BHAGALPUR

बगैर तलवार के ही टीएमबीयू के छात्र करेंगे तलवारबाजी !

टीएमबीयू ने अपने खेल कैलेंडर में कई ऐसे खेलों को शामिल कर लिया है, जिसमें शिरकत करने के लिए न तो विवि के पास कोई खिलाड़ी उपलब्ध है और न ही इन संबंधित खेलों के लिए कोई संसाधन. अब हालात यह है कि, विवि ने भले ही खेल कैलेंडर में 32 खेलों को शामिल कर लिया, लेकिन जमीनी स्तर पर इनमें से तकरीबन आधे का भी आयोजन हो पाना मुश्किल लग रहा है. हास्यास्पद यह है कि, विवि के खेल कैलेंडर में शामिल तलवारबाजी के लिए विवि के पास एक भी तलवार तक उपलब्ध नहीं है.

 

इसके अलावा मलखंभ, वुशू, हॉकी व केर्नोइंग के भी संसाधन उपलब्ध नहीं हैं. समय-समय पर विवि प्रशासन की ओर से विवि खेल विभाग पर इन खेलों के आयोजन का दवाब तो बनाया जाता है, लेकिन विभाग के लिए मुसीबत यह है कि, संसाधन के अभाव में वह इन खेलों का आयोजन करे भी तो कैसे. इन खेलों को विवि के पूर्व कुलपति प्रो रमा शंकर दुबे के कार्यकाल में खेल कैलेंडर में शामिल किया गया था. लेकिन अधूरी तैयारियों की वजह से ये खेल सिर्फ कैलेंडर तक ही सिमट कर रहे गये.

 

केनोइंग व तलवारबाजी प्रतियोगिता कराने से किया था इंकार : विवि सूत्रों के अनुसार खेल कैलेंडर के अनुसार पीजी एथलेटिक्स यूनियन की मेजबानी में 10 दिन पूर्व में इंटर कॉलेज केनोइंग व तलवारबाजी प्रतियोगिता आयोजित किया जाना था. लेकिन संसाधन के अभाव के कारण पीजी एथलेटिक्स यूनियन ने आयोजन कराने से पहले ही हाथ खड़े कर दिये. यूनियन की ओर से कहा गया कि, खेल संबंधित संसाधन विवि के पास उपलब्ध नहीं है. ऐसे में आयोजन कैसे कराया जा सकता है. वहीं, महादेव सिंह कॉलेज की मेजबानी में इंटर कॉलेज बाॅक्सिंग प्रतियोगिता होना था. लेकिन बॉक्सिंग रिंग नहीं रहने के कारण आयोजन नहीं हो सका है.

 

वुशू ट्रॉयल में नहीं पहुंचे खिलाड़ी : विवि सूत्रों के अनुसार तीन दिन पूर्व में विवि क्रीड़ा परिषद में वुशू के लिए ट्रॉयल प्रतियोगिता हुई थी, ताकि विवि की वुशू टीम बन सकें. लेकिन ट्रॉयल के लिए एक भी वुशू खिलाड़ी खेल विभाग में नहीं पहुंचे. ऐसे में वुशू टीम नहीं बन सकी. लेकिन इस खेल को भी विवि खेल कैलेंडर में शामिल किया गया है.

 

दो साल से नहीं बन पा रही हॉकी टीम :

खेल कैलेंडर में दो साल पहले ही हॉकी खेल को शामिल किया गया. पर इसके लिए विवि में महिला व पुरुष टीम अबतक नहीं बन सकी है. कॉलेज स्तर पर हॉकी खेल के लिए खिलाड़ी तक नहीं मिल रहे हैं. ऐसे में हॉकी खेल पर भी सवाल उठने लगा है.

 

खेल उपकरण खरीदने के लिए विभाग के पास नहीं हैं पैसे

खेल विभाग के सचिव प्राे सदानंद झा ने कहा कि खेल उपकरण खरीदने के लिए विभाग के पास राशि नहीं है. पूर्व के विवि प्रशासन द्वारा उन पांच खेलों को कैलेंडर में जोड़ा गया है. उस कार्यकाल में वह सचिव नहीं थे. विभाग द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि सभी खेलों का आयोजन हो. इसमें संसाधन की कमी नहीं आने दी जायेगी. लेकिन कॉलेजों के पास खेल मद में जमा राशि अबतक विवि में जमा नहीं करने से खेल विभाग को राशि नहीं मिल पा रही है.

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