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सितंबर से घरों में लगेंगे प्रीपेड बिजली मीटर 2 साल के अंदर बदल दिए जाएंगे जर्जर तार: नीतीश कुमार

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिजली विभाग के अधिकारियों को तीन की बजाए दो साल में ही पूरे राज्य में जर्जर बिजली के तारों को बदलने का टास्क सौंपा है। शुक्रवार को ऊर्जा विभाग की 7522 करोड़ की योजनाओं के उद्‌घाटन और शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने अगले माह से घरों में बिजली के प्रीपेड मीटर लगाने के साथ ही कजरा में 250 मेगावाट और पीरपैंती में 235 मेगावाट के उत्पादन क्षमता के सौर ऊर्जा पार्क के निर्माण की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बिजली के क्षेत्र में सबसे बेहतर काम हुआ है। सभी इच्छुक परिवारों के बीच इस साल के अंत तक बिजली कनेक्शन दे दिया जाएगा। यही नहीं, मार्च 2019 से बिहार में कृषि के लिए अलग फीडर से बिजली मिलने लगेगी। एग्रीकल्चर फीडर का निर्माण कराया जा रहा है। बताया गया है कि 120 फीडर का निर्माण कराया जा चुका है। बिजली विभाग ने 1312 कृषि फीडर का निर्माण मार्च तक पूर्ण करने का भरोसा दिया है। अब बिजली के पुराने तारों को बदलने के लिए 3000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। बिजली का तार गिरने से मौत की खबर मुझे सबसे दुखदायी लगती है।

बिजली चोरी रोकने के लिए कोटेड तार लगाए जाएंगे
सीएम ने कहा कि कोयला की उपलब्धता व पावर जेनरेशन में दिक्कत को देख हमने कांटी, बरौनी व नवीनगर प्रोजेक्ट एनटीपीसी को सौंप दिया। पिछले 6 वर्षों में बिजली के क्षेत्र में तेजी से काम हुआ है। हर गांव और टोले तक बिजली पहुंच गई है। सात निश्चय में से एक निश्चय हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य इस वर्ष पूर्ण होना है। ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव ने भी आश्वस्त किया है। बिजली चोरी की समस्याओं का समाधान भी किया जा रहा है, इसके लिए नए तरीके लागू किए जा रहे हैं। अब सप्लाई के तार कोटेड रहेंगे।

ऊर्जा कंपनी का लॉस 40 से घटकर 33% हुआ
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 में बिजली की आपूर्ति 700 मेगावाट थी, इसमें से नेपाल और रेलवे को भी दी जाती थी। इस वर्ष जुलाई तक 5008 मेगावाट आपूर्ति हो रही है। कंपनी का लॉस घटा है। सरकार को कम अनुदान देना पड़ रहा है। पिछले वर्ष विभाग को 8000 करोड़ रुपए की आय हुई। टेक्नीकल एंड कॉमर्शियल लॉस 40 से 33% हो चुका है। 25% करना है। बिल समय पर मिल जाए और पेमेंट हो जाए तो इसे 10% कर दिया जाएगा। 2018-19 में सरकार उपभोक्ताओं को 3137 करोड़ सब्सिडी दे रही है। सीएम ने विद्युत भवन में मॉडर्न लाइब्रेरी, महिला कॉमन रूम व सभागार का भी उद्‌घाटन किया।

बारिश होने पर भी नहीं बढ़ेगा पटवन शुल्क, 75 पैसा प्रति यूनिट ही लगेगा
मुख्यमंत्री ने कृषि के क्षेत्र में बिजली के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि बारिश होने के बाद भी पटवन के लिए बिजली का शुल्क 75 पैसे प्रति यूनिट ही लगेगा। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के अफसरों से कहा कि आप मेरा काम समय पर करा दीजिए, हम आपकी सभी समस्याएं दूर कर देंगे। मार्च 2019 तक आप लोग कृषि के लिए अलग से फीडर बना दीजिए, हम आपका सारा काम कर देंगे। हम लोगों से फीड बैक लेने के लिए ही फील्ड में निकलते हैं। आप भी फील्ड में निकलिए और लोगों से फीडबैक लेकर काम कीजिए।

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