भागलपुर के मनाली चौक से नयाबाजार तक नहीं चलेंगे ट्रक। 


अब घूरनपीर बाबा चौक से नया बाजार चौक के बीच ट्रकों का परिचालन नहीं होगा। इस पथ में बेरियर लगाकर ट्रकों को रोका जाएगा। तिलकामांझी की ओर से आने वाली ट्रक या भारी वाहन स्वामी विवेकानंद पथ में घूरनपीर बाबा चौक से कचहरी चौक मुड़कर घंटाघर होते हुए लोहिया पुल के रास्ते आगे चली जाएगी। बाहर से आने वाले ट्रक भी इसी मार्ग से जाएंगे। यह निर्णय मंगलवार को क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रमंडलीय आयुक्त अजय कुमार चौधरी ने की।

आयुक्त ने बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार शहर में ट्रकों के परिचालन के लिए मार्गों का अध्ययन कर रहे हैं। अध्ययन रिपोर्ट आने के बाद शीघ्र नई व्यवस्था लागू होगी। बैठक में आरटीए सचिव सुभाष झा, जिला परिवहन पदाधिकारी संजय कुमार सहित सभी सदस्य थे।

तिलकामांझी गोलंबर व तातारपुर चौक पर नहीं रुकेंगे ऑटो

आयुक्त ने बताया कि आरटीए सचिव, डीटीओ, एमवीआइ व यातायात निरीक्षक को तिलकामांझी गोलंबर और तातारपुर चौक पर ऑटो से यात्रियों के उतारने पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। पकड़े जाने पर जुर्माना लगेगा। यातायात निरीक्षक को दस दिनों के अंदर इस व्यवस्था को लागू करने का निर्देश दिया गया है। निर्देश है कि दोनों चौक में जो निर्धारित स्थान हैं उसी स्थान पर ऑटो का ठहराव होगा। उन्होंने कहा कि सभी ऑटो पर परिचालन रूट अंकित रहेगा। शहरी क्षेत्र के लिए पहले से ही नये परमिट पर रोक है।

15 साल पुरानी स्कूल बस की जांच डीटीओ करेंगे

सुरक्षा की दृष्टि से 15 साल से अधिक समय से चल रहे स्कूल बसों का परिचालन बंद करने का निर्देश दिया गया है। इसकी जांच आरटीए सचिव, डीटीओ व एमवीआइ करेंगे। स्कूल प्रबंधन अगर इस निर्देश का पालन नहीं करेंगे तो बस को जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब तक की जांच में दो बस की जानकारी मिली है। स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि पुराने बसों को बदल कर नये बस का परमिट लें।
केंद्र को भेजा गया एनएच-80 को पीडब्ल्यूडी को देने का प्रस्ताव

लोहिया पुल से जीरोमाइल तक की एनएच-80 की सड़क को पथ निर्माण विभाग में शामिल करने के प्रस्ताव को बिहार सरकार ने केंद्र सरकार को अग्रसारित कर दिया है। इस सड़क के मेंटनेंस के लिए जिला पदाधिकारी ने गत दिनों राज्य सरकार को पत्र लिखा था। इसके बाद राज्य सरकार ने इसे भारत सरकार को भेज दिया है।

छह सरकारी बसों को सशर्त स्थाई परमिट

क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार की बैठक में छह सरकारी बसों को सशर्त स्थाई परमिट की स्वीकृति दी गई। कहा गया कि एमवीआई की रिपोर्ट और कागजात मिलने के बाद परिचालन होगा। बसों को जमुई, नारायणपुर, बांका व तिनटंगा के रूट पर चलाने का प्रस्ताव है।

कार्यपालक अभियंता देंगे प्रतिवेदन

परमिट लेने वाले बस मालिकों को ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता से यह प्रमाण लेना है कि उनकी सड़क बसों के परिचालन के लायक है या नहीं। यदि नहीं तो उस रूट पर परमिट देने के पहले विचार किया जाएगा। डीटीओ वाहनों के टैक्स लेने से पहले यह देखेंगे कि वाहन को आरटीए से परमिट मिला है या नहीं।

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