जिले में मंगलवार को शुरू इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले दिन तमाम सरकारी व्यवस्था कदाचारमुक्त परीक्षा की पोल खुल गई। 43 केंद्रों पर हुई परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से तो हुई लेकिन इस दौरान जमकर नियमों की धज्जियां उड़ाई गई। केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था लचर दिखी। सीसी कैमरे व अन्य व्यवस्था ने भी प्रशासनिक तैयारियों पर प्रश्नचिह्न खड़े किए। नवगछिया अनुमंडल के मदन अहिल्या महिला कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र से द्वितीय पाली में एक छात्रा को कदाचार के आरोप में निष्कासित कर दिया गया।

पहले दिन प्रथम पाली में जीव विज्ञान एवं दूसरी पाली में फिलॉस्पी व आरबी ¨हदी की परीक्षा हुई। दोनों पालियों को मिलाकर 7197 छात्र-छात्राओंमें से 158 परीक्षार्थी ही उपस्थित हुए। सीसी कैमरे की निगरानी एवं वीडियोग्राफी व्यवस्था का दावा करने वाले शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन की खामियां साफ दिख रही थीं।

सदर अनुमंडल में कदाचार मुक्त परीक्षा का दावा

हालांकि प्रशासन ने सदर अनुमंडल भागलपुर के 33 एवं कहलगांव के पांच केंद्रों पर कदाचार मुक्त परीक्षा संपन्न होने का दावा किया। लेकिन केंद्रों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था लचर व्यवस्था देखने को मिली।

मीडिया के प्रवेश पर था प्रतिबंध

कड़ी सुरक्षा और मुकम्मल व्यवस्था की कमियों को छुपाने के लिए इस बार जिला प्रशासन ने केंद्रों में मीडिया के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। जिस कारण अंदर की व्यवस्था पर मीडिया की नजर नहीं पड़ी। बावजूद इसके परीक्षा देकर निकले छात्रों से सवाल करने उन्होंने बताया कि मुस्लिम माइनॉरिटी स्कूल में महिला पुलिस समय पर नहीं पहुंच पाई थी।
एक बेंच पर दो की जगह बिठाए गए तीन परीक्षार्थी

जिला स्कूल में प्रश्न पत्र जरूरत के हिसाब से उपलब्ध नहीं होने के कारण वहां आधा घंटा विलंब से परीक्षा शुरू हुई। कई केंद्रों पर बड़े बेंच पर दो के बजाय तीन छात्रों को बैठाया गया था। कुछ केंद्रों पर पेयजल एवं द्वितीय पाली में रोशनी की भी मुकम्मल व्यवस्था नहीं दी। सूत्रों की मानें तो कुछ केंद्रों पर सीसी कैमरा भी ठीक से काम नहीं कर रहे थे।

निषेधाज्ञा का नहीं हुआ पालन

जिला प्रशासन ने केंद्रों पर शांतिपूर्ण परीक्षा के लिए शहरी क्षेत्रों में 100 मीटर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 200 मीटर की परिधि में धारा 144 लागू कर रखी थी। इसके अनुपालन के लिए पुलिस बल की भी प्रतिनियुक्ति की गई थी परंतु उसका प्रभाव कम दिखा।

परीक्षा केंद्रों के आसपास मंडराते रहे अभिभावक

राजकीय बालिका उच्च विद्यालय, जिला स्कूल, बरारी हाई स्कूल एवं सबौर में बालक एवं बालिका उच्च विद्यालय सबौर केंद्र के नजदीक ही लोग परीक्षा के दौरान मंडराते दिखे। हालांकि पुलिसकर्मी लोगों को बार-बार हट जाने का अनुरोध करते रहे जो बेअसर दिखा। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में निषेधाज्ञा के बावजूद केंद्रों के आसपास फोटो स्टेट की दुकानें खुली रहीं।

तलाशी के साथ केंद्रों में परीक्षार्थियों का प्रवेश

परीक्षा के दोनों पालियों में एसएम कॉलेज, मारवाड़ी कॉलेज, टीएनबी कॉलेज, बीएन कॉलेज, महादेव सिंह कॉलेज जिला स्कूल, मारवाड़ी पाठशाला, बरारी उ.वि., मोक्षदा बालिका इंटर स्कूल, राजकीय बालिका इंटर स्कूलों में छात्र-छात्राओं को केंद्र में प्रवेश के पूर्व गहन तलाशी ली गई। छात्राओं के केंद्र पर महिला पुलिस तलाशी के लिए लगाई गई थी।
कोट..

सदर में 15 केंद्रों का निरीक्षण किया। जिले में पहले दिन कदाचार मुक्त परीक्षा हुई है। एक छात्रा नवगछिया अनुमंडल से निष्कासित हुई है। वहां के वीक्षक एवं केंद्राधीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई होगी।

-फूल बाबू चौधरी, डीईओ भागलपुर।

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