पटना के जीपीओ गोलंबर की सीढ़ी पर शनिवार की देर रात हुए गैंगरेप के मामले में कोतवाली पुलिस की छानबीन में बड़ा खुलासा हुआ है. नाबालिग युवती (17) साजिश की शिकार हुई है. साजिश ये थी कि गैंगरेप के बाद युवती की हत्या कर दी जाती. दरअसल जीपीओ के पास लहसुन बेचने वाले माेनू को वह पिछले एक महीने से जानती है, उससे उसकी मुलाकात भी रही है.

 

रविवार की रात भी युवती मोनू के बुलाने पर फतुहा से ट्रेन पकड़ कर पटना आयी थी. इधर उसका दोस्त मोनू गैंगरेप की साजिश रच चुका था. उसने अपने दोस्तों को बुला लिया. मोनू के अलवा छोटू, बऊआ, फेंकन भी जीपीओ पहुंच गये थे. जब युवती स्टेशन से जीपीओ पहुंची तो उसे मोनू बहला-फुसलाकर जीपीओ के सीढ़ी पर ले गया. वहां उसके पहले से तीन दोस्त मौजूद थे.

 

इसके बाद मोनू और छाेटू ने उसके साथ रेप किया, बाकी दो भी रेप करने वाले थे, इस दौरान मामला उजागर हो गया. पुलिस ने मौके से छोटू और फेंकन को गिरफ्तार किया. पुलिस की मानें तो अगर मौके पर पुलिस नहीं पहुंचती तो युवती की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी जाती. मामले की छानबीन की जा रही है. पुलिस ने देर रात गार्डिनर अस्पताल में युवती का मेडिकल कराया. सोमवार को कोर्ट में 164 के तहत बयान दर्ज कराया जायेगा. गैंगरेप के इस केस को कोतवाली थाने की पुलिस टीम ने पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज कर लिया है.

 

आईजी ने की केस की समीक्षा, एसआईटी गठित

 

गैंगरेप की घटना के बाद रविवार को पटना पुलिस हरकत में दिखी. आईजी नैय्यर हसनैन खान ने डीएसपी लॉ एंड ऑडर्र डॉ मोहम्मद शिब्ली नोमानी और काेतवाल रमाशंकर से रिपोर्ट तलब किया अौर फिर केस की समीक्षा बैठक बुलाया.

 

समीक्षा बैठक में यह बात सामने आयी है कि मोनू ने गहरी साजिश रची थी, गैंगरेप के बाद युवती की हत्या कर दी जाती, इस खुलासे के बाद आईजी ने पूरे मामले की जांच और फरार चल रहे दोनों बदमाशों को गिरफ्तार करने के लिए एक स्पेशल टीम बनाया है.

डीएसपी डा. मो. शिब्ली नोमानी इस स्पेशल टीम को लीड करेंगे. टीम में कोतवाल रामशंकर सिंह, गांधी मैदान के थानेदार दीपक कुमार, कदमकुआं के थानेदार अजय कुमार, एसएसपी के स्पेशल सेल और पुलिस लाइन के पदाधिकारियों को शामिल किया गया है.

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