सदर अस्पताल की ओपीडी में महिला डाक्टर तैनात नहीं रहने से आक्रोशित मरीजों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे को देखते हुए अस्पताल में बैठे पुरुष डाक्टरों ने महिलाओं का इलाज किया। मौजूद परिजनों ने बताया कि ओपीडी में कुछ मरीजों को जांच के दौरान एक्सरे लिखा गया था। जब मरीज एक्सरे रूम पहुंचे तो वहां ताला लटका था। इसके बाद परिजन आक्रोशित हो गए और हंगामा करने लगे। अस्पताल के दूसरे डाक्टरों व कर्मियों ने किसी तरह मामले को शांत किया गया। जगदीशपुर की 65 वर्षीय जया देवी ने बताया कि एक्सरे रूम पर ताला लगा हुआ था। इसकी शिकायत जब डाक्टर से की तो उन्होंने कहा जब खुलेगा तभी आना। सदर अस्पताल प्रभारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि महिला डाक्टर के नहीं रहने की वजह से मरीजों में गुस्सा था। उन्होंने कहा कि आये दिन परिजन छोटी-छोटी बात को लेकर हंगामा करने पर उतारू हो जाते हैं। अस्पताल में सुरक्षा का जिम्मा होमगार्ड पर था। लेकिन उनके हड़ताल पर जाने से अव्यवस्था है। उन्होंने सुरक्षा को लेकर खतरा जताया है। चार की जगह एक भी महिला डाक्टर नहीं सोमवार की दोपहर 12 बजे के करीब ओपीडी में एक भी महिला डाक्टर मौजूद नहीं थी। ओपीडी में हमेशा चार महिला डाक्टर की तैनाती रहती है। अस्पताल प्रभारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि डॉ. अल्पना मिश्रा छुट्टी पर है। डॉ. सुशीला चौधरी की अचानक तबीयत खराब हो गयी तो वो घर चली गयी। एक महिला डाक्टर की ड्यूटी इनडोर वार्ड में थी। एक अन्य महिला डाक्टर बिना बताए ही चली गयी थी। उन्होंने बताया कि महिला डाक्टरों से इस संबंध में जवाब मांगा जाएगा। खराब एक्सरे की रिपोर्ट गड़बड़ ओपीडी में एक्सरे काम नहीं करता है। डाक्टरों की मानें तो जब से एक्सरे को पीपीपी मोड पर रखा गया है तब से यह ठीक ढंग से काम नहीं कर रहा है। डाक्टरों का कहना था कि अब हर जगह मरीजों का डिजिटल एक्सरे होता है। लेकिन यहां पर आज भी पुराने तरीके से ही एक्सरे रिपोर्ट तैयार की जाती है। सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने बताया कि शिकायत मिली है। एक्सरे को लेकर एजेंसी से बात की जाएगी। बिना बताएं एक्सरे को बंद रखना सहीं नहीं है।

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