संन्यास पर सरदार सिंह का बड़ा बयान

संन्यास पर सरदार सिंह का बड़ा बयान

3rd November 2018 0 By Rahul Raj

भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह ने अपने रिटायरमेंट पर पहली बार खुलकर बात की। उन्होंने अपने करियर के जल्द खत्म होने के लिए हॉकी इंडिया के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर (HPD) डेविड जॉन और पूर्व कोच शोर्ड मारिन को सबसे बड़ी वजह बताया है। बता दें कि हाल ही में एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में भारत को मलयेशिया के खिलाफ हार के बाद ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा था। इसके बाद सरदार ने संन्यास की घोषणा कर दी थी।

पूर्व कप्तान सरदार ने कहा कि कोच रोलेंट ऑल्टमैंस को हॉकी इंडिया का कोच पद से हटाना उनके खिलाफ गया। उनकी जगह नीदरलैंड्स के शोर्ड मारिन ने ली, जो करियर खत्म होने के लिए सबसे बड़ी वजह बने। भारत के सबसे सफल मिडफील्डरों में से एक सरदार ने कहा, ‘मेरे संन्यास के फैसले के पीछे कई वजहें रहीं। ओल्टमैंस के हटाए जाने के बाद कई चीजे घटीं। जॉन और नए विदेशी कोच (शोर्ड मारिन) युवा खिलाड़ियों का उपयोग करना चाहते थे। हमने एशिया कप (2017) जीता था और मैं अपने करियर के और लंबा होने की उम्मीद कर रहा था, लेकिन बिना किसी बातचीत के मुझे टीम से बाहर कर दिया गया।’
उन्होंने कहा, ‘उसके बाद मुझे सुल्तान अजलन शाह-2018 में जूनियर खिलाड़ियों के साथ भेजा गया, जो मलयेशिया में खेला गया। यहां से जब मैं वापस आया तो गोल्ड कोस्ट में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स से फिर मुझे नजरअंदाज कर दिया गया। मैंने खुद से सवाल पूछना शुरू किया कि क्या चल रहा है। एशियाई खेलों के बाद मैं 2020 ओलिंपिक तक खेलने के बारे में सोच रहा था। मै पूरी तरह फिट था, भारतीय टीम के सबसे फिट खिलाड़ियों में एक था, लेकिन फिर मैंने (टीम से दोबारा बाहर किए जाने के बाद) संन्यास लेने का मन बना लिया।’
भारत के लिए 314 मैच खलने वाले इस दिग्गज ने जॉन को झूठा होने का आरोप लगाते हुए बताया कि नैशनल कैंप के दौरान यो-यो टेस्ट में उनका स्कोर 21.4 था। बावजूद इसके कोच जॉन ने उन्हें सार्वजनिक रूप से धीमा करार दिया। मुझे नहीं पता कि जॉन ने ऐसा बयान क्यों दिया।
उन्होंने यह भी बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स-2018 से पहले आयोजित नैशनल कैंप के खत्म होने के बाद टीम की घोषणा हुई, लेकिन यह खिलाड़ियों के सामने नहीं हुई थी। दरअसल, खिलाड़ियों के कमरों के दरवाजे पर पेपर शीट चस्पा किया गया था। पेपर पर जिनके नाम थे उन्हें मैदान में आना था, बाकियों को बाद में बताने की बात की गई थी। गौरतलब है कि जब कॉमनवेल्थ में भारतीय हॉकी टीम चौथे नंबर पर रही तो मारिन को कोच पद पर से हटा दिया गया। उनकी जगह हरेंद्र सिंह कोच बने। दूसरी ओर, जॉन अब भी हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर हैं।

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