शौचालय घोटाला में एनजीओ का सचिव गिरफ्तार, सरेंडर करने से पहले पकड़ा गया

शौचालय घोटाला में एनजीओ का सचिव गिरफ्तार, सरेंडर करने से पहले पकड़ा गया

14th November 2017 0 By Kumar Aditya

पटना जिले में हुए करोड़ों के शौचालय घोटाले में मंगलवार को एसआईटी को बड़ी सफलता हाथ लगी। एसआईटी ने एनजीओ मां सर्वेश्वरी सेवा संस्थान बख्तियारपुर के सचिव मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे तब गिरफ्तार किया जब वह पुलिस की नजरों से बचकर गांधी मैदान स्थित सिविल कोर्ट में सरेंडर करने जा रहा था। एसआईटी उससे रंगदारी सेल में पूछताछ कर रही है।
बता दें कि आरोपित मनोज 3 नवम्बर को गांधी मैदान थाने में शौचालय घोटाला की एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही फरार था। इस मामले में अब तक चार आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
विनय-बिटेश्वर से संबंधों को लेकर पूछताछ

एसआईटी मनोज को रंगदारी सेल लाने के बाद कई सवाल किए। उससे पूछा गया कि आप मां सर्वेश्वरी सेवा संस्थान एनजीओ में कब से हैं। इसके सदस्य कौन-कौन हैं। पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता विनय कुमार सिन्हा और लेखापाल बिटेश्वर प्रसाद सिंह से कैसा संबंध रहा है। दोनों से कितनी बार मुलाकात हुई है। शौचालय निर्माण की राशि की निकासी के लिए कहां बातचीत होती थी। पीएचईडी ऑफिस में विनय और बिटेश्वर से कितनी बार मुलाकात हुई है। मनोज से पूछा गया कि आपने अपने खाते का पैसा कितने रिश्तेदारों के खाते में डाला है।
एनजीओ के रजिस्ट्रेशन की जांच शुरू
शौचालय घोटाले में चार नामजद एनजीओ समेत एक दर्जन एनजीओ की जांच की जा रही है। एनजीओ मां सर्वेश्वरी सेवा संस्थान, सत्यम शिवम कला केन्द्र, शिव सेवा संस्थान, मनेर व आदि शक्ति सेवा संस्थान के अलावा एक दर्जन से अधिक एनजीओ के रजिस्ट्रेशन की जांच की जा रही है। एनजीओ में शामिल सदस्यों व उनके पते का भी सत्यापन किया जा रहा है।
शौचालय घोटाला में अब तक डाटा इंट्री ऑपरेटर प्रीति कुमारी, एनजीओ संचालिका बॉबी देवी के पति प्रवीण कुमार, सचिव मनोज कुमार समेत चार आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है। एनजीओ के रजिस्ट्रेशन की जांच की जा रही है। आरोपित कार्यपालक अभियंता विनय, लेखापाल बिटेश्वर व अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
– मनु महाराज, एसएसपी

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