बिहार: ऐसा कभी नहीं देखा, सिलेंडर ऐसे फट रहे थे जैसे तोप से गोले बरस रहे हों

गैस गोदाम में भीषण आग और एक के बाद एक लगातार सिलेंडर फटने से पटना सिटी का मालसलामी इलाका दहल उठा। कई किलोमीटर तक सिलेंडर में विस्फोट की आवाज आती रही। ब्लास्ट से सिलेंडर के टुकड़े आधा किमी तक के एरिया में उड़-उड़ कर गिरते रहे। इन टुकड़ों से घरों की खिड़कियों के कांच टूट गये। गंगा किनारे और टॉल प्लाजा तक सिलेंडर के टुकड़े जा गिरे। घटना शनिवार सुबह सवा छह बजे के आसपास पटनासिटी के मालसलामी थाना के रिकाबगंज स्थित हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के गृह शोभा गैस एजेंसी के गोदाम में हुई। गैस लीक होने से सिलेंडरों में आग लगी और फिर उनमें विस्फोट होने लगा।


6.15 बजे शनिवार सुबह गैस गोदाम में लगे ट्रक में लगी आग
9.00 बजे फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर पाया काबू
गैस लीक से लगी आग में 100 से अधिक सिलेंडर फटे
मालसलामी स्थित रिकाबगंज में गैस एजेंसी के गोदाम में हादसा
पुलिस के अनुसार, गैस गोदाम में मोकामा से आये ट्रक पर रखे सिलेंडरों में उस वक्त आग लगी जब उन्हें अनलोड किया जा रहा था। ट्रक पर 450 गैस सिलेंडर रखे थे। आग लगने के बाद सौ से अधिक सिलेंडर फट गये। अगलगी की खबर मिलते ही मालसलामी थानेदार प्रेम राज चौहान मौके पर पहुंचे और दमकल दस्ते को खबर दी। मौके पर फायरब्रिगेड की दस गाड़ियां पहुंचीं। लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घटना में गैस गोदाम जलकर राख हो गया। बाइक, ट्रैक्टर और अन्य गाड़ियों को भी नुकसान हुआ।

पटना सिटी इलाके में कई किलोमीटर तक विस्फोट की आवाज गूंजी
घर छोड़कर भागे लोग, खिड़कियों के शीशे टूटे, बाइक-ट्रैक्टर को नुकसान
गैस लीक होते ही लग गयी आग : दरअसल, ट्रक पर एक सिलेंडर से काफी देर से गैस लीक हो रहा था। गोदाम पहुंचने पर ट्रक खड़ा हो गया। इधर, सिलेंडर से गैस लीक होता रहा। चूंकि रसोई गैस का वजन अधिक होता है लिहाजा वह ऊपर न जाकर जमीन की ओर जाने लगा। ट्रक का साइलेंसर गर्म था जिसके पास जाते ही आग लग गयी।
फायरब्रिगेड की टीम ने सूझ-बूझ से काम लिया : गैस गोदाम में लगी आग और सिलेंडरों में विस्फोट से दहशत थी। ऐसे में पटनासिटी के फायर ऑफिसर सुरेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनकी टीम ने सूझ-बूझ से काम लिया। सिलेंडर फट रहे थे लिहाजा फायरब्रिगेड की टीम दीवार के सहारे आगे बढ़ी। फिर मुनिटर ब्रांच का इस्तेमाल किया गया। यानी हवा में पानी छोड़ा गया ताकि खतरा कम हो। किसी तरह दमकलकर्मी ट्रक तक पहुंचे और फोम का इस्तेमाल करने के बाद आग को काबू में किया। मौके पर अग्निशमनसेवा के डीजी रवींद्र कुमार ने भी पहुंच कर हालात का जायजा लिया।
पास ही में थी केमिकल फैक्ट्री : गैस गोदाम के पास ही केमिकल फैक्ट्री है। संयोग ठीक था कि आग वहां तक नहीं पहुंची वरना हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था। इधर, अगलगी देखकर ट्रक चालक गाड़ियां छोड़कर भाग निकले। कई गाड़ियों को किनारे किया गया ताकि विस्फोट के मलबा से आग न लगे।
तीन घंटे मंडराती रही मौत : सुबह-सुबह सिलेंडर फटते ही लोगों को अनहोनी की आशंका सताने लगी। लोगों को समझ में नहीं आया कि अचानक क्या हो गया। प्रत्यक्षदर्शी सुशांत ने बताया कि सिर पर मौत मंडरा रही थी। सुबह का समय होने के कारण ज्यादा लोग सड़क पर नहीं थे लिहाजा किसी तरह की अनहोनी नहीं हुई।
अनदेखी
आग बुझाने के यंत्र खराब मिले
गैस एजेंसी की बड़ी लापरवाही सामने आयी है। आग बुझाने के दो यंत्र गैस गोदाम में रखे थे जो खराब मिले। अग्निशामक बकेट भी खराब थे। यानी गैस गोदाम में आग से निपटने के लिये कोई भी व्यवस्था नहीं थी। सब भगवान भरोसे था। शनिवार रात जब फायर ऑफिसर सुरेंद्र सिंह ने गोदाम का निरीक्षण किया तो और भी कमियां सामने आयीं। अपनी रिपोर्ट वे 24 घंटे के भीतर एसडीओ को देंगे ताकि गैस एजेंसी पर कार्रवाई हो सके।
सिटी एसडीओ ने कहा-
पटनासिटी एसडीओ ने कहा कि गोदाम में सुरक्षा के उपायों में खामी मिली है। आपूर्ति निरीक्षक और फायर ऑफिसर को 24 घंटे के भीतर गोदाम का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। साथ ही रिहायशी इलाके के बीच गोदाम की स्थिति की भी समीक्षा करने के निर्देश भी दिये गये हैं।

