समय पर चल सकेंगी रेलगाड़ियां, रेलवे ने तैयारी की ये रणनीति

समय पर चल सकेंगी रेलगाड़ियां, रेलवे ने तैयारी की ये रणनीति

11th August 2018 0 By Bibhav Kumar

रेलवे ने ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए तैयार की योजना (फाइल फोटो)
रेलगाड़ियों को समय पर न चला पाने को ले कर रेलवे की काफी आलोचलना हुई है. ऐसे में रेलवे ने रेलगाड़ियों को समय पर चलाने के लिए नई योजना पर काम करना शुरू कर दिया है. इस योजना के तहत एक श्रेणी की ट्रेन में एक तरह के डिब्बे ही लगाए जाएंगे.
नई दिल्ली : रेलगाड़ियों को समय पर न चला पाने को ले कर रेलवे की काफी आलोचलना हुई है. ऐसे में रेलवे ने रेलगाड़ियों को समय पर चलाने के लिए नई योजना पर काम करना शुरू कर दिया है. इस योजना के तहत एक श्रेणी की ट्रेन में एक तरह के डिब्बे ही लगाए जाएंगे. ऐसे में एक ट्रेन से जुड़ी ट्रेन देरी से आती है तो उसकी जगह पर दूसरी ट्रेन के रेक को चला दिया जाएगा. इससे गाड़ियों को समय पर चलाया जा सकेगा. सबसे पहले राजधानी व शताब्दी गाड़ियों में बदलाव किए जाएंगे.

इस योजना से टाइम पर चल सकेगी ट्रेन
रेलगाड़ियों को समय चलाने के लिए रेलवे के सामने ये समस्या आ रही कि किसी ट्रेन को तब तक समय से नहीं चलाया जा सकता था जब तक उससे जुड़ी ट्रेन या वापसी में आ रही ट्रेन समय पर ना आ जाए. ऐसे में ट्रेन के देरी से आने पर जाने वाली ट्रेन को भी देरी से चलाना पड़ता था. अब रेलवे सभी ट्रेनों में एक तरह के डिब्बे लगाने की योजना बना रहा है. इसके तहत यदि वापसी में आने वाली ट्रेन घंटों लेट है तो किसी और ट्रेन के रेक को समय पर चला दिया जाएगा. उदाहरण के तौर पर फिलहाल यदि मुंबई राजधानी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलाने का समय हो चुका है पर मुम्बई से आने वाली ट्रेंन घंटों देरी से आ रही है तो ऐसी स्थिति में इस ट्रेन को समय पर नहीं चलाया जा सकेगा. लेकिन रेलवे की नई योजना के तहत यदि मुम्बई से आने वाली ट्रेन घंटों देरी से आ रही है तो नई दिल्ली पहुंची चुकी किसी भी राजधानी ट्रेन के रेक को मुंबई राजधानी की जगह पर चला दिया जाएगा.

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अब तक थी ये मुश्किल
रेलवे में एक ही तरह की श्रेणी की गाड़ियों में कई तरह के डिब्बे चल रहे थे. ऐसे में एक ट्रेन की जगह पर रेक उपलब्ध होने के बावजूद दूसरे ट्रेन के रेक को नहीं चलाया जा सकता था. कई बार एक ट्रेन से डिब्बे काट कर दूसरी ट्रेन में लगा कर उसे चलाने के प्रयास होते थे लेकिन कई बार एक तरह के डिब्बे न होने से ये योजना भी सफल नहीं हो पाती थी और रेलगाड़ियां घंटों देरी से चलती थीं. नई योजना के तहत यह समस्या हल हो जाएगी.

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आधी गाड़ियां ही समय पर चला पा रहा था रेलवे
हाल ही में रेलवे बोर्ड के सदस्य यातायात की ओर से रेलवे के पांच जोनों के सीपीटीएम और पीसीओएम की बैठक के दौरान सामने आया कि उत्तर रेलवे मात्र 56 फीसदी रेलगाड़ियों को ही समय पर चला पा रहा है. आंकड़ों की समीक्षा से ये तथ्य सामने आए कि गाड़ियों को समय से चलाने की स्थिति दिन प्रति खराब होती जा रही है. ऐसे में रेलगाड़ियों को समय पर चलाए जाने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे.

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