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हाईकोर्ट ने पूछा- जब कानून में प्रावधान नहीं फिर शराब पीकर चलाने पर क्यों जब्त की जा रही गाड़ी

पटना. हाईकोर्ट ने शराब पीकर गाड़ी चलाने पर गाड़ी जब्त करने को लेकर नाराजगी जताई है। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने मुख्य सचिव और जमुई के डीएम से जवाब-तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने मुख्य सचिव से पूछा है कि जब शराबबंदी कानून में ऐसा प्रावधान है ही नहीं, तो फिर गाड़ियां जब्ती कैसे की जाती हैं? क्यों नहीं ऐसे अर्जीदारों को सरकार से मुआवजा दिलवाएं, जिन्हें बेवजह अपनी गाड़ी छुड़वाने हाईकोर्ट आना पड़ता है? 30 जुलाई तक जवाब देने का आदेश दिया है।

शराब पीकर चलाने के आरोप कई वाहन पकड़े जा चुके: मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हमें सैकड़ों मामले ऐसे मिले हैं, जिनमें शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाने पर आरोपी की गाड़ी भी जब्त कर ली गई है। याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि उसकी जब्त बाइक को हाईकोर्ट ने पहले ही छोड़ने का आदेश दिया था। लेकिन, जमुई के डीएम ने हाईकोर्ट के आदेश को नहीं माना। इस पर हाईकोर्ट ने डीएम को पेश होने का आदेश दिया। अगली सुनवाई 31 को होगी।

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