26/11 के मुंबई हमले के आरोपी अबू जुंदाल के सहयोगी और लश्कर एजेंट अब्दुल नईम शेख के बारे में नए-नए खुलासे हो रहे हैं. संदिग्ध आतंकवादी नईम उर्फ सोहेल खान दो सालों तक गोपालगंज में छुपकर रहा. इस दौरान वह गोपालगंज में लश्कर के स्लीपर सेल के तौर पर युवाओं को प्रेरित करता रहा.

दरअसल, एनआईए की टीम ने गोपालगंज नगर थाना के सरेया वार्ड नम्बर-1 से संदिग्ध लश्कर एजेंट धनु राजा उर्फ केदार प्रसाद उर्फ़ बेदार बख्त को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार धनु राजा पर आरोप है कि वह लश्कर एजेंट अब्दुल नईम शेख के लिए काम करता था. धनु राजा एनएसयूआई का जिला सचिव भी था.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक धनु राजा की गिरफ़्तारी वाराणसी से गिरफ्तार अब्दुल नईम शेख की गिरफ़्तारी के बाद हुई थी. एनआईए ने अब्दुल नईम शेख को बीते 28 नवम्बर को वाराणसी से गिरफ्तार किया था.

अब्दुल नईम शेख पर आरोप है कि वह लश्कर के कुख्यात आतंकवादी अबू जिंदाल का करीबी है. इसके ऊपर कश्मीर में सेना की जानकारी के अलावा हिमाचल प्रदेश में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल करने का आरोप है.

वर्ष 2015 से रह रहा था

जानकारी के मुताबिक कुख्यात आतंकवादी गोपालगंज में 2015 से लोगों को चकमा देकर रह रहा था. ईटीवी को मिले दस्तावेज के मुताबिक अब्दुल नईम शेख यहां सोहेल खान के नाम से अपनी पहचान छिपाकर रहता था.

सबसे पहले अब्दुल नईम शेख नगर थाना के बंजारी निवासी प्रशांत कुमार राय से दोस्ती की. उनके सहारे इसने जादोपुर रोड स्थित एक इंग्लिश कोचिंग सेंटर में बतौर स्टूडेंट पढ़ाई शुरू की. जबकि अब्दुल नईम शेख उर्फ़ सोहेल खान को अंग्रेजी बोलने में महारत हासिल थी. यह कंप्यूटर और इंटरनेट का एक्सपर्ट है. बावजूद इसके इसने पहले पढाई शुरू की. फिर खुद प्रशांत कुमार राय के साथ मिलकर स्मार्ट लर्नर नाम से इंग्लिश कोचिंग शुरू किया. इस कोचिंग को शुरू करने के लिए पैसे कहां से आए, अब तक इसका खुलासा नहीं हो पाया है.

इस दौरान अब्दुल नईम शेख ने गोपालगंज के वार्ड नम्बर-19 निवासी मोहम्मद अली के नाम से फर्जी पत्ते का इस्तेमाल कर खुद का पैन कार्ड, आधार कार्ड और पासपोर्ट और जेपी यूनिवर्सिटी से फर्जी एमए की डिग्री हासिल की.

खुद को औरंगाबाद का निवास बताया था

अब्दुल नईम शेख खुद को सोहेल खान बताता था. वह खुद का महाराष्ट्र के औरंगाबाद का निवासी तो कभी ठाणे का निवासी बताता था. वह पांच वक़्त नमाज पढता था. साथ ही अपने मिलने जुलने वालों से भी पांचों वक़्त नमाज पढ़ने को कहता था.

इसी दौरान अब्दुल नईम शेख को धनु राजा ने ही पुरानी चौक में ईद मोहम्मद के मकान में किराये पर रूम दिलवाया. स्थानीय लोगों के मुताबिक अब्दुल नईम शेख उर्फ़ सोहेल खान के साथ एक लड़की भी थी, जो अब लापता है. नईम शेख ने गोपालगंज के थावे रोड स्थित इंडियन बैंक में अपना खुद का अकाउंट भी खोल रखा था.

मार्च 2017 तक गोपालगंज में ही रहा

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब्दुल नईम शेख मार्च 2017 तक गोपालगंज में ही था. इसने फर्जी पत्ते पर अपना पासपोर्ट भी बनवा लिया था. लेकिन जिसके पत्ते पर पासपोर्ट बनवाया गया था उसके पास जब पासपोर्ट डाक से पंहुचा, तब इसकी भनक लगते ही नईम शेख यहां से लापता हो गया. उसकी गिरफ़्तारी वाराणसी से 28 नवम्बर को एनआईए द्वारा की गयी.

यहां बता दें कि अब्दुल नईम शेख दो साल तक गोपालगंज में रहा. तब मुंबई पुलिस यहां कई बार आई, लेकिन इसे गिरफ्तार नहीं कर सकी. वहीं, इसके लापता होते ही वह लड़की भी लापता हो गयी है जो इसके साथ अक्सर दिखाई देती थी.

एसपी मृत्युंजय कुमार चौधरी ने धनु राजा की अधिकारिक रूप से गिरफ़्तारी की बात कही है. उन्होंने कहा की ये छपरा के नगरा निवासी फिरोज आलम का बेटा है. एनआईए के द्वारा पुलिस को इसकी गिरफ़्तारी की औपचारिक सूचना दी गयी है. इसका एनआईए कांड संख्या 20/17 में तलाश थी. जिसका अनुसंधान एनआईए के द्वारा किया जा रहा है.

नईम के साथ प्रशांत को एनआईए ने दिल्ली बुलाया

अब्दुल नईम शेख उर्फ़ सोहेल खान के सहयोगी प्रशांत कुमार राय के पिता उपेन्द्र कुमार राय के मुताबिक उनके बेटे को एनआईए की टीम ने दिल्ली कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया था. तब अब्दुल नईम शेख उर्फ़ सोहेल खान के सामने ही उससे पूछताछ की गयी थी.

गोपालगंज वार्ड नम्बर 19 के जंगलिया निवासी सरफ़राज़ अहमद के मुताबिक उसके पिता का नाम मोहम्मद अली जान है. गलत पता देकर सोहेल खान ने पासपोर्ट बनवाया था. इसके पूर्व भी उसके घर के पते पर पैन कार्ड और आधार कार्ड बनवाया गया था. इसकी सूचना उन्हें नहीं थी. बाद में पासपोर्ट बनवाने की सूचना के बाद थाने को सूचित कर दिया गया था.

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