडिया के सामने आना पड़ा. ऐसा इतिहास में पहली बार हुआ. इन जजों ने साफ कहा कि अदालतें खतरे में हैं. हालात को इस कदर तनाव भरा कर दिया गया है कि हर कोई खौफ में जी रहा है. जिंदा कौमें खौफ में नहीं रहतीं. देश विरोधी ताकतों का डटकर मुकाबला करती हैं. हमारी आंखें खुली हैं, हम शरीयत को बचाने का हौसला रखते हैं. अपने और वतन के लिए हम जागरूक हैं.

 

इंसानों का खून सस्ता और गाय का पेशाब महंगा

 

उन्होंने कहा कि मुसलमान अगर थैले में गोश्त लेकर जा रहा है तो उसकी पिटाई की जा रही है. मुसलमानों का खून बहाकर इनकाे मजा आता है. इंसानों का खून सस्ता हो गया है और गाय का पेशाब महंगा हो गया. हमें खुद को मजबूत करना होगा.

 

कॉन्फ्रेंस में कोलकाता के अबु तालिब रहमानी, महाराष्ट्र के मालेगांव से आये मौलाना महफूर उमरैन महफूज रहमानी, दिल्ली के मौलाना असगर इमाम मेहंदी, पूर्व सांसद मौलाना ओबैदुल्लाह खान आजमी, वामसेफ के अध्यक्ष वामन मेश्राम आदि ने विचार रखे. इन लोगों ने भी केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. मंच पर इमारत-ए-शरिया के महासचिव मौलाना अनीसुर रहमान कासमी, इदरा शरिया के सचिव हाजी सनाउल्ला आदि भी मौजूद थे.

 

कॉन्फ्रेंस में िबहार-झारखंड व ओड़िशा के मुिस्लम जुटे, 10 सूत्रीय प्रस्ताव पारित

मुसलमानों को सिखों से लेनी होगी सीख

 

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना सैयद मो वली रहमानी ने कहा कि 1984 में सिख दंगा हुआ. सिखों को बहुत नुकसान पहुंचा. मुआवजे के लिए सिखों ने कमर कसी तो सरकार को भी झुकना पड़ा. आज भी सिख लगातार कोर्ट में हाजिरी लगाने जाते हैं. अगर हमें हक चाहिए तो हमें आगे आना होगा. गंभीर होना पड़ेगा. सिखों से सीख लेनी चाहिए.

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