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हाल मायागंज अस्पताल का… जमीन पर मरीज, कर्मचारी ने वार्ड को बनाया क्वार्टर

एक तरफ जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में बेड की कमी के कारण मरीजों का इलाज जमीन पर लिटाकर किया जा रहा है वहीं, दूसरी ओर अस्पताल के कर्मचारी ने ही वार्ड पर कब्जा कर उसे फैमली क्वार्टर बना लिया है। ऐसे में मरीजों को परेशानी हो रही है लेकिन इसे देखने वाला कोई नहीं है। जितनी जगह पर कर्मचारी ने कब्जा कर रखा है उतने में कम से कम 30 से 40 बेड आसानी से लगाए जा सकते हैं। यह सब जानने के बाद भी अस्पताल प्रशासन पूरी तरह अनजान बना हुआ है।

इमरजेंसी के दूसरे तल पर मानसिक रोग विभाग है। इस वार्ड में नशा मुक्ति विभाग का वार्ड भी है। इसके शौचालय की तरफ बने दो कमरे को कब्जा कर अस्पतालकर्मी परिवार के साथ रह रहा है।

 

इमरजेंसी में बेड की संख्या कम

 

मरीजों के अनुपात के अनुसार इमरजेंसी में बेड की संख्या बहुत कम है। करीब 60 बेड ही इमरजेंसी में हैं। इस वार्ड में रोज 15 से 20 मरीज भर्ती होते हैं। बेडों की संख्या कम होने के कारण मरीजों का इलाज बरामदा और गलियारे में जमीन पर किया जाता है। अस्पताल प्रशासन चाहे तो जमीन पर इलाज करने की यह अव्यवस्था बंद हो सकती है। इमरजेंसी के ऊपर मानसिक वार्ड में इन मरीजों को शिफ्ट किया जा सकता है। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।

शौचालय को भी ले लिया है अपने कब्जे में

 

मानसिक विभाग में औसतन मरीजों की संख्या काफी कम है। लेकिन जितने भी मरीज भर्ती हैं उन्हें शौचालय जाने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। जहां पर इस विभाग का शौचालय है, उस रास्ते में ग्रिल में ताला जड़ा रहता है। जिस कर्मचारी ने कमरे में कब्जा जमा रखा है उसने ही अपने अंडर में शौचालय को ले रखा है।

 

मरीजों की सुनें

 

मानसिक विभाग में भर्ती मरीज श्याम सुंदर यादव ने कहा कि शौचालय जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। दिन में तो ग्रिल के बाहर तैनात गार्ड ताला खोल देते हैं, लेकिन रात में काफी परेशानी होती है। महिला मरीज कृष्णा देवी ने कहा कि कोई देखने वाला नहीं है। शौचालय जाने में काफी परेशानी होती है।

कोट एक कर्मचारी को रहने के लिए कहा गया है। फैमली को नहीं। फैमली क्वार्टर बना लिया है तो उसे खाली कराया जाएगा। कब्जा कर परिवार को रखता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।

 

-डॉ. आरसी मंडल, अधीक्षक, जेएलएनएमसीएच।

 

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