उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि समाज में जब तक गैर बराबरी है, आरक्षण जारी रहेगा। आरक्षण का विरोध करने से सामाजिक समरसता नहीं आएगी। दलित वोट बैंक की राजनीति करने वाली राजद-कांग्रेस जैसी पार्टियां आरक्षण के मसले पर भाजपा की छवि खराब करने की कोशिश करती है।

भाजपा सबका साथ, सबका विकास की नीति पर चलती है। बुधवार को बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सभागार में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेदकर की पुण्यतिथि समारोह में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से हम निजी क्षेत्र में भी आरक्षण के पक्षधर हैं, लेकिन पार्टी  के स्तर पर निर्णय लिया जाना बाकी है। बाबा साहब को जिस तरह से संघर्ष करना पड़ा, आज वैसी स्थिति नहीं है। लेकिन यह भी सच्चाई है कि अब भी एससी-एसटी अपने बलबूते लोकसभा व विधानसभा जीतकर नहीं पहुंच पाएंगे।

आरक्षण नहीं होने के कारण राज्यसभा और विधान परिषद में दलितों की संख्या नगण्य है। भाजपा प्रोमोशन में रिजर्वेशन की पक्षधर है। तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के समय प्रोमोशन में आरक्षण को लेकर संविधान में संशोधन हुआ था। दलितों के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टियां राजद-कांग्रेस ने बिना आरक्षण के ही स्थानीय निकाय चुनाव कराए थे। भाजपा जब वर्ष 2005 में सत्ता में आई तो आरक्षण का अधिकार दिया और आज 1200 से अधिक मुखिया व अन्य पदों पर दलित हैं। राजद-कांग्रेस ने दलितों से पढ़ने, संपत्ति और सत्ता का अधिकार छीन लिया। भाजपा का मत है कि जब तक निचले तबके के लोग ऊपर नहीं उठेंगे, देश का विकास नहीं हो सकता।
पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने लालू प्रसाद पर तंज कसा कि केवल नहाने से दलितों का भला नहीं हो सकता। केंद्र व  राज्य की एनडीए सरकार दलितों के हित में कई योजनाएं चला रही हैं। इससे दलितों का उत्थान होगा। आयोजक विधायक बेबी कुमारी ने सुशील मोदी को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाला और दूसरा लोकनायक की उपाधि दी। सांसद अजय निषाद, प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कुमार, मुक्तेश्वर सिंह, मिलन रजक, सतीश रजक ने भी विचार रखे।

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