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भागलपुर: पश्चिम बंगाल में ईश्वर चंद्र विद्यासागर के प्रतिमा तोड़े जाने के विरोध में आल इंडिया डीएसओ द्वारा प्रदर्शन किया गया

नवजागरण काल के महान मनीषी ईश्वर चंद विद्यासागर की प्रतिमा तोड़े जाने के विरोध में अखिल भारतीय प्रतिवाद दिवस मनाने के संदर्भ में आज ऑल इंडिया डीएसओ जिला कमेटी द्वारा भागलपुर स्टेशन चौक पर अखिल भारतीय प्रतिवाद सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यासागर कौन है? मूर्ति तोड़ने वाला कौन है? इसी सवाल पर जवाब टिका है वे केवल विद्या के सागर करुणा और दया का सागर बस उनका परिचय आधुनिक शिक्षा के बीज बोने वाले हैं विद्यासागर। जहां विश्वास करेगी तो विधवा हो जाएगी उसी समय में विरोध के बावजूद समाज के कुल का आरंभ करने वाले विद्यासागर विद्यासागर के युग में संस्कृत विज्ञान की शिक्षा के लिए उन्होंने वेद और सांख्य दर्शन की भांति प्रणालियां धर्म निरपेक्ष और वैज्ञानिक सोच के हिमायती यही विद्यासागर है एक रीढ़ विहीन समाज में लोह इस्पात की रीढ़ लेकर विधवा को जीने का हक है ।
पति की मौत के बाद उसके जीवन का इतिक्ष ही नहीं हो जाता वे बेहद संवेदनशील है विद्यासागर। विद्यासागर का मूर्ति तोड़ने वाला कौन है? जिनका मूर्ति तोड़ने का इतिहास है आखिर यह मूर्ति से क्यों डरते हैं क्योंकि वह सिर्फ मूर्ति नहीं है आदर्श के प्रतीक हैं।
सभा को संबोधित बिहार राज्य सचिव रोशन कुमार रवि झारखंड राज्य कोषाध्यक्ष सचिव सोहन माता छात्र नेता रवि कुमार सिंह प्रणव कुमार व मनीष कुमार चंदन कुमार सौरभ कुमार प्रियंका कुमारी रंजना कुमारी राहुल कुमार आदि मौजूद थे

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