फर्जी डॉक्टर ने किया ऑपरेशन, प्रेग्नेंट महिला और बच्ची की हो गई मौत.. 


सदर थाना क्षेत्र के पशुपालन कॉलोनी से सटे रामफल टोला में फर्जी तरीके से मेडिकल क्लीनिक चला रहे झोला छाप डॉक्टर द्वारा बुधवार की सुबह ऑपरेशन करने से एक गर्भवती महिला सहित उसके बच्चे की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही रामफल टोले के लोगों ने क्लीनिक के सामने हंगामा करना शुरू कर दिया, लेकिन उस फर्जी डॉक्टर ने अपने दलालों के जरिये दोनों शव को पीड़ित के घर पहुंचा दिया तथा क्लीनिक में ताला मारकर वहां से फरार हो गए।

पत्नी व बच्चे की मौत से आहत मजदूर अपने दो नौनिहाल बेटी को गोद में लेकर शव के निकट दहाड़ मारकर रोते रहे, लेकिन घटना की सूचना मिलने के बाद भी सदर थाना पुलिस किसी भी तरह की कार्रवाई करने से अंत अंत कतराती ही रही। आश्चर्यजनक यह कि इस घटना की जानकारी सदर एसडीओ सौरव जोरवाल तथा एसडीपीओ सुबोध कुमार विश्वास को भी दी गई।

सदर थाना पुलिस की गाड़ी पांच बार रामफल टोला पहुंची भी। बावजूद किसी भी तरह की कार्रवाई करना उचित नहीं माना गया। संपर्क करने पर सदर थानाध्यक्ष भाई भरत ने कहा कि पीड़ित द्वारा लिखित रूप में कोई जानकारी नहीं मिली है। जानकारी मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ पीड़ित मजदूर मनोज दास ने बताया कि उनकी पत्नी अन्नू भारती गर्भवती थी। मंगलवार की रात उसे पेट में दर्द हो रहा था। अधिक दर्द होने पर बुधवार के अहले सुबह उसने पत्नी को लेकर टोले में चलने वाले मेडिकल दुकान पर पहुंचे।

वहां पहुंचकर मेडिकल दुकान संचालक योगेंद्र ठाकर को पूरी जानकारी दी। मेडिकल दुकान संचालक ठाकुर उनकी पत्नी को अंदर ले जाकर जांच करने लगे। बाद में कहा कि उनकी पत्नी के पेट में पल रहे बच्चे की हालत ठीक नहीं है। इसका तुरंत इलाज करना जरूरी है। इलाज करने में 24 हजार रुपया लगेगा। तत्काल 5 हजार जमा करें। अपनी पत्नी की खराब हालत देखकर उसने मेडिकल दुकान संचालक की बात मान ली तथा तत्काल साढ़े चार हजार रुपए जमा कर दिया। बाद में मेडिकल दुकान संचालक ठाकुर ने एक दो नर्स की उपस्थिति में डॉक्टर बनकर उनकी पत्नी का ऑपरेशन करने लगे, लेकिन कुछ घंटे बाद बाहर आने पर कहा कि उसकी पत्नी की स्थिति अभी ठीक नहीं है। उसे दूसरे जगह ले जाना पड़ेगा।

इस बीच उसने जब अपनी पत्नी को देखा तो वे और उसके बच्चे भी मृत अवस्था में वहां पड़ा हुआ था। पीड़ित मनोज दास ने कहा कि इसके पूर्व भी इस फर्जी डाक्टर ने अपने इसी फर्जी क्लिनिक में ऑपरेशन करके दो अन्य महिलाओं की जान ले ली, लेकिन विरोध करने वाले सहित पुलिस को भी मोटी राशि देकर दोनों बार वे बच निकले। इधर सिविल सर्जन डॉ. अशोक सिंह ने बताया कि मेडिकल दुकान संचालक द्वारा ऑपरेशन करने से रामफल टोले के मजदूर मनोज दास की पत्नी व उसके बच्चे के मौत होने की मौखिक सूचना उन्हें भी मिली है।

उन्होंने अपने स्तर से एक जांच टीम का गठन किया है। जांच टीम गुरुवार को रामफल टोला पहुंचकर मामले की जांच करेगी। जांच टीम द्वारा तथाकथित डॉक्टर के डिग्री समेत उसके मेडिकल दुकान के अनुज्ञप्ति की जांच भी की जाएगी। पोस्टमार्टम के बिना श‌व को गांव ले जाकर दाह संस्कार कर दिया गया।

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