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पटना: बर्खास्तगी के खिलाफ महिला आयोग पहुंची 32 महिला सिपाही

महिला सिपाही सविता पाठक की मौत के बाद पटना पुलिस लाइन में हुए बवाल पर बर्खास्तगी झेल रही 32 महिला सिपाहियों ने इंसाफ की आस में बिहार राज्य महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया हैं. अपने खिलाफ हुई इस कार्रवाई के खिलाफ गुरुवार को महिला सिपाही आयोग के दफ्तर में पहुंची और अपने साथ हुए बर्ताव की शिकायत आयोग की अध्यक्ष से की.


महिला सिपाहियों ने अपनी बखास्तगी को गलत बताया और इंसाफ की गुहार लगाई. उन्होंने कहा कि हमें बड़े अधिकारी अकेले में बुलाते थे. उनकी शिकायत को संजीदगी से सुनने के बाद आयोग की अध्यक्ष ने इंसाफ का भरोसा दिलाया. राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष दिलमणि देवी ने बताया कि इस संदर्भ में डीजीपी से संपर्क किया गया है. उन्होंने बताया कि इस मामले पर जल्द ही बैठक बुलाई जाएगी.

गौरतलब है कि एक महिला सिपाही की मौत के बाद पुलिस लाइन में हुए बवाल मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 175 पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया था, जिसमें 32 महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं.
राज्य महिला आयोग की सदस्य उषा विद्यार्थी ने कहा कि महिला कांस्टेबल के साथ कड़ी कार्रवाई की गई है. उन्होंने सवाल किया कि अगर किसी कांस्टेबल ने सदमे में सुसाइड कर लिया तो कौन जिम्मेवार होगा? उन्होंने कहा कि महिला सिपाहियों ने ऐसी कोई गलती नहीं की कि उन्हें इतनी कड़ी सजा दी जाए.
क्या है मामला?
महिला सिपाही सविता पाठक की डेंगू से राजधानी के एक अस्पताल में मौत के बाद पुलिस लाइन में सहयोगी महिला पुलिसकर्मियों ने काफी बवाल मचाया था. महिला सहकर्मी की मौत के बाद गुस्साये महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों ने पटना के नवीन पुलिस लाइन के अंदर और बाहर सड़कों पर एसपी और डीएसपी जैसे आलाधिकारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था. इस घटना के बाद राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 175 पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया.

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