मार्बल व्यवसायी अमरजीत राय की हत्या करने वाले शूटर अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर

मार्बल व्यवसायी अमरजीत राय की हत्या करने वाले शूटर अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर

17th May 2018 0 By Kumar Aditya

मार्बल कारोबारी अमरजीत राय उर्फ बिंट्टू राय हत्या मामले में पुलिस ने उन लोगों को गिरफ्तार कर लिया जिन लोगों ने साजिश रची। लेकिन वे सभी गिरफ्त से बाहर है जिन अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया। कुख्यात राणा मियां व उसका खास गुर्गा शाहनवाज उर्फ लकी सहित छह शूटरों की गिरफ्तारी मामले में हाथ खाली है। हत्या के 28 दिन बीत जाने के बाद पुलिस अभी लकीर पीट रही है। जमीन में हिस्सेदारी के बिंदु पर भी पुलिस कर रही जांच

 

पुलिस कैंप जेल के सामने जिस जमीन के डील में अभिषेक समेत दिलीप, ललन राय और डब्लू मंडल ने रुपये लगाए थे। उस जमीन में भी अमरजीत की हत्या के तार पुलिस खोज रही है। इसके अलावा शहर के कई अन्य जमीन की डील पर भी पुलिस की नजर है। जिसमें अभिषेक से जुड़े लोग शामिल हैं। हालंाकि, अमरजीत का इन डील में किसी भी हिस्सेदारी से परिवार वालों ने पूर्व में ही इंकार किया है।

विवादित जमीन में रुपये का निवेश करता था अभिषेक

 

जांच के दौरान पुलिस को इस बात की जानकारी मिली है कि अमरजीत हत्याकांड का मुख्यारोपित अभिषेक सोनी शहर की विवादित जमीन में रुपये का निवेश करता था। इसमें अभिषेक का सहयोग उसका साथी राजकुमार सिंह उर्फ ¨रकू सिंह समेत कैंप जेल में जमीन की हिस्सेदारी करने वाले लोग करते थे। यदि जमीन में किसी प्रकार विवाद होता था तो उस विवाद को सुलझाने के लिए राणा मियां का खास गुर्गा शाहनवाज उर्फ लकी को भेजा जाता था। जिसमें राणा और अभिषेक के लड़के शामिल होते थे। वे लोग जमीन की डील में अड़ंगा लगाने वाले लोगों डराने धमकाने का काम करते थे। यदि इससे वे मान जाते तो ठीक नहीं तो उन लोगों के साथ वे लोग मारपीट भी करते थे। ऐसे में कोई डर से उन लोगों की कोई शिकायत नहीं करता था।

पुलिस में भी थी पैठ

शहर के भू-माफियाओं के रुप में अभिषेक सोनी और उनके कुछ अन्य साथी लाखों, करोड़ों के जमीन में हिस्सेदारी करते थे। वे लोग स्थानीय थानों में भी कुछ पुलिसकर्मियों को मिलाकर रखते थे। ताकि किसी शिकायत आने पर उन लोगों ने जानकारी मिल सके। वहीं जो थानेदार या पुलिसकर्मी उन लोगों की मदद नहीं करता था। ये सभी उस थानेदार या पुलिसकर्मी को बदनाम करने के लिए अलग अलग आरोप लगा वरीय अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराते थे।

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