सुख-समृद्धि की कामना के साथ नम आंखों से श्रद्धालुओं ने मां काली को दी विदाई

सुख-समृद्धि की कामना के साथ नम आंखों से श्रद्धालुओं ने मां काली को दी विदाई

11th November 2018 0 By Deepak Kumar

भागलपुर की अधिकांश काली प्रतिमाओं का विसर्जन मायागंज स्थित काली विसर्जन घाट पर शनिवार शाम से लेकर देर रात तक हुआ। लोगों ने घाट पर आरती और सुख-समृद्धि की कामना के साथ मां काली को विदाई दी।
इससे पहले शुक्रवाद देर रात से स्टेशन चौक से शुरू हुई विसर्जन शोभायात्रा में 78 प्रतिमाओं के साथ हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा में परबत्ती की प्राचीन मां बुढ़िया काली प्रतिमा की आरती स्टेशन चौक, बूढ़ानाथ चौक, आदमपुर व विसर्जन घाट पर हुई। संध्या छह बजे परबत्ती की प्रतिमा का विसर्जन हुआ। इसके पहले शनिवार को बूढ़ानाथ चौक पर बमकाली की प्रतिमा की भव्य आरती हुई।
घाट पर कम जगह होने से लगा समय
हालांकि विसर्जन घाट की चौड़ाई कम होने के कारण विसर्जन में काफी समय लगा। काली महारानी महानगर केंद्रीय महासमिति के मंत्री कन्हैयालाल ने बताया कि नगर आयुक्त से घाट की चौड़ाई बढ़ाने की मांग की गयी थी लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।
इससे पूर्व शनिवार को अल सुबह 3.25 में परबत्ती की प्राचीन बुढ़िया काली व जोगसर की बमकाली प्रतिमा का खलीफाबाग चौक पर मिलन हुआ।

मिलन के बाद परबत्ती की प्रतिमा आगे बढ़ गयी। बाकी प्रतिमा बीच में रही। इसके बाद अंतिम में बमकाली प्रतिमा विसर्जन के लिए आगे बढ़ी। महासमिति के द्वारा आदमपुर में भी सभी प्रतिमाओं की आरती की गयी। सबसे पहले दोपहर 1.20 बजे परबत्ती की प्राचीन काली पहुंची। आदमपुर में मौजूद महासमिति के संरक्षक प्रो. आनंद मिश्रा व कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. सुरेश प्रसाद यादव ने बताया कि विसर्जन शोभायात्रा में 78 प्रतिमाएं शामिल थी।
मुस्लिम समाज का सहयोग
तातारपुर में मुस्लिम समुदाय के मजहर अख्तर शकील, डॉ. सलाहउद्दीन अहसन, डॉ. अजीज अहमद आदि शोभायात्रा को सफल बनाने में जुटे रहे।
शोभायात्रा में किया कला का प्रदर्शन
शोभायात्रा में विभिन्न काली पूजा समिति के युवकों ने पारंपरिक अस्त्रों (तलवार, भाला, लाठी, फरसा, त्रिशूल) का प्रदर्शन किया। परबत्ती के युवकों ने भी चौक-चौराहों पर कलाबाजी दिखायी। पूजा समिति के अध्यक्ष कामेश्वर यादव भी रथ पर सवार होकर विसर्जन घाट पहुंचे। मशानी काली, उर्दू बाजार के प्रवक्ता राजकुमार यादव ने बताया कि शोभायात्रा में एक सौ से अधिक युवकों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।

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