शहर के हर वार्ड में वेंडिंग जोन होगा और सरकार से आवंटित पूंजीगत अनुदान की ज्यादतर राशि दक्षिणी क्षेत्र के वार्डों में खर्च होगी। इसके अलावा पैन इंडिया कंपनी की शिथिलता के कारण नगर निगम अब खुद शहर में दो किलोमीटर पाइप बिछाकर मिसिंग लिंक जोड़ेगा। साथ ही कुछ नई बोरिंग भी कराई जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए नगर निगम सामान्य बोर्ड में पेश किए बजट में ये तमाम घोषणाएं की गईं। 15 लाख 49 हजार के लाभ के साथ 574 करोड़ रुपये का बजट पेश प्रस्तुत किया गया। चुनावी साल को देखते हुए बजट में न तो किसी नए कर का जिक्र किया गया और न ही किसी शुल्क वृद्धि का।
दोपहर डेढ़ बजे से बजट सत्र शुरू हुआ और मेयर दीपक भुवानिया ने 22 मिनट के बजट भाषण में आगामी वित्तीय वर्ष में 197 करोड़ की आय व 287 करोड़ व्यय की संभावना जताई। साथ ही नगर निगम के खाते में 89 करोड़ 53 लाख रुपये बैलेंस बताया।
चुनावी वर्ष में अगले दो माह के अंदर हर वार्ड में 25 से 30 लाख की योजना मुख्यमंत्री सात निश्चय के तहत स्वीकृत किए जाने की घोषणा पर पार्षदों के चेहरे चहक उठे। सभी ने मेज थपथपाकर इस घोषणा का स्वागत किया। वाटर सप्लाई की मिसिंग लिंक से लेकर नई बोरिंग तक का जिक्र किया गया। ये तमाम ऐसी घोषणाएं हुईं, जो पूरी हो या न हो पर चुनावी साल में जनता को काम दिखाने के लिए पार्षदों को संजीवनी जरूर मिल सकती है।
तीन घंटे के सत्र में डेढ़ सिर्फ कंबल पर सियासत
बजट भाषण खत्म होते ही जब चर्चा शुरू हुई तो पार्षद कंबल वितरण नहीं होने के मामले पर भड़क गए। तीन घंटे के बजट सत्र में लगभग डेढ़ घंटे तक इसी मुद्दे पर बहस होती रही। एक बार तो पार्षद मो. नसीमउद्दीन ने बहिष्कार करने तक की बात कह डाली। किसी तरह बात संभली और अंतत: बजट पारित करने की घोषणा की गई। रामाशीष मंडल, सदानंद मोदी, मो. नसीमउद्दीन ने दक्षिणी क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया तो नगर आयुक्त ने अधिक राशि खर्च करने का भरोसा दिलाया।
मेयर साहब! बड़ी देर कर दी लाभ का बजट लाते-लाते
बजट पर चर्चा के दौरान डिप्टी मेयर डॉ. प्रीति शेखर ने मेयर को विपक्ष की तरह ताने भी दिए। कहा-खुशी है कि बजट अच्छा है। लाभ का भी है। लेकिन, मेयर साहब, लाभ का बजट लाने में आपने बड़ी देर कर दी। कार्यकाल के इस अंतिम बजट में कई सपने हैं, लेकिन हकीकत यह है कि हम गरीबों को इस साल कंबल तक नहीं दे पाए। सभी पोल पर एलईडी लाइट तक नहीं लगा सके। सपने बुनना अच्छी बात है, लेकिन उसे धरातल पर भी उतारा जाए।

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