Bihar

बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा होगी कड़ी, अत्याधुनिक बीओपी का हुआ निर्माण

बांग्लादेश सीमा पर पशु तस्करी और और घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए बीएसएफ द्वारा भारत बांग्लादेश सीमा पर नये बीओपी बनाए जा रहे हैं। गृह मंत्रालय के निर्देश पर सीमा की सुरक्षा कड़ी करने के मद्?देनजर बॉर्डर आउट पोस्ट की संख्या बढ़ाई जा रही है। एक बीओपी से दूसरे बीओपी की दूरी कम होने पर जवान चौकस व मुस्तैद रहें। यही वजह है कि सेक्टर मुख्यालय खगड़ा, किशनगंज के अधीन आने वाले 290.56 किलोमीटर लंबी बांग्लादेश सीमा पर 30 नए बीओपी का निर्माण किया जा रहा है। जिनमें से दो बीओपी बनकर तैयार हो गए हैं तथा शेष 28 बीओपी का निर्माण सेंट्रल पब्लिक व‌र्क्स डिपार्टमेंट द्वारा तेजगति से किया जा रहा है।

नॉर्थ बंगाल फ्रंटियर के आइजी अजमल ¨सह कठार के द्वारा अंडीगच्छ और बड़ा आनंदी बीओपी का आज विधिवत उदघाटन करने के बाद इन्हें 135 वीं बटालियन के जवानों को सौंप दिया जाएगा। बड़ा आनंदी बीओपी का निर्माण भौराघाटी और ग्वालगच्छ बीओपी के बीच किया गया है। जबकि ग्वालगच्छ और कुमार गच्छ के बीच अंडीगच्छ बीओपी का निर्माण किया गया है। बीएसएफ से मिली जानकारी के अनुसार नव निर्मित अत्याधुनिक बीओपी में जवानों को बेहतर सुविधा मिलेगी। वहीं बीओपी के सुरक्षा क्षेत्र का दायरा कम हो जाने से जवान सीमावर्ती इलाकों में कड़ी निगरानी कर सकेंगे।बताते चलें कि भारतीय सीमा की सुरक्षा के लिए बांग्लादेश सीमा पर किशनगंज हेडक्वार्टर द्वारा 63 बीओपी बनाए गए हैं तथा बीएसएफ की 5 बटालियन सीमा की सुरक्षा में तैनात है। इनमें से 109वीं,139वीं व 167 वीं बटालियन किशनगंज सेक्टर मुख्यालय में तैनात हैं। जबकि 171वीं व 146वीं बटालियन की तैनाती पांजीपाड़ा में की गई है। वहीं बीएसएफ की एक बटालियन फिलहाल एनडीआरएफ टीम के रूप में राज्य सरकार को अपनी सेवाएं दे रही है।

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कोट:-

बांग्लादेश सीमा पर अत्याधुनिक बीओपी निर्माण का कार्य द्रुत गति से जारी है। जिनमें से दो बीओपी बनकर तैयार है। उदघाटन के बाद इसे जवानों को सौंप दिया जाएगा। 63 पुराने बीओपी का भी जीर्णोद्धार किया जा रहा है। सीमा पर तैनात जवानों को बेहतर सुविधा देने के लिए अत्याधुनिक बीओपी का निर्माण कराया जा रहा है। – देवी सरण ¨सह, डीआइजी, सेक्टर मुख्यालय बीएसएफ खगड़ा।

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