अ्भिभावकों के लिए एक बुरी खबर है, वो ये कि बिहार में भी खतरनाक ब्लू व्हेल गेम को बड़ी संख्या में सर्च किया जा रहा है। गूगल ट्रेंड्स के रिजल्ट बताते हैं कि सर्चिंग व डाउनलोड में यह दूसरे किसी गेम से ज्यादा सर्च किया गया है। बता दें कि केंद्र सरकार ने ब्लू व्हेल गेम को सोशल नेटवर्किंग साइट से हटाने का आदेश दिया है और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में कड़ी पहल की है।

गूगल ट्रेंड्स ने गेम सर्च व गेम डाउनलोड का जो डाटा रिलीज किया है वह काफी चौंकाने वाला है। अगस्त माह में ब्लू व्हेल गेम को बिहार में काफी सर्च किया गया। दो अगस्त और 11 अगस्त को तो गूगल सर्च में यह की-वर्ड काफी हॉट सर्च सेक्शन में रहा। इसने 100 के टॉप सर्चिंग प्वाइंट को छू लिया है। गेम की डाउनलोडिंग के जारी आंकड़े में 28 अगस्त को इस खतरनाक गेम ने 100 फीसदी के आंकड़े को छुआ है।

 

बच्चों के बीच इस खतरनाक खेल का प्रभाव काफी तेज गति से बढ़ता है। ब्लू व्हेल एक चैलेंज की तरह है। खेलने वाले को चैलेंजर कहा जाता है। गेम में शामिल होने के बाद चैलेंजर की दिनचर्या बदल जाती है। उनका मोबाइल एप्लीकेशन उन्हें सुबह 4.20 बजे उठने को मजबूर करता है। हर रोज उन्हें एक टास्क पूरा करना होता है।

 

एडमिन की ओर से दिए जाने वाले संगीत को सुनना होता है। वीडियो देखना पड़ता है। जिसने एक बार इस गेम को खेलना शुरू उसे यह गेम अपनी गिरफ्त में ले लेता है। उसकी सोशल साइट से लेकर पर्सनल नंबर तक एडमिनिस्ट्रेटर के पास रहता है। बीच में गेम छोड़ने वालों को लगातार मैसेज कर उन्हें आगे के स्टेप के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। 50वें दिन आत्महत्या का चैलेंज होता है।

 

दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद सक्रिय हुई केंद्र सरकार

 

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को इस गेम को बंद कराने को कहा। कोर्ट की टिप्पणी के बाद केंद्र सरकार भी सक्रिय हुई। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी इस गेम के लिंक को ब्लॉक करने के लिए गूगल इंडिया, याहू इंडिया, फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप्प व इंस्टाग्राम को अपने प्लेटफॉर्म से इस गेम की लिंक को ब्लॉक करने का निर्देश दे रखा है। इसके बावजूद यह बिहारी युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहा है।

 

केंद्रीय संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा ने बताया कि ब्लू ह्वेल पर पूरी तरह से रोक लगाने की तैयारी चल रही है। इंटरनेट के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए भी कड़े नियम बनाए जा रहे हैं।

 

क्या कहते हैं साइबर एक्सपर्ट

साइबर एक्सपर्ट व पूणे की एक निजी कंपनी में कार्यरत मधुकर कुमार ने बताया कि इस प्रकार के गेम को ब्लॉक करना बहुत मुश्किल है। गूगल या अन्य साइट अपने प्लेटफॉर्म से तो उसे हटा देगी। लेकिन, अगर इस गेम का एपीके (एंड्राइड पैकेज किट) इंटरनेट पर मौजूद है तो किसी न किसी साइट से वह मिल ही जाएगा। कुमार के मुताबकि अभिभावक बच्चों पर नजर रखें। देखें कि वे किस प्रकार के गेम खेल रहे हैं, यही सबसे बेहतर उपाय है।

 

पोकेमॉन गो के प्रति भी है दीवानगी

ब्लू ह्वेल गेम ही नहीं, बिहारी छात्रों और युवाओं को पोकेमॉन गो गेम भी काफी लुभाता है। इस गेम में भी कई स्टेज होते हैं। यह थ्रिल गेम है। इसके टास्क को पूरा करने के लिए जीपीएस को ऑन करके चलना होता है। इस गेम को लेकर भी पिछले दिनों मुंबई व हैदराबाद में बच्चों के एक्सीडेंट हुए थे।

 

पिछले दिनों पटना से भी एक बच्चे के आरा जाने का मामला सामने आया था। चर्चा में आते ही यह गेम प्ले स्टोर पर सर्च किया जाने लगा। बिहार में 24 अगस्त को यह गेम काफी हॉट सर्च में शामिल था। इसने 100 फीसदी के मार्क को छुआ। पोकेमॉन वीडियो सर्च भी बिहार में खूब होता है।

 

लोग फेसबुक पर अधिक समय देते हैं

गूगल ने दो से 31 अगस्त का जो नया ट्रेंड जारी किया है, उसके अनुसार बिहार में सबसे अधिक पसंद की जाने वाली सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक है। इसकी औसत ट्रेंडिंग 82 फीसदी है। किसी भी दिन 75 फीसदी से नीचे ट्रेंड लिस्ट में नहीं है।

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