सौ एकड़ जमीन में डेढ़ साल से जा रहा नाले का पानी,गुस्साए किसानों ने साढ़े सात घंटे तक गोराडीह-लोदीपुर सड़क को किया जाम,हंगामा

नगर निगम क्षेत्र के नाले का पानी सरमसपुर व लोदीपुर पंचायत के  करीब सौ एकड़ जमीन में जाने से नाराज किसानों ने सोमवार को साढ़े  सात घंटे तक गोराडीह-लोदीपुर मार्ग  जाम किया। किसानों ने सड़क जाम  कर डीएम, मेयर व जिप अध्यक्ष का  पुतला दहन किया और नारेबाजी की।  यही नहीं शहरी क्षेत्र का कूड़ा डंप  करने गए ऑटो ट्रीपर का शीशा तोड़ा व ड्राइवर एवं मजदूरों से मारपीट भी  की। यह जाम दो जगह किया गया,  जिसमें एक लालूचक और दूसरी  जगह गंगटा पोखर के पास। किसानों  ने इससे जुड़े सभी ब्रांच लाइनों को  भी बंद कर दिया। लोदीपुर थाना से लेकर सीओ व डीएसपी जब समझा  कर हार गए तो सदर एसडीओ  पहुंचे। मंगलवार को तीन बजे डीएम, नगर आयुक्त व प्रमंडलीय  आयुक्त के साथ मिलकर तत्काल  वैकल्पिक उपाय पर चर्चा होगी। इसी  आश्वासन पर किसान माने, तब  सड़क जाम समाप्त हुआ। किसानों  ने यह भी कहा कि उपाय नहीं हुआ  तो बुधवार को फिर आंदोलन होगा।  वहीं जाम की वजह से लोगों को  परेशानियों का सामना करना पड़ा।

थानेदार, सीओ व डीएसपी की नहीं सुनी, एसडीओ ने मंगलवार को डीएम से मिलने का दिया आश्वासन तब माने किसान गंदे पानी की वजह से डेढ़ साल से नहीं हो रही खेतों  में फसल किसानों ने एसडीओ से मांग करते  हुए कहा कि डेढ़ साल से इस इलाके  में सौ एकड़ जमीन में फसल नहीं  हो रही है। अभी धान का सीजन है,  अगर खेतों से पानी निकाल दिया  जाए तो धान की फसल हो सकती  है, साथ ही किसानों के नुकसान की  भरपाई के लिए एसडीओ से मुआवजे  की मांग की। जिप सदस्य अरविंद  मंडल ने अबतक में डीएम से लेकर  प्रमंडलीय आयुक्त व मेयर, निगम  प्रशासन व जिप अध्यक्ष को दिए  गए ज्ञापन की कॉपी भी दिखाई।  एसडीओ ने कहा कि इतने दिनों  से यह समस्या है, लेकिन हमे तो  आपलोगों ने बताया ही नहीं। अब  जानकारी मिली है तो हम कोशिश  करेंगे कि आपलोगों से मिलने के  बाद जिलाधिकारी को पूरे मामले की  जानकारी देकर निदान कराया जाए।  मौके पर किसान संजीत कुमार,  सुनील कुमार समेत अन्य ग्रामीण  मौजूद थे। इधर स्वास्थ्य शाखा  प्रभारी महेश साह ने बताया कि  आंदोलनकारियों ने ऑटो ट्रीपर का  शीशा तोड़ दिया है।

उस इलाके के जिला परिषद सदस्य अरविंद कुमार हैं, उन्होंने कभी तो  हमें इस बारे में ज्ञापन नहीं दिया। वो खुद  भी जनप्रतिनिधि हैं, किसी का पुतला जलाने  से काम हो जाएगा, यह तो जरूरी नहीं है।

टुनटुन साह, जिप अध्यक्ष

डेढ़ साल के अंदर जिप की जितनीबैठकें हुई, सभी में इस मुद्दे पर चर्चाहुई। लिखित ज्ञापन भी दिया और बोर्ड कीकार्रवाई में भी आया, लेकिन जिप अध्यक्षको इसके बाद भी ज्ञापन नहीं मिला तोक्या कहा जा सकता है।

अरविंद कुमार, जिप सदस्य

पुतला जला तो पीआरओ से की बात

सड़क जाम करने व पुतला दहन की सूचना मिलने पर मेयर सीमासाहा ने निगम के पीआरओ विनय कुमार यादव को बुला करजानकारी ली। पीआरओ ने बताया कि प्रधान सचिव से बात हुई हैकि शहर में छह बड़े नाले बनाए जाएंगे। इसमें सरमसपुर इलाके मेंबड़े नाले का भी प्रस्ताव शामिल किया जाएगा।

एक ही पुतले में तीनों को किया शामिल

किसानों ने एक ही पुतले में तीनों का नाम जोड़ कर जला दिया।जिसमें डीएम का शरीर और दाहिने हाथ में जिप अध्यक्ष टुनटुनसाह और बाएं हाथ को मेयर सीमा साहा बनाया था। किसानों नेजिलाधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिला के मुखिया नेभी इसे गंभीरता से नहीं लिया, इस बात का दु:ख है।

पहले खुदवाया नाला,अब बन रहे अंजान

डेढ़ वर्ष पूर्व नगर निगम क्षेत्रके नालों से निकलने वाले पानीकी निकासी के लिए करीबतीन हजार मीटर नाला खुदवानेवाले सिटी मैनेजर विनय कुमारयादव घटना से अनजान बननेकी कोशिश करते रहे। पूछनेपर बताया कि जाम हुआ है तोनिदान हो ही जाएगा। प्रधानसचिव ने कहा ही है कि कामहो जाएगा।

कार्यपालकअभियंता का ऐसेबदला बयान

डूडा के कार्यपालक अभियंतामनोज कुमार ने 15 मार्च 2017को कहा था कि हमलोगअपनी टीम के साथ सुबह मेंलालूचक अंगारी गए थे, वहांनापी करने के बाद यही लगाकि तीन हजार फीट नालाबनाना पड़ेगा। जिसमें नालेके उपर ढक्कन भी लगनाहै और नाला ग्रामीण क्षेत्र मेंही बन सकता है। उसी रास्तेशहर के नाले का गंदा पानीनिकल सकता है। इसके लिए49 लाख रुपए का एस्टीमेटबना कर नगर निगम को दियागया है। अब वहां से परमिशनमिलने के बाद काम शुरूकिया जाएगा। अब कहा सालभर पहले का मामला है, यहयोजना शाखा ही बताएगा। अभीतो उसमें कुछ हुआ नहीं है,पता नहीं कि निगम से स्टीमेटगया है या नहीं। यह निगम सेदेखना होगा, तभी कुछ पताचल सकता है।

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