रमजान पर भारत ने किया एकतरफा संघर्ष विराम, आतंकी हुए बेलगाम, किये तीन हमले

केंद्र सरकार की ओर से बुधवार को रमजान के दौरान सुरक्षाबलों से जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन नहीं चलाने की घोषणा के कुछ देर बाद ही शोपियां, सांबा और पुलवामा जिले के त्राल में आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ हो गयी. पुलिस ने बताया कि आतंकवादियों ने शोपियां जिले के जामनगरी में सेना के गश्ती दल पर गोलियां चलायीं. जवानों ने जवाबी गोलीबारी की और मुठभेड़ शुरू हो गयी. हालांकि, इसमें किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है.

 

इसके पहले, बुधवार को ही सुरक्षा बलों ने पुलवामा जिले में त्राल के जंगलों में तलाशी अभियान शुरू किया. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों से उनकी संक्षिप्त मुठभेड़ हुई. उन्होंने कहा कि आतंकवादी घने जंगलों में भाग गये. इसके बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया. वहीं, सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आंतकियों ने घुसपैठ का प्रयास किया, जिसे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने नाकाम कर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले राज्य में हाईअलर्ट जारी है. मोदी 19 मई को राज्य के दौरे पर आ रहे हैं.

 

बीएसएफ, जम्मू फ्रंटियर के महानिरीक्षक राम अवतार ने कहा, ‘बुधवार को घुसपैठ का प्रयास हुआ, लेकिन इसे नाकाम कर दिया गया.’ घुसपैठियों के एक समूह ने बोबियां क्षेत्र में घनी हरियाली का फायदा उठाते हुए भारतीय सीमा में घुसने का प्रयास किया. अवतार ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई, जिसके बाद घुसपैठिये फरार हो गये. बीएसएफ द्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीते चार दिन में यह छठा मौका है, जब घुसपैठ के प्रयास को नाकाम किया गया. कठुआ जिले में सोमवार को सीमा पर संदिग्ध आतंकवादियों की गतिविधियों का पता चलने के बाद जम्मू क्षेत्र में हाईअलर्ट जारी किया गया था.

 

इससे पहले, जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और विपक्षी पार्टी नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार के रमजान के पवित्र महीने के दौरान जम्मू-कश्मीर में सैन्य अभियान नहीं चलाने के फैसले का स्वागत किया. केंद्र सरकार की घोषणा के बाद महबूबा ने एक ट्वीट में कहा, मैं दिल से रमजान में संघर्षविराम का स्वागत करती हूं और नरेंद्र मोदी तथा राजनाथ सिंह जी का उनके निजी हस्तक्षेप के लिए धन्यवाद देती हूं. मैं उन सभी पार्टियों और नेताओं की भी आभारी हूं, जिन्होंने सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेकर इस सामंजस्य तक पहुंचने में मदद की.’ उन्होंने कहा कि रमजान शांति का अग्रदूत है और इस तरह का फैसला दीर्घकालीन वार्ता के लिए शांति बहाल करने और सौहार्दपूर्ण माहौल तैयार करने में भूमिका निभायेगा.

 

वहीं, विपक्षी दल के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि रमजान के दौरान सैन्य अभियान पर रोक लगाने के केंद्र सरकार के फैसले का अगर आतंकवादी सकारात्मक तरह से जवाब नहीं देते हैं, तो इससे पता चलेगा कि वह लोगों के दुश्मन हैं. उन्होंने एक ट्वीट में कहा, सभी राजनीतिक पार्टियों (भाजपा को छोड़कर, इस पार्टी ने इस मांग का विरोध किया था) की मांग पर केंद्र सरकार ने एकपक्षीय संघर्षविराम की घोषणा की. अगर आतंकवादी इस फैसले का सकारात्मक जवाब नहीं देते हैं, तो इससे पता चलेगा कि वह लोगों के दुश्मन हैं.

 

इससे पहले, बुधवार को ही केंद्र ने सुरक्षा बलों से रमजान के महीने में जम्मू-कश्मीर में सैन्य अभियान नहीं चलाने को कहा था. नयी दिल्ली में गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह कदम शांतिप्रिय मुस्लिमों को शांतिपूर्ण माहौल में रमजान मनाने में मदद करेगा. प्रवक्ता ने कहा कि हालांकि, सुरक्षाबलों के पास यह अधिकार है कि अगर हमले होते हैं या निर्दोष लोगों की सुरक्षा पर संकट खड़ा होता है, तो वह जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं.

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