पटना मेट्रो की संशोधित डीपीआर को नगर विकास विभाग की मंजूरी, अगले माह केंद्र सरकार को सौंपा जायेगा प्रस्ताव

पटना मेट्रो की संशोधित डीपीआर को नगर विकास विभाग की मंजूरी, अगले माह केंद्र सरकार को सौंपा जायेगा प्रस्ताव

16th May 2018 0 By Kumar Aditya

पटना मेट्रो की संशोधित डीपीआर लगभग तैयार हो गयी है. मंगलवार को नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा के समक्ष उनके कार्यालय कक्ष में संशोधित डीपीआर का प्रेजेंटेशन दिया गया. एनआईटी के डीन संजीव कुमार सिन्हा ने डीपीआर तैयार कर रही कंपनी राइट्स की आपत्तियों का निराकरण करने के बाद मंत्री को तैयार डीपीआर की पूरी जानकारी दी.

 

मंत्री ने इस पर सहमति जताते हुए बताया कि जून में संशोधित डीपीआर केंद्र सरकार को सौंप दी जायेगी. इससे पहले अगले हफ्ते विभाग के वरीय अधिकारी मेट्रो रेल के सचिव से मिल कर उनको इसकी जानकारी देंगे. एनआईटी ने वर्ष 2030 की आबादी को ध्यान में रखते हुए कॉम्प्रीहेंसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी) तैयार किया है.

 

इसके आधार पर ही फिजिबिलिटी और सर्वे रिपोर्ट तैयार की गयी. यह सर्वे शहर के चार नगर निकायों पटना नगर निगम, फुलवारीशरीफ, खगौल और दानापुर को मिला कर किया गया. प्रतिनिधियों ने मंत्री को बताया कि सर्वे कितने प्वाइंट पर हुआ, पब्लिक का क्या ओपिनियन रहा और अंत में उसके निष्कर्ष क्या रहे.

 

सर्वे में मेट्रो ही सबसे मुफीद परिवहन

 

सर्वे में मेट्रो के अलावा परिवहन के दूसरे साधनों पर भी डेटा कलेक्ट कर रिपोर्ट तैयार की गयी. इसमें बस, लाइट रेल व मोनो रेल शामिल रही. सबसे अधिक 100 में 90 अंक मेट्रो रेल ने ही स्कोर किया. भविष्य की आबादी को ध्यान में रखते हुए मेट्रो को सबसे मुफीद परिवहन साधन बताया गया.

 

अब राइट्स इसी महीने संशोधित डीपीआर को अंतिम रूप देकर अगले महीने किसी भी दिन केंद्र सरकार को सौंप देगी. मंत्री ने कहा कि डीपीआर सबमिट होने के बाद अगले चरण में इसके वित्तीय प्रावधानों पर चर्चा होगी. बैठक में विभाग के विशेष सचिव संजय दयाल, मेट्रो रेलवे के नोडल अधिकारी प्रेमनाथ व एनआईटी की टीम मौजूद रही.

 

पहले दो रूटों पर मेट्रो चलाने का प्रस्ताव

 

मंत्री ने बताया कि पहले चरण में दो रूटों पर मेट्रो चलाने का प्रस्ताव है. ईस्ट-वेस्ट कॉरीडोर (सगुना मोड़ से पटना जंक्शन) और नॉर्थ-साउथ कॉरीडोर (पटना जंक्शन से अशोक राजपथ, राजेंद्र नगर, बहादुरपुर होते हुए प्रस्तावित आईएसबीटी तक). दूसरे रूट पर यात्रियों का अधिक दबाव और निर्माण सरल होने की वजह से पहले इस पर काम शुरू होने की उम्मीद है.

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