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14 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा नक्सली टाइगर, नाम पूछने पर मार देता था गोली

मदर इंडिया कंस्ट्रक्शन कंपनी के मैनेजर से दस करोड़ के काम के बदले पांच फीसद लेवी मांगने वाले हार्डकोर नक्सली अनिल यादव उर्फ टाइगर को पटना पुलिस ने धनरूआ से गिरफ्तार कर लिया है। इसके खिलाफ मसौढ़ी और धनरूआ थाना क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक हत्या समेत दो दर्जन से ज्यादा रंगदारी और लूट के मामले दर्ज हैं। पुलिस 14 वर्षों से टाइगर की तलाश में थी। टाइगर प्रतिबंधित नक्सली संगठन का सक्रिय सदस्य है। पुलिस ने तीन किलोमीटर तक पीछा कर उसे सोनमाई रोड स्थित चारपोलवा के पास एक बगीचे से दबोचा।

कंपनी के मैनेजर की शिकायत पर सक्रिय हुई पुलिस

धनरूआ और मसौढ़ी में मदर इंडिया कंस्ट्रक्शन कंपनी 10 करोड़ रुपए का ठेका मिला था। शनिवार को नक्सली अनिल टाइगर ने कंपनी के मैनेजर को पर्चा भेज कर दस करोड़ के काम के बदले पांच फीसद लेवी मांगी। लेवी नहीं देने पर गोलियों से भून देने की धमकी दी। कंपनी के मैनेजर ने एसएसपी मनु महाराज से इसकी लिखित शिकायत की। एसएसपी ने मसौढ़ी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई करने का आदेश दिया।

1993 में दिनदहाड़े हत्या कर किया था अपराध जगत में प्रवेश

धनरूआ के साकिन हुलासचक निवासी अनिल यादव का लंबा आपराधिक इतिहास है। अप्रैल 1993 में धनरूआ में दिनदहाड़े युवक की गोली मार हत्या कर दी थी। इसके बाद वह नक्सली संगठन में जुड़ गया। साल 1996 में फिर धनरूआ में हत्या में नामजद अभियुक्त बनाया गया। इस बीच एक दर्जन से अधिक लूट, मारपीट, रंगदारी के मामलों में उसका नाम आया।

धनरूआ और मसौढ़ी क्षेत्र के लोग अनिल यादव के नाम से खौफ खाते थे। पुलिस सरगर्मी से उसकी तलाश में जुट गई लेकिन उसे पकडऩा मुश्किल हो गया था। इसी बीच मार्च 1997 और जुलाई 1998 में उसके खिलाफ हत्या के दो और मामले दर्ज हो गए। हालांकि, इस बार अनिल को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मसौढ़ी जेल में रहने के दौरान वर्ष 2004 में अनिल ने पुलिस की 50 राउंड गोली चोरी कर ली।

छह साल बाद जेल से बाहर आते ही की थीं चार हत्याएं

जेल में करीब छह साल गुजारने के बाद वह वर्ष 2004 में बाहर आया और फिर नक्सली गतिविधियों में लिप्त हो गया। एक महीने में धनरूआ और मसौढ़ी में चार लोगों की हत्या कर वह फिर सुर्खियों में आ गया। वारदात दर वारदात के बाद संगठन के सदस्य इसे अनिल टाइगर के नाम से बुलाने लगे। इसके बाद उसने दो दर्जन से अधिक लूट और रंगदारी जैसी वारदातों को अंजाम दिया। तभी से पुलिस टाइगर की तलाश में जुटी थी।

लड़कों का अपहरण कर करवाई बेटी-भतीजी की शादी

धनरूआ और मसौढ़ी में टाइगर के नाम का इस कदर खौफ था कि उसकी इजाजत के बगैर गांव में कोई बाहरी व्यक्ति प्रवेश नहीं करता था। टाइगर ने दो लड़कों का अपहरण किया और उनकी शादी अपनी बड़ी बेटी व भतीजी से करा दी। हाल ही में एक और लड़के का अपहरण कर अपनी छोटी बेटी की शादी का प्रयास किया लेकिन पुलिस की सक्रियता से वह कामयाब नहीं हो सका।

एसएसपी के सामने आते ही कांपने लगा टाइगर

एक सप्ताह पूर्व मसौढ़ी बाजार में देर रात ऑटो चालक के साइड नहीं देने पर टाइगर ने उसे गोली मार दी थी। वजह सिर्फ यह कि ऑटो चालक ने रास्ता रोकने पर उसका नाम पूछ लिया था। नाम बताने के पहले उसने चालक के पेट में गोली मार दी, फिर नाम बताया। उधर मंगलवार को एसएसपी की पूछताछ के दौरान वह कांपते नजर आया।

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