बिटक्वाइन (आभासी मुद्रा) का प्रचलन भले ही बढ़ रहा हो, हकीकत यह है कि भारत में ऐसे ट्रांजैक्शन को मान्यता नहीं मिली है। इसके बावजूद डिजिटल करेंसी माने जाने वाले बिटक्वॉइन का प्रचलन दिल्ली सहित अन्य बड़े शहरों के बाद पटना में भी बढ़ रहा है।

अंडरग्राउंड एजेंटों के झांसे में आकर कम समय में दो गुना से तीन गुना रकम कमाने के चक्कर में लोग बर्बाद हो रहे हैं। नियम-कानून को ठेंगा दिखाकर बिटक्वाइन के धंधेबाज करोड़ों रुपए का व्यारा-न्यारा कर रहे हैं। रातोंरात रईस बनाने का ख्वाब दिखाकर बिटक्वाइन के एजेंट पटना में भी 15 सौ से दो हजार लोगों के साथ लाखों रुपए की ठगी कर फरार हो गए हैं।

निवेशकों की तलाश में दिल्ली से पटना आता है एजेंट
सिस्टम की आंख में धूल झोंककर धंधा कर रहे बिटक्वॉइन के धंधेबाज पिछले कुछ वर्षों से बिहार में पैठ बना रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर ठगी का शिकार हुए एक युवक ने बताया कि बिटक्वाइन से दो गुना पैसा कमाने की जानकारी उसे एक दोस्त से हुई थी। इसके एजेंट से वह चार माह पूर्व एग्जीबिशन रोड स्थित एक नामी होटल में मिला था।

बताया जा रहा है एजेंट पूर्व रियल एस्टेट कारोबारी था। उसकी कंपनी ने पहले बिहार और दिल्ली में इसी तरह की स्कीमों में लोगों के कई करोड़ डुबोए हैं। उसकी कंपनी के दो पार्टनर जेल की हवा खा रहे हैं। इस कारोबारी का भाई बिटक्वाइन का बड़ा एजेंट है और उसका कनेक्शन दिल्ली के एजेंट ठकराल से है। पटना के नामी होटलों में ठहरता, यहां के लोगों को बिटक्वाइन खरीदने और बेचने के नाम पर दो गुने फायदे का झांसा देता है।

उसे बताया गया कि बिटक्वाइन में जो पैसा इनवेस्ट करेंगे उस पर 10 फीसद हर महीने ब्याज मिलेगा। पैसा 18 महीने तक ब्लॉक रहेगा और बाद में पैसा वापस हो जाएगा और लोगों को जोडऩे पर भी उनके पैसे से भी ब्याज मिलेगा। एक तरह चेन बनाने पर भी कमीशन मिलेगा। शुरू के दो महीने दस फीसद रिटर्न मिला, लेकिन उसके बाद से एजेंट का मोबाइल नंबर बंद हो गया। आरोपी बिटक्वाइन की वेबसाइट पर लोगों का लॉग-इन बनवाकर निवेश कराता है। इसके बदले उन्हें प्रतिदिन, साप्ताहिक और मासिक रिटर्न का लालच दिया जाता है। लोग इसजाल में फंसते चले जाते हैं।

क्या है बिटक्वाइन
बिटक्वाइन एक वर्चुअल करेंसी (आभासी मुद्रा) है। इसे डिजिटल करेंसी भी कहा जाता है। यह एक तरह का डिजिटल सिक्का है। इसका लेनदेन केवल इंटरनेट के जरिए होता है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई वेबसाइट बनी हैं। शेयर मार्केट की तरह ही बिटक्वाइन के रेट भी प्रतिदिन घटते-बढ़ते रहते हैं।

सूत्रों की मानें तो कुछ देशों में इसे स्वीकार्यता मिली हुई है, लेकिन भारत में इसे गैर कानूनी मुद्रा माना जाता है। बावजूद इस पर कोई रोक नहीं लग पा रही है। इसके प्रचलन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस बिटक्वाइन की कीमत वर्ष 2009 में 36 पैसे थी, उसकी कीमत 1 लाख 62 हजार रुपए हो चुकी है।

औंधे मुंह गिरी तो निवेशक होंगे बर्बाद

वेबसाइट के जरिए बिटक्वाइन में पैसा निवेश होता है। ई-वॉलेट से पैसा किसे ट्रांसफर हुआ और किसने निवेश किया, किसी को भनक तक नहीं लगती। अगर किसी हैकर ने हैक कर लिया तो निवेशक बर्बाद हो सकते हैं। एजेंट निवेशक को झांसे में लेने के लिए तीन तरह से पैसा कमाने का रास्ता बताते हैं। जैसे आपने 200 या 500 डॉलर लगाए तो 500 की जगह 21 माह में 1000 डॉलर रिटर्न मिलेनी की बात कही जाती है। फिर 10 हजार एमकैप मिलेगा। एक कैप की कीमत 5 डॉलर है। एम-कैप 18 महीने बाद 1000 डॉलर का होगा।

कैसे काम करता है बिटक्वाइन
बिटक्वाइन किसी मोबाइल एप या कंप्यूटर प्रोग्राम से अधिक कुछ भी नहीं है। यह एक व्यक्तिगत बिटक्वाइन वॉलेट मुहैया कराता है। बिटक्वाइन लेनदेन के जरिये ही खरीदे जाते हैं। पहले तो एक अकाउंट बनाया जाता है। फिर उस अकाउंट में फंड का ट्रांसफर किया जाता है, ताकि क्वाइन खरीदे जा सकें। भुगतान एक बार करने के बाद वापस नहीं लिया जा सकता है। इसमें पहचान मुश्किल है।

मजे की बात यह है कि यह किसी साफ-सुथरे उत्पाद की श्रेणी में नहीं आता है। दुनिया में यह कहीं भी कानूनी रूप से मान्य नहीं है। इसके पैरोकार भी इसे पूरी तरह सुरक्षित नहीं बताते हैं। फिलहाल तो उपभोक्ताओं के लिए बेहद खतरे का वायरस ही है।

कहां हो रहा इस्तेमाल
बिटक्वाइन आतंकी गतिविधियों की फंडिंग का जरिया भी बनता जा रहा है। सुपारी किलिंग, ड्रग्स, आम्र्स, अय्याशी, ब्लैकमनी को व्हाइट करने सहित रियल एस्टेट समेत अन्य कारोबार में इसका इस्तेमाल हो रहा है। यहां तक कि सराफा और बड़े कारोबारी भी बिटक्वाइन का इस्तेमाल कर रहे हैं। जो इसमें पैसा निवेश कर विदेशों में जाकर सैरसपाटा करते हैं। हाल ही में मुंबई में ड्रग पकड़ी गई थी। बाद में पता चला कि ड्रग को 500 बिट क्वाइन में खरीदा गया था।

इस तरह की घटनाएं साइबर क्राइम के अंतर्गत आती हैं। ठगी के शिकार लोग पुलिस से शिकायत करें। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जायेगी। लोगों को पैसा दो गुना कराने का झांसा देकर ठगी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
– नैय्यर हसनैन खान, आइजी

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