उठ रहे सवाल –
रिहायशी इलाके में गैस गोदाम कैसे
गोदाम की जर्जर हालत की समीक्षा क्यों नहीं हुई
पिछले 24-25 सालों से यहां गोदाम है, इलाके में आबादी बढ़ी तो गोदाम दूसरी जगह क्यों नहीं शिफ्ट हुआ
गैस लीक होती रही पर किसी को भनक क्यों नहीं लगी
ट्रक पर रखे सिलेंडरों को अनलोड करते समय गैस लीक पर क्यों नहीं ध्यान दिया गया
जांच कर तीन दिन में देनी होगी रिपोर्ट
पटना। डीएम कुमार रवि ने गैस गोदाम में लगी आग के जांच के आदेश दे दिए हैं। पटना सिटी एसडीओ और जिला अग्निशमन पदाधिकारी जांच कर तीन दिनों के अंदर रिपोर्ट देंगे। गैस एजेंसी के पास अद्यतन अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र था या वैध लाइसेंस था या नहीं इसकी जांच की जाएगी। वहीं डीएम ने सभी एसडीओ को निर्देश दिया है कि रिहायशी इलाकों में गैस गोदाम, पेट्रोल पंप, पटाखे की संचालित दुकान जो अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील है उसे सूचीबद्ध किया जाए। ऐसे दुकानों के पास वैध लाइसेंस हैं या नहीं तथा उसका सत्यापन हुआ है या नहीं इसकी भी जांच होगी। आपदा एडीएम को भी निर्देश दिया गया है कि ऐसे प्रतिष्ठानों की सूची बनाएं तथा उनके संचालकों को अग्निशमन सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षित कैसे रखा जाए इसका प्रशिक्षण भी दिलवाएं।
गैस गोदाम के लिए जरूरी मानक
आवासीय व भीड़भाड़ वाले इलाके में न हो।
जिस प्लॉट पर है उसके ऊपर से इलेक्ट्रिक ओवरहेड वायर नहीं गुजरना चाहिए
गोदाम के आगे-पीछे पानी के नाले, नदी नहीं होने चाहिए
पास में आने-जाने के लिए ऐसी सड़क हो जिससे बड़े वाहन आसानी से पहुंच सकें
गैस गोदाम के लिए संबंधित विभाग से एक्सप्लोसिव का लाइसेंस जरूरी
आउटर बाउंड्री से मुख्य गोदाम की दूरी 22 से 30 फीट चारों ओर से होनी चाहिए
आठ हजार किग्रा के लिए 22 फीट, 12 हजार किग्रा के लिए 30 फीट की दूरी होनी चाहिए
गोदाम के लिए तेल कंपनी की ओर से निर्धारित जमीन जरूरी
गोदाम में अग्निशामकों की नियमित जांच जरूरी

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