पिता को मुखाग्नि देने से गांववालों ने दहेज लोभी शिक्षक को रोका, चिता पर घंटों पड़ा रहा शव

कटिहार : फलका प्रखंड के पोठिया ओपी क्षेत्र के मंडल टोला पोठिया के एक दहेज लोभी शिक्षक के खिलाफ पूरा समाज एकजुट हो गया और उसे सबक सिखाया. इस मामले में पत्नी भी अपनी पुत्री को हक दिलाने के लिए समाज के साथ पति को अपने पिता के चिता में अग्नि देने से रोक दिया. यह मामला पोठिया मंडल टोला निवासी रेलवे चतुर्थवर्गीय पद से सेवानिवृत्त रामचंद्र मंडल उम्र 62 वर्ष के घर नव वर्ष के दिन घटी. नव वर्ष के एक दिन पूर्व रात में रामचंद्र मंडल की आकस्मिक निधन हो गया.

ससुर की मौत की खबर सुनकर उनके पतोहू पल्लवी देवी अपनी पांच वर्ष की बेटी को लेकर ससुराल पहुंच गयी. वहां शिक्षक शशि कुमार मंडल व उनके परिजनों ने घसीट कर घर से बाहर निकाल रहा था. इसे देखकर समाज बहु के समर्थन में आ गया. बात इतनी बढ़ गयी कि चिता पर शव घंटों पड़ा रहा. चिता स्थल धीरे-धीरे रणभूमि में तब्दील हो गयी. जमकर हंगामा व हाथापाई भी हुई. पहले तो दहेज के लोभी शिक्षक शशि कुमार का कहना था कि हम पत्नी को नहीं रखेंगे और न ही ये मेरी पुत्री है. पुत्री और खुद का डीएनए टेस्ट की बात कर रहा था, लेकिन पंचायत के सरपंच मुरारी मंडल, समिति सदस्य प्रदीप प्रभा और समाजसेवी बिट्टू कुमार सहित समाज के सैकड़ों लोग बहु के समर्थन में डटे रहे.

बहू सहित समाज के लोगों का आरोप था कि दहेज के कारण शिक्षक शशि कुमार अपनी पत्नी को बराबर प्रताड़ित करता था. इसको लेकर पूर्व से न्यायालय में मामला चल रहा है. आज जब ससुर के मौत पर एकलौती पतोहू पहुंची, तो सुसराल पक्ष कहर ढाह रहा था. आखिरकार चिता स्थल पर ही एक पंचायती हुई. पंचायत में शिक्षक और उनके मौसा प्रदीप मंडल ने बिन दहेज पतोहू अपनाने की बात पर मामला शांत हुआ. फिर शिक्षक पुत्र शशि और मृतक के मासूम पोती रितिका उर्फ सिल्की कुमार ने मिलकर चिता को अग्नि दिया. समाज के लोगों ने कहा कि बाद में इसको लेकर गांव में पंचायत कर पति-पत्नी दूरी समाप्त किया जायेगा.
कहते हैं थानाध्यक्ष
पोठिया ओपी अध्यक्ष अमित कुमार ने कहा कि अगर पुतोहु आवेदन देती है, तो सुसराल पक्ष के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी. अपने पुत्री के हक के लड़ाई लड़नेवाली भागलपुर लोकमानपुर की पल्लवी के जज्बे को लोग सलाम कर रहे हैं.

Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *