बिहार विधानसभा में आज पेश होगा शराबबंदी संसोधन विधेयक, RJD करेगी विरोध

बिहार विधानसभा में आज पेश होगा शराबबंदी संसोधन विधेयक, RJD करेगी विरोध

23rd July 2018 0 By Bibhav Kumar

बिहार विधानसभा में आज पेश किया जाएगा शराबबंदी संसोधन विधेयक. (फाइल फोटो)
शराबबंदी कानून में जो संशोधन होगा उसमें सजा को लेकर नरमी बरती गई है. घर, वाहन और खेत से शराब जब्ती होने पर नरमी दिखाई जाएगी.
पटना : बिहार विधानसभा में आज शराबबंदी संसोधन विधेयक पेश किया जाएगा. बीते दिनों बिहार राज्य मंत्रिपरिषद ने बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016 में संशोधन विधेयक 2018 को मंजूरी दी थी. प्रमुख विपक्षी दल आरजेडी ने इस संसोधन विधेयक का विरोध किया है. साथ ही शराबबंदी कानून को पूरी तरह फेल बताया है.

शराबबंदी कानून में जो संशोधन होगा उसमें सजा को लेकर नरमी बरती गई है. घर, वाहन और खेत से शराब जब्ती होने पर नरमी दिखाई जाएगी. पहली बार शराब पीते हुए पकड़े जाने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना या फिर तीन महीने जेल का प्रावधान किया जाएगा. वहीं, सामूहिक जुर्माना समाप्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है.

इसके अलावा जहरीली शराब से मृत्यु होने पर सख्त कानून के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. इसमें सजा-ए-मौत का प्रावधान हो सकता है. सरकार पहले से ही शराबबंदी कानून में बदलाव के लिए कानूनविदों से सलाह करने का काम कर रही थी.

आरजेडी ने किया संसोधन विधेयक का विरोध
जेडीयू प्रवक्ता श्याम रजक ने कहा कि शराबबंदी कानून में कुछ कमियां रही होंगी, इसलिए सरकार संसोधन विधेयक ला रही है. शराबबंदी कानून पहले की ही तरह सख्त। है. इससे पहले आरजेडी प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने कहा कि नए कानून में शराब पीने की छूट दी गई है. पैसे वाले शराब पीने के बावजूद पैसे देकर मुक्ति पा सकते हैं. उन्होंने कहा कि आरजेडी इस संसोधन विधेयक का विरोध करेगी.

जेडीयू का आरजेडी पर पलटवार
आरजेडी के आरोपों पर जेडीयू ने भी पलटवार किया है. जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने पूछा कि शराबबंदी से तौबा कर रहे हैं या शराब से? या फिर शराब से प्रेम है आरजेडी को? उन्होंने कहा कि समाजिक न्याय और धर्म निरपेक्षता की रक्षा शराब पिलाकर नहीं हो सकता है. उन्होंने कहा कि आरजेडी जनता को बताइए. उन्होंने शराब माफियाओं से आरजेडी के सांठगांठ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले से आरजेडी से जुड़े लोग शराब के धंधे में शामिल थे. जो लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं वह दलित और अतिपिछड़ा विरोधी हैं.

Advertisements