BHAGALPUR Crime

भागलपुर के सबौर में करंट लगने से किसान की मौत,गुस्साए लोगों ने 4 घंटे तक नहीं उठने दिया शव

थाना क्षेत्र के परघड़ी गांव में रविवार की सुबह करंट  लगने से किसान उमेश कुमार मंडल उर्फ झप्पटी 40  साल की मौत हो गई। उमेश की मौत के बाद आक्रोशित  ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर पुलिस को शव उठाने से चार घंटे रोके रखा। पुलिस- प्रशासन को  लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। कर्मचारी ने  परिजनों को चार लाख लाख देने का आश्वासन दिया  तब जाकर शव उठने दिया गया। पुत्र सुमन कुमार  मंडल उर्फ छंगुर ने बताया कि पिताजी सुबह करीब  7:30 बजे शौच के लिए घर से पूरब उत्तर की दिशा  में बहियार गए थे । लौटते समय घर से लगभग 40  फीट की दूरी पर ट्रांसफार्मर है। वहां पर कीचड़ रहने  के कारण फिसल कर ट्रांसफार्मर के पास चले गये।  जमीन से उठते के क्रम में ट्रांसफार्मर का हैंडल पकड़कर  उन्होंने सहारा लेने का प्रयास किया। ट्रांसफार्मर में पूर्व से करंट प्रवाहित था। जिससे उनकी मौके पर मौत हो  गई। हल्ला होने पर ग्रामीण वहां पहुंचे और ग्रामीणों ने  लाठी के सहयोग से शव को ट्रांसफार्मर से हटाया और  विरोध में शव को सड़क पर रख दिया। सूचना मिलते ही  सबौर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेने  का प्रयास किया। जिला परिषद सदस्य अरविंद मंडल  के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन के द्वारा आश्वासन देने के  बाद शव को उठाया गया। सुमन मंडल के बयान पर  बिजली कंपनी के अफसरों के विरुद्ध लापरवाही का  केस हुआ है। ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर में बिजली प्रभावित  होने की शिकायत बार-बार विभाग से की थी। इसके  बावजूद उसकी मरम्मत नहीं कराई गई।

मिल्की में महिला की करंट लगने से मौत

शाहकुंड। हरनथ पंचायत के मिल्की गांव में करंट के चपेट में

आने से महिला उमा देवी 45 वर्ष की मौत हो गई है । रविवार

की सुबह बहियार में शौच के लिए निकली महिला सिंचाई के

लिए बिछाये गये नंगे तार में उलझ गई। इससे मौके पर ही

उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे

में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृत महिला के पुत्र

मंजय यादव के बयान पर यूडी केस दर्ज कर लिया गया है।

उमेश की मौत से प्रशासन की खुली पोल

सबौर ।प्रखंड के परघड़ी गांव के उमेश मंडल की मौत ने जिला

प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है। हाल ही में जिला प्रशासन

ने पकड़ी पंचायत में हर घर शौचालय होने का दावा करते हुए

ओडीएफ भी निर्गत कर दिया है लेकिन हकीकत कुछ और बयां

कर रही है। रविवार को उमेश की मौत ने प्रशासन के ओडीएफ

की हकीकत खोलकर रख दी है। लेकिन पंचायत में हर घर

शौचालय की व्यवस्था अब तक नहीं है।

शिकायत के बाद भी नहीं  हुई कार्रवाई 

सबौर| बिजली कंपनी की लापरवाही के कारण  अब तक कई लोगों  की जान जा चुकी है।  2016 में करंट लगने  से सोनू सिंह उसकी मां  और चचेरे भाई मनीष  कुमार सिंह की मौत  हो गई थी। 2015 में  भी करंट लगने से एक  व्यक्ति की मौत हो गई  थी। शिकायत करने  के बावजूद भी बिजली  कंपनी इसे गंभीरता से  नहीं लेती है।

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