राजधानी पटना के निजी स्कूलों को वर्तमान अवकाश के बाद खुलने से पूर्व अपने यहां सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। इसकी निगरानी के लिए अलग से कक्ष व कर्मचारियों की व्यवस्था करनी होगी। जो स्कूल सीसीटीवी कैमरा लगाने में असमर्थ हैं वे अपने ताले तबतक बंद रखेंगे जबतक कि ये लग नहीं जाएं। जिलाधिकारी कुमार रवि ने शुक्रवार को पटना समाहरणालय में निजी स्कूलों के प्रबंधकों के साथ हुई बैठक में यह चेतावनी दी।

 

स्कूली बच्चों की 21 को बनने वाली मानव शृंखला की तैयारियों को लेकर बैठक बुलाई गई थी। हालांकि, डीएम ने निजी विद्यालयों में सीसीटीवी लगाए जाने की प्रगति पर भी जानकारी ली। अधिकांश स्कूल प्रबंधकों की चुप्पी को देखते हुए डीएम ने सीसीटीवी आदि को लेकर चेतावनी दी।

 

शिक्षा अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर सारे स्कूलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा। स्कूल प्रबंधकों को स्कूली वाहनों में जीपीएस लगाने का भी आदेश दिया गया। कहा, दोनों आदेश पहले के हैं जिसे स्कूल प्रबंधकों ने आज तक नहीं माना है। इस बार सख्ती से कार्रवाई होगी। स्कूली बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

शिकायत सह सुझाव पेटी लगानी होगी

 

सभी निजी विद्यालयों को बच्चों व अभिभावकों की शिकायतों को सुनने के लिए शिकायत सह सुझाव पेटी लगानी होगी। 25 फीसद सीटों पर गरीब मेधावी व आरक्षित श्रेणी के बच्चों का दाखिला लेना होगा। सभी निजी विद्यालयों को अग्निशमन व्यवस्था का पालन करने एवं आपदा प्रबंधन के तहत अग्निशमन व्यवस्था के साथ-साथ आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण लेने को कहा गया।

 

वाहनों में इमरजेंसी गेट अनिवार्य

 

मीटिंग में कहा गया कि सारे वाहनों में एक इमरजेंसी गेट होना अनिवार्य है। बच्चों को लाने वाले वाहनों पर चालक, सहायक, के साथ ही आपातकालीन नंबर अंकित करना होगा। निजी विद्यालयों में फस्र्ट-एड की सुविधा मुहैया कराने का निर्देश दिया गया। स्कूल संचालकों ने जिलाधिकारी को बाल विवाह व दहेज उन्मूलन के समर्थन में आयोजित होने वाली मानव शृंखला को लेकर पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। इसके लिए छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह है।

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