लखबीर सिंह लक्खा के भजनों पर खूब लगे जयकारे, लोगों ने भी मिलाए सुर

लखबीर सिंह लक्खा के भजनों पर खूब लगे जयकारे, लोगों ने भी मिलाए सुर

16th May 2018 0 By Kumar Aditya

प्यारा सजा है दरबार भवानी, न्यारा सजा है  तेरा द्वार भवानी, भक्तों की  लगी है कतार भवानी…गजानन पूरण कार्य करो, सफल हमारा आयोजन करो, पिता सदाशिव भोले शंकर, गौरी  मां के दुलारे…आदि एक  से बढ़कर  एक भक्ति गीत लखबीर  सिंह लक्खा ने गाकर भक्तों को खूब झुमाया। मौका था जयमाता दी  सेवा समिति भागलपुर  की ओर  से दुर्गाचरण हाईस्कूल के  प्रांगण में मां भगवती का जागरण का। दर्शकों से पूरा पंडाल खचाखच भरा हुआ था। भक्त गीत के दौरान थिरक रहे थे। पंडाल तालियां की गड़गड़ाहट से  गूंज रहा था। रेलवे रेल यात्री संघ और  आयोजन समिति द्वारा लखबीर  सिंह  का स्वागत किया गया। इससे पहले  पूर्व मेयर दीपक भुवानियां, राजीवकांत मिश्रा, केंद्रीय रेलवे रेल यात्री संघ  के अध्यक्ष  सह  समिति के उपाध्यक्ष  विष्णु खेतान,  समिति के अध्यक्ष  सुजीत कुमार  सिंह, सचिव  संजीव  कुमार  ने  संयुक्त रूप  से कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मौके पर प्रवीण कुमार  जुगनू, राजीव कुमार, आशीष कुमार पाठक, अमित कुमार मिंटू, विवेक  कुमार, मुकेश कुमार  सिंह, अमरेन्द्र कुमार वर्मा आदि मौजूद  थे।  संचालन आकाशवाणी के कलाकार डॉ. विजय  कुमार मिश्र ने किया ।

 

धर्म के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए .. 

लखबीर सिंह ने कहा कि धर्म व राजनीति दोनों अलग-अलग हैं। धर्म के नाम  पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। आज  देश गुलाम होगा  तो कहीं का नहीं रहेंगे।  इसलिए  देश के प्रति लोगों को किसी प्रकार का राजनीति नहीं करनी चाहिए।  हमारा  देश त्योहारों का  देश है। आज  दो त्योहार हैं एक वट सावित्री व्रत और  दूसरा शनि महाराज की जयंती। उन्होंने कहा कि मां ने मेरे झोली में जो डाली है  मैं उसे सुना रहा हूं।  तूफानों से जो ले टक्कर ले उसे इंसान कहते हैं, झुका  दे जो  जहाजों को उसे  तूफान कहते हैं और इंसानों से जो ले टक्कर उसे शैतान कहते  हैं। शैतानों से जो ले टक्कर उसे हनुमान कहते हैं। मां की चर्चा करते हुए कहा  कि हिमालय सबसे ऊंची है। हिमालय से भी ऊंची है मां, पर पत्थर सी कठोर  नहीं, सागर से गहरी है मां पर, सागर सी खारी नहीं है। भागलपुर की पहचान देश स्तर पर रही है। धर्म से जोड़ने का प्रयास लोगों को करते रहना चाहिए।

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