TOP NEWS

भागलपुरःकार्यकर्ता सम्मेलन में बिहार प्रभारी वीरेंद्र सिंह राठौर के सामने भिड़े विधायक अजीत शर्मा व प्रवीण सिंह कुशवाहा

  • लोस चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को जगाने आए कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के सामने भिड़े कार्यकर्ता

  • कार्यकर्ताओं की भगदड़ में विधायक सदानंद सिंह को आया गश, देखते रह गए नेता, पुलिस ने बचाया, गुस्साए प्रदेश प्रभारी वीरेंद्र सिंह राठौर वापस लौटे

  • प्रदेश कमान नेप्रवीणसिंह कुशवाहा कोप्रथम दृष्टया माना दोषी किया शोकॉज

  • जांच कमेटी 7 दिनों मेंदेगी रिपोर्ट, दोषी पाएजानेपर प्रवीण सिंहपार्टी सेहोंगे निष्कासित

लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए कार्यकर्ताओं को दिशा देने शुक्रवार को पहुंचे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव व बिहार प्रभारी वीरेंद्र सिंह राठौर के सामने ही कांग्र्रेसी लड़ पड़े। विधायक अजीत शर्मा और प्रवीण सिंह कुशवाहा के समर्थकों ने आपा खो दिया और आपस में भिड़ गए। कांग्रेस भवन में चल रहे सम्मेलन में पहले नारेबाजी कर अपने-अपने नेताओं की ताकत का प्रदर्शन किया और जब इससे मन नहीं भरा तो भिड़ गए। करीब 20 मिनट तक धक्का- मुक्की की गई। एक-दूसरे पर हाथ उठाया गया। इससे भगदड़ मच गई। इसी दौरान विधायक सदानंद को गश आ गया और वे बेसुध हो गए। इसके बाद पुलिस की मदद से प्रदेश प्रभारी राठौर, विधायक सदानंद सिंह, अजीत शर्मा को सुरक्षित निकाला गया।

जिला कांग्रेस में गुटबाजी से बिगड़े हालात पर प्रदेश नेतृत्व हरकत में आई। प्रथम दृष्टतया प्रवीण सिंह कुशवाहा को दोषी पाया गया है। उन्हें पार्टी ने शोकॉज किया है और 7 दिनों में जवाब मांगा है। जवाब संतोषजनक न होने पर पार्टी उन पर निष्कासन की कार्रवाई कर सकती है। पूरे मामले की जांच के लिए पूर्व मंत्री ज्योति, पूर्व विधायक हरखू झा और पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष डाॅ. समीर कुमार सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। 7 दिनों में जांच टीम से भी रिपोर्ट तलब की गई है।

गठबंधन की बजाय स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने पर जोर

सुबह 11 बजे दीपनगर स्थित कांग्रेस भवन में सम्मेलन की शुरुआत हुई। लोकसभा चुनाव को देखते हुए संगठन को मजबूती देने और कार्यकर्ताओं में जान फूंकने के लिए प्रदेश प्रभारी वीरेंद्र सिंह राठौर के साथ विधायक अजीत शर्मा, सदानंद सिंह, गिरीश प्रसाद सिंह, शंभूदयाल खेतान व परवेज जमाल पहुंचे। जिलेभर से करीब 1000 कार्यकर्ता भी एकजुट हुए। दोपहर 1 बजे अयोध्या प्रसाद यादव ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा, गठबंधन की बजाय स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ना चाहिए। इसके बाद सुनील तिवारी ने भी गठबंधन कर चुनाव न लड़ने का सुझाव दिया। अजीत कुमार, गिरिधर राय, दीपनारायण, डॉ. जनार्दन प्रसाद साह और डाॅ. विपिन बिहारी यादव ने भी अपने विचार रखे।

Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